जौनपुर। शिवरात्रि को लेकर शिव मंदिरों में साफ सफाई का काम शुरू हो गया है। शिवरात्रि पर दर्शन पूजन के लिए भक्तों को किसी तरह की परेशानी हो इसे देखते हुए पहले से तैयारी शुरू हो गई है। जिले में त्रिलोचन महादेव मंदिर, गौरीशंकर धाम सुजानगंज, दियावां नाथ महादेव, करसूल नाख महादेव मंदिर, साईंनाथ मंदिर शंभूगंज में शिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है। जलालपुर: त्रिलोचन महादेव मंदिर अटूट आस्था का केंद्र है। मंदिर का शिवलिंग स्वयंभू है। मंदिर के सामने पूरब दिशा में ऐतिहासिक कुंड है। जिसमें हमेशा जल रहता है। मान्यता है कि इस कुंड में स्नान करने से बुखार और चर्म रोगों से छुटकारा मिल जाता है। जिला मुख्यालय से 23 किलोमीटर दूर वाराणसी मार्ग पर स्थित शिवालय तक पहुंचने के लिए साधनों की कमी नहीं है। लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग के किनारे होने के कारण आवागमन की पर्याप्त सुविधा है। त्रिलोचन का प्राचीन व ऐतिहासिक शिव मंदिर अनेक ऐतिहासिक घटनाओं को समेटे हुए है। यहां के पुजारियों का कहना है कि तीसरी नेत्र खोलकर बाबा भोले शंकर ने यहीं पर भस्मासुर को भस्म किया था। यहां शिवलिंग नहीं है। अपितु उस पर पूरा चेहरा, आंख, मुंह, नाक आदि बना हुआ है। आज भी अर्घ में कपूर जलाने के बाद स्पस्ट तौर पर देखा जा सकता है। इस प्राचीन शिव मंदिर में शििविलिंग स्पष्ट रूप से उत्तर दिशा में पीछे झुका है। श्री गौरीशंकर महादेव सुजानगंज: मंदिर में श्रावण के महीने में लाखों की संख्या में कांवरिया व श्रद्धालु जलाभिषेक करने के लिए आते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में फोर्स की ब्यवस्था की जाती है। शिविरात्रि को लेकर मंदिर में तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर व धर्मशाला के साफ-सफाई का कार्य चल जोर-शोर से चल रहा है। श्रावण मास में जलाभिषेक के लिए मंदिर की साफ-सफाई और पूजन आरती के बाद मंदिर का कपाट भोर में तीन बजे से भक्तों के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे। साईनाथ मंदिर शंभूगंज: जौनपुर-लखनऊ मार्ग पर शंभूगंज बाजार से दक्षिण तरफ स्थित यह सभी के लिए आस्था और विश्वास का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में दर्शनार्थियों को भोलेनाथ का दर्शन व जलाभिषेक करने के लिए लोगों की भीड़ जुटती है। चार मार्च को शिवरात्रि है। ऐसे में मंदिर की साफ सफाई के साथ ही रंग रोगन लगाने का काम शुरू हो गया है। दियावांनाथ महादेव:मछलीशहर तहसील क्षेत्र के दियावां गांव के पास दियावांनाथ महादेव मंदिर पर शिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए क्षेत्रीय लोगों की भीड़ उमडती है। मंदिर की साफ सफाई के साथ परिसर में लगने वाले मेले की तैयारी शुरू हो गई है।