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मदद के एक-एक हजार के इंतजार में 55 हजार
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कोरोना की दूसरी लहर में योगी सरकार ने ठेला, खोमचा, पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, पंजीकृत श्रमिकों को एक-एक हजार रुपये की मदद राशि देने की घोषणा की थी। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी के निर्देश पर मई माह में आनन-फानन में जनपद से 55 हजार पात्रों की सूची तैयार की गई। लेकिन, आज तक किसी को एक रुपया भी नहीं मिला है।
मई माह में मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने 15 दिन में सभी पात्र व्यक्तियों का चिह्नीकरण, डाटा संकलन व वेबसाइट पर फीडिंग करने का निर्देश दिया था, ताकि समय से उनके बैंक खातों में धनराशि कोषागार से ई-कुबेर के माध्यम से भेजा जा सके। साथ ही जिन लाभार्थियों का बैंक खाता नहीं है, उनका बैंक खाता खुलवाने का निर्देश दिया था। इसके बाद जिले में डीएम मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता वाली कमेटी ने 55 हजार लोगों को योजना के तहत पात्र घोषित किया था। 30 जून तक सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई। पात्रों की सूची एडीएम के माध्यम से कोषागार में भेजी गई थी। इस सूची में श्रमिक, सभी पटरी, रेहड़ी दुकानदारों, रिक्शा व ई रिक्शा चालकों, धोबी व हलवाई आदि ऐसे लोगों का नाम शामिल है, जो रोज कमाकर खाने वाले थे। इन्हें योजना के तहत एक हजार रुपये भरण-पोषण भत्ता देने की योजना दिया जाना था। लेकिन, आज तक किसी को योजना का लाभ नहीं मिला है। इस संबंध में पूछे जाने पर एडीएम राम प्रकाश का कहना है 55 हजार लोगों की सूची तैयार की गई थी, जिसे कोषागर भेजा गया था। जहां से शासन से निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जानी थी, पैसा क्यों नहीं आया के बारे में कोषागार से ही पता लग सकता है।
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मई माह में मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने 15 दिन में सभी पात्र व्यक्तियों का चिह्नीकरण, डाटा संकलन व वेबसाइट पर फीडिंग करने का निर्देश दिया था, ताकि समय से उनके बैंक खातों में धनराशि कोषागार से ई-कुबेर के माध्यम से भेजा जा सके। साथ ही जिन लाभार्थियों का बैंक खाता नहीं है, उनका बैंक खाता खुलवाने का निर्देश दिया था। इसके बाद जिले में डीएम मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता वाली कमेटी ने 55 हजार लोगों को योजना के तहत पात्र घोषित किया था। 30 जून तक सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई। पात्रों की सूची एडीएम के माध्यम से कोषागार में भेजी गई थी। इस सूची में श्रमिक, सभी पटरी, रेहड़ी दुकानदारों, रिक्शा व ई रिक्शा चालकों, धोबी व हलवाई आदि ऐसे लोगों का नाम शामिल है, जो रोज कमाकर खाने वाले थे। इन्हें योजना के तहत एक हजार रुपये भरण-पोषण भत्ता देने की योजना दिया जाना था। लेकिन, आज तक किसी को योजना का लाभ नहीं मिला है। इस संबंध में पूछे जाने पर एडीएम राम प्रकाश का कहना है 55 हजार लोगों की सूची तैयार की गई थी, जिसे कोषागर भेजा गया था। जहां से शासन से निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जानी थी, पैसा क्यों नहीं आया के बारे में कोषागार से ही पता लग सकता है।
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