{"_id":"5c925888bdec222dc913014d","slug":"201553094792-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"होलिका का दहन, शुरू हुआ जोगीरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होलिका का दहन, शुरू हुआ जोगीरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर। होलिकोत्सव बुधवार को शुरू हो गया। जिले में 3006 स्थानों पर विधि विधान से होलिका जलाई गई। इसके साथ ही रंगों की बरसात शुरू हो गई। जफराबाद क्षेत्र के भुवालापट्टी गांव के हरसिंह पट्टी में सारनाथ पटेल के दरवाजे से उखाड़कर फेंकने पर तनाव पैदा हो गया था। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर रात आठ बजे के बाद होलिका जलवाई। जिले के 130 संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। बदलापुर में हुए बवाल को देखते हुए सीआईएसएफ और पीएसी के जवान लगाए गए थे। जिले के सभी सीओ और एसओ भ्रमण पर रहे। डीएम अरविंद मलल्ला बंगारी और एसपी आशीष तिवारी भी शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक भ्रमण करते रहे।
होलिका जलाने को लेकर जगह-जगह रेड़ का पेड़ गाड़ करके होलिका का रूप दिया गया था। अबीर, गुलाल, रोली, रक्षा, बताशा, अगरबत्ती, धूपबत्ती, माला, फूल आदि से होलिका के समक्ष पूजन-अर्चन कर जिसके बाद मुहूर्त के अनुसार होलिका में आग लगाई गई। साथ ही जोगीरा का दौर भी शुरू हो गया जो देर रात तक चलता रहा। मान्यता है कि होली के एक दिन पहले होलिकोत्सव मनाई जाती है जो अनादिकाल की परंपरा है। इस मौके पर जहां लोग होलिका के चारों ओर चक्कर लगाते हुए जोगीरा करते हैं, वहीं ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से बजने वाली फागुनी गीतों पर नृत्य आदि का माहौल होता है। होलिका में आग लगने के बाद से ही रंग खेलने का दौर शुरू हो गया। जिसका सबसे ज्यादा आनन्द छोटे बच्चे एवं युवा लिए। शहर के नखास, ओलंदगंज, विसर्जन घाट, जोगियापुर, लाइन बाजार, पालिटेक्निक, चहारसू, कोतवाली चौराहा, सुतहट्टी चौराहा, भंडारी रेलवे स्टेशन, सिपाह, मानिक चौक, अम्बेडकर तिराहा, खासनपुर, ईशापुर, जहांगीराबाद सहित अन्य जगहों पर होलिकोत्सव के साथ होली की शुरूआत की गई। जिले के सभी होलिका दहन के स्थानों पर पुलिस फोर्स लगाई गई थी। एसपी आशीष तिवारी ने कहा कि सभी एसओ को भ्रमण के लिए निर्देशित किया गया है। होली के दिन खासतौर पर सतर्कता बरती जाएगी। होटलों की चेकिंग होगी। तीन सवारी और शराबी पीकर उधम मचाने वालों पर पुलिस की नजर रहेगी। क्यूआरटी भी तैनात कर दी गई है। डीजे पर भी सख्ती रहेगी।
विज्ञापन
होलिका जलाने को लेकर जगह-जगह रेड़ का पेड़ गाड़ करके होलिका का रूप दिया गया था। अबीर, गुलाल, रोली, रक्षा, बताशा, अगरबत्ती, धूपबत्ती, माला, फूल आदि से होलिका के समक्ष पूजन-अर्चन कर जिसके बाद मुहूर्त के अनुसार होलिका में आग लगाई गई। साथ ही जोगीरा का दौर भी शुरू हो गया जो देर रात तक चलता रहा। मान्यता है कि होली के एक दिन पहले होलिकोत्सव मनाई जाती है जो अनादिकाल की परंपरा है। इस मौके पर जहां लोग होलिका के चारों ओर चक्कर लगाते हुए जोगीरा करते हैं, वहीं ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से बजने वाली फागुनी गीतों पर नृत्य आदि का माहौल होता है। होलिका में आग लगने के बाद से ही रंग खेलने का दौर शुरू हो गया। जिसका सबसे ज्यादा आनन्द छोटे बच्चे एवं युवा लिए। शहर के नखास, ओलंदगंज, विसर्जन घाट, जोगियापुर, लाइन बाजार, पालिटेक्निक, चहारसू, कोतवाली चौराहा, सुतहट्टी चौराहा, भंडारी रेलवे स्टेशन, सिपाह, मानिक चौक, अम्बेडकर तिराहा, खासनपुर, ईशापुर, जहांगीराबाद सहित अन्य जगहों पर होलिकोत्सव के साथ होली की शुरूआत की गई। जिले के सभी होलिका दहन के स्थानों पर पुलिस फोर्स लगाई गई थी। एसपी आशीष तिवारी ने कहा कि सभी एसओ को भ्रमण के लिए निर्देशित किया गया है। होली के दिन खासतौर पर सतर्कता बरती जाएगी। होटलों की चेकिंग होगी। तीन सवारी और शराबी पीकर उधम मचाने वालों पर पुलिस की नजर रहेगी। क्यूआरटी भी तैनात कर दी गई है। डीजे पर भी सख्ती रहेगी।
विज्ञापन