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पासवर्ड पूछकर की साढ़े 32 हजार की ठगी
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Wed, 10 Dec 2014 12:37 AM IST
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मोबाइल पर केवाईसी लखनऊ का अधिकारी बनकर साइबर अपराधी ने एक अध्यापक के खाते से साढ़े 32 हजार रुपये की ठगी कर ली। बदलने के बहाने एटीएम कार्ड का नंबर और पासवर्ड पूछकर अध्यापक के खाते से कई बार में यह रकम निकाल ली गई।
भुक्तभोगी ने मामले की सूचना पुलिस को दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एटीएम कार्डधारकों को सावधान करने वाली खबर है। आपके के मोबाइल पर आने वाली कॉल सावधानी के अभाव में आर्थिक चपत लगा सकती है। आदर्श इंटर कॉलेज इटाएं के अध्यापक नागेश दुबे के साथ ऐसा ही वाकया हुआ। सोमवार को उनके मोबाइल पर एक फोन कॉल आई।
फोन करने वाले ने कहा कि मैं केवाईसी ऑफिस लखनऊ से बोल रहा हूं। आपका एटीएम कार्ड निरस्त हो गया है। अपना एटीएम कार्ड नंबर और पासवर्ड बताइए, दूसरा एलॉट कर दिया जाएगा। श्री दुबे ने पासवर्ड बता दिया। फोन करने वाले ने नंबर की दोबारा पुष्टि की।
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इसके बाद फोन कट गया। इसके बाद दुबे के मोबाइल पर रुपये निकासी के मैसेज आने का सिलसिला शुरू हुआ। एक के बाद एक 12 निकासी के एसएमएस आने के बाद उनके कान खड़े हो गए। जब तक वह बैंक और कोतवाली में भागदौड़ करते, तीन घंटे के अंतराल में उनके एकाउंट से 32599 रुपये निकल गए।
भुक्तभोगी के खाते में महज 137 रुपये 54 पैसे बचे। भुक्तभोगी का आरोप है कि संबंधित बैंक ने खाता बंद करने के नाम पर कुछ भी नहीं किया। उन्होंने मडि़याहूं कोतवाली में मामले की तहरीर दे दी है। पुलिस ने जांच कराकर मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है। आशंका जताई जा रही है कि फोन करने वाले ने ऑनलाइन परचेजिंग के जरिए अध्यापक के साथ ठगी कर ली।
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भुक्तभोगी ने मामले की सूचना पुलिस को दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एटीएम कार्डधारकों को सावधान करने वाली खबर है। आपके के मोबाइल पर आने वाली कॉल सावधानी के अभाव में आर्थिक चपत लगा सकती है। आदर्श इंटर कॉलेज इटाएं के अध्यापक नागेश दुबे के साथ ऐसा ही वाकया हुआ। सोमवार को उनके मोबाइल पर एक फोन कॉल आई।
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फोन करने वाले ने कहा कि मैं केवाईसी ऑफिस लखनऊ से बोल रहा हूं। आपका एटीएम कार्ड निरस्त हो गया है। अपना एटीएम कार्ड नंबर और पासवर्ड बताइए, दूसरा एलॉट कर दिया जाएगा। श्री दुबे ने पासवर्ड बता दिया। फोन करने वाले ने नंबर की दोबारा पुष्टि की।
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इसके बाद फोन कट गया। इसके बाद दुबे के मोबाइल पर रुपये निकासी के मैसेज आने का सिलसिला शुरू हुआ। एक के बाद एक 12 निकासी के एसएमएस आने के बाद उनके कान खड़े हो गए। जब तक वह बैंक और कोतवाली में भागदौड़ करते, तीन घंटे के अंतराल में उनके एकाउंट से 32599 रुपये निकल गए।
भुक्तभोगी के खाते में महज 137 रुपये 54 पैसे बचे। भुक्तभोगी का आरोप है कि संबंधित बैंक ने खाता बंद करने के नाम पर कुछ भी नहीं किया। उन्होंने मडि़याहूं कोतवाली में मामले की तहरीर दे दी है। पुलिस ने जांच कराकर मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है। आशंका जताई जा रही है कि फोन करने वाले ने ऑनलाइन परचेजिंग के जरिए अध्यापक के साथ ठगी कर ली।