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सांसद आदर्श गांव की थोड़ी सी बदली सूरत , बहुत कुछ बाकी

Mon, 04 Mar 2019 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 04 Mar 2019 11:27 PM IST
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सांसद आदर्श गांव की थोड़ी सी बदली सूरत , बहुत कुछ बाकी

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केराकत। मछलीशहर के सांसद रामचरित्र निषाद ने वर्ष 2017 के मई माह में केराकत के सरौनी पूरबपट्टी गांव को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने के लिए गोद लिया था। उस समय गांव वालों ने खुशी मनाई थी। एक साल दस महीने बाद भी सांसद का यह गांव आदर्श बनना तो दूर इसकी सूरत तक नहीं बदली। जिले के तमाम गांव ओडीएफ हो चुके हैं लेकिन यहां 350 घरों में शौचालय ही नहीं है। पेंशन की अर्जी लगाकर 98 लोग इंतजार कर रहे हैं और सड़क तो ऐसी की चलना दूभर है।
सरौनी पूरबपट्टी गांव को सांसद रामचरित्र निषाद ने गोद लिया तो लोगों को उम्मीद थी कि सरकार की सारी योजनाओं से गांव संतृप्त हो जाएगा लेकिन पौने दो साल बाद भी ऐसा नही ंहो सका। 557 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले इस गांव में 838 परिवार रहते हैं। गांव की कुल आबादी 8250 है। गांव में 24 लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत 145 परिवारों में शौचालयों का निर्माण कराया गया है। 12 विधवा, 9 वृद्धा और 5 विकलांग समेत 26 लोगों को पेंशन का लाभ मिल रहा है। मगर यह सब नाकाफी है। ग्राम प्रधान लीलावती देवी का कहना है कि गांव में 150 लोग ऐसे हैं, जिन प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल जाना चाहिए। इसके अलावा 350 घरों में शौचालय नहीं है। गांव में 40 ऐसी महिलाएं हैं, जिनके पति नहीं है। वे पेंशन की हकदार हैं। 50 वृद्धा और आठ विकलांग भी पेंशन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होेंने आवेदन भी किया है लेकिन योजना का लाभ नहीं मिल सका है। गांव में कुल 10 पुरवे हैं। उम्मीद थी कि सांसद आदर्श गांव बनने के बाद उनको सड़क से जोड़ा जा सकेगा लेकिन बलुआ पुरवा को छोड़कर कहीं पक्की सड़क नहीं बनी। नयकान और समोगर पुरवे को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग के बीच में नाला है लेकिन उस पर पुलिया नहीं बन सकी है। बारिश में दोनों पुरवों का सम्पर्क टूट जाता है। गांव के नयकान पुरवे की पुरानी पक्की सड़क जर्जर हो चुकी है। उस पर चलना दुश्वार है। सड़क पर बड़े गड्ढे बन गए हैं। शहाबुद्दीनपुर से नयकान को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत के लिए कई बार मांग की गई लेकिन कुछ नहीं हुआ। जल निकासी के लिए नाली निर्माण की व्यवस्था न होने के चलते बारिश में रास्तों पर जलजमाव होता है जिससे परेशानी होती है।
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सरौनीपूरब पट्टी गांव निवासी जयप्रकाश राजेश यादव, बब्लू गिरी और बाबू राम नागर कहते हैं कि वर्ष 2017 में जब सांसद ने जब गांव को गोद लेने का एलान किया तो गांव के लोगों उत्साह था। उम्मीद जगी थी कि गांव की सूरत बदल जाएगी। धरातल पर ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। इसी गांव निवासी राम लखन, अवधेश सिंह, अमल सरोज कहते हैं कि गड्ढे में तब्दील हो चुकी पुरानी सड़क की मरम्मत कराने के लिए सांसद से कई बार शिकायत की गई लेकिन शिकायतों का कोई असर नहीं हुआ। गांव निवासी राम आसरे, कल्लू गिरी और लौटू राम का कहना है कि बारिश के समय में जब कोई बस्ती में बीमार पड़ता है तो उसे चारपाई पर लिटाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। कच्चे संपर्क मार्ग पर पानी भरा रहता है जिससे वाहन नहीं आ सकते।
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सांसद बोले
आदर्श गांव के लिए अलग से कोई फंड नहीं होता। गांव का विद्युतीकरण करवाया गया है, एक सड़क का निर्माण, पांच सोलर लाइटें और चार हैंडपंप अपनी निधि से लगवाया है। जल निगम की टंकी का शिलान्यास किया गाय है। शौचालय, आवास और पेंशन योजना की तो यह सब काम ग्राम प्रधान को कराना है। इसके लिए बीडीओ से कहा गाय है कि गांव में जो भी शासकीय योजनाओं के पात्र हो उसे उसका लाभ जल्द दिलाया जाए।-रामचरित्र निषाद, सांसद मछलीशहर
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