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चारों तरफ से घिरे शहर में ओवरब्रिज नहीं होना है बड़ा मुद्दा

Thu, 14 Mar 2019 12:18 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 14 Mar 2019 12:18 AM IST
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चारों तरफ से घिरे शहर में ओवरब्रिज नहीं होना है बड़ा मुद्दा

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लोकसभा चुनाव 2019 से पहले वोटरों का मूड जानने के लिए अमर उजाला की डिजिटल टीम बुधवार को जौनपुर पहुंची। जहां चहारसू स्थित चाय दुकानों पर लोगों से विकास के मुद्दों पर बातचीत किया। दोपहर में टीडी कालेज गेट पर नए वोटरों और युवाओं से चुनाव को लेकर उनकी सोच और मुद्दे पूछा। महिलाओं से उनकी सुरक्षा और लोकतंत्र पर्व में भागीदारी पर सवाल किया और शाम को गोमती नदी के गोपी घाट पर महासंग्राम में लोगों से कैसा प्रतिनिधि चाहते हैं और जनप्रतिनिधियों ने क्या विकास किया, पर बातचीत की। परिचर्चा के दौरान सांसद द्वारा कराए गए कार्यों पर लोगों ने असंतोष जताया। कुछ लोगों ने ऐतिहासिक धरोहरों को संजोए रखने की बात उठाई। क्रासिंग पर ओवरब्रिज, ट्रैफिक जाम और गोमती नदी के प्रदूषण का मामला भी उठा।

ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की जरूरत
जौनपुर। जिले के ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण जरूरी है। साथ ही पर्यटन का विकास किया जाना चाहिए। यह मुद्दा बुधवार को गोमती नदी के गोपी घाट पर अमर उजाला टीवी के लोकसभा चुनाव 2019 महासंग्राम में चर्चा के दौरान सामने आया। कांग्रेस ने जहां सतहरिया में औद्योगिक आस्थान की बदहाली का मुद्दा उठाया तो समाजवादी पार्टी ने मेडिकल कालेज निर्माण में देर को। व्यापारी नेताओं ने जीएसटी और नोटबंदी से उत्पन्न हुई चुनौतियों को उठाया तो भाजपा नेताओं ने कह कि आज देश की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है।
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साहित्यकार डा. ब्रजेश कुमार यदुवंशी ने कहा कि शहर का सबसे बड़ा मुद्दा ओवरब्रिज है। विगत कई सालों से यह मुद्दा सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गया है। उन्होंने कहा कि जौनपुर में ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने का कोई प्रयास नहीं हो रहा है। यह धरोहर जिले की पहचान है। इन्हें संरक्षित और सुरक्षित करने के प्रयास होने चाहिए। दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता सुबाष शुक्ला ने कहा कि चुनाव में मुद्दे आते हैं और फिर गौड़ हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव आता है। मुंबई से तथाकथित लोग आकर आयोजनों और समारोहों में रूपए लूटाकर नेता और समाजसेवी बन जाते हैं। अपने को जनता का रहनुमा बताते हैं। ऐसे लोगों को जनता नकार चुकी है। कांग्रेस अल्पसंख्यक सभा के प्रांतीय नेता फैसल हसन तबरेज ने कहा कि 1989 के बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं है। राजीव गांधी ने सतहरिया में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए इंड्रस्टीयल स्टेट स्थापित किया था। लेकिन इसके तरफ प्रदेश सरकार का ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि कताई बंद कर मेडिकल कालेज का निर्माण कराया गया। 1200 मजदूर बेरोजगार हो गए। उन्हें कोई पूछने वाला नहीं है। शहर में लग रहे नीले और हरे कूड़ेदान को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाया। कहा कि माननीयों के कहने पर नगर पालिका का पैसा डूडा में चला जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राजन यादव ने कहा कि मेडिकल कालेज निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने धन नहीं दिया। जिससे ओपीडी शुरू नहीं हो पाई है। सपा के प्रवक्ता राहुल त्रिपाठी ने कहा कि देश के पीएम को जनमानस कोस रहा है। देश की सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष गौतम गुप्ता ने कहा कि देश का विकास हुआ है। सुरक्षा के मसले पर पूर्ववर्ती सरकारों ने आंखें बंद कर लिया था। लेकिन देश के पीएम मोदी ने सेना का मनोबल बढ़ाया है। हम देशवासी उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि देश के सवाल पर जनता मोदी के साथ है। युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सत्यवीर सिंह ने कहा कि काले धन, बिजली, व्यापार, रोजगार पर बात होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सेना सबकी है। सेना के कार्य पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। लेकिन इसका राजनैतिक लाभ भी नहीं लेना चाहिए। व्यापार मंडल के महामंत्री आरिफ हबीब ने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी से व्यापारियों की कमर टूट गई है। नगर अध्यक्ष घनश्याम साहू ने भी सवाल उठाया कि प्रदेश सरकार व्यापारियों की हितैषी नहीं है। पूर्व सैनिक एसएन सिंह, विकास अग्रहरी, विवेकानंद चतुर्वेदी, धीरेंद्र तिवारी, मुकेश सोनी आदि ने भी अपनी बातें रखी।
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