जौनपुर। जनपद को हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 52.98 लाख नए पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जहां एक ओर नई पौध तैयार करने के लिए विभाग युद्धस्तर पर जुटा है, वहीं दूसरी ओर पिछले वर्षों में लगाए गए लाखों पौधों के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। रखरखाव के अभाव में पुराने अभियान केवल कागजी साबित हो रहे हैं। इस वर्ष कुल 52,98,304 पौधे लगाने की जिम्मेदारी वन विभाग समेत अन्य विभागों को सौंपी गई है। अकेले वन विभाग 18 लाख पौधे लगाएगा, जबकि शेष 34.98 लाख पौधों का रोपण अन्य विभाग करेंगे। इसके लिए जिले की 38 नर्सरियों में जामुन, आम, कटहल और अर्जुन जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। प्रति नर्सरी डेढ़ से दो लाख पौधे उगाए जा रहे हैं। इस कार्य में बड़ी संख्या में महिला कामगार जुटी हैं। बीते वर्ष जिले में 54.95 लाख पौधे लगाए गए थे, लेकिन धरातल पर उनकी स्थिति दयनीय है। अधिसंख्य पौधे देखरेख और सिंचाई के अभाव में सूख चुके हैं। शासन द्वारा हर साल लाखों का बजट खर्च होने के बावजूद विभागों की लापरवाही से ''पौधरोपण अभियान'' महज एक औपचारिक आयोजन बनकर रह गया है। वन विभाग के अनुसार, अप्रैल-मई तक नर्सरियों में पौधे पूरी तरह तैयार हो जाएंगे, जिन्हें जुलाई-अगस्त के मानसून सत्र में रोपा जाएगा। अब देखना यह है कि इस बार विभाग केवल रिकॉर्ड बनाने के लिए पौधे लगाएगा या उनकी सुरक्षा की भी जिम्मेदारी उठाएगा।
ग्राम विकास विभाग 1952724, राजस्व विभाग 184000, पर्यावरण विभाग 234000, जलशक्ति विभाग 5000, नामामि गंगे एवं ग्रामीण जलपूर्ति विभाग 5000, पंचायतीराज विभाग 222000, आवास विकास 5000, औद्योगिक विकास विभाग 5000, नगर विकास विभाग 24000, लोक निर्माण विभाग 10000, रेशम विभाग 21000, कृषि विभाग 440000, पशुपालन विभाग 7000, सहकारिता विभाग 9800, उद्योग विभाग 9000, विद्युत विभाग 3780, माध्यमिक शिक्षा 193000, बेसिक शिक्षा विभाग 36000, प्राविधिक शिक्षा विभाग 5000, उच्च शिक्षा 19000, श्रम विभाग 2400, स्वास्थ्य विभाग 7000, परिवहन विभाग 2300, रेलवे विभाग 9000, रक्षा विभाग 4000, उद्यान विभाग 271000, पुलिस गृह विभाग 6300 और वन विभाग 1800000 पौधे लगाएगा।