फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   गोशाला में रखे गए मवेशियों को दो दिन से नहीं मिला चारा

गोशाला में रखे गए मवेशियों को दो दिन से नहीं मिला चारा

Tue, 22 Jan 2019 12:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jan 2019 12:27 AM IST
विज्ञापन
गोशाला में रखे गए मवेशियों को दो दिन से नहीं मिला चारा
मछलीशहर। नगर से सटे सराययुसुफ़ गांव में बने अस्थाई गोशाला में रखे गए 35 छुट्टा पशुओं को न तो छत मयस्सर हुई है और न तो दो दिन से चारा ही मिल पा रहा है। जिम्मेदार चारा के लिए कोई बजट नहीं होने की बात करते हुए अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। शासन के निर्देश पर सवा करोड़ की लागत से जहां निजामुद्दीनपुर गांव में अस्थाई गौशाला का निर्माण किया जा रहा है, वही जीर्ण शीर्ण पड़ी सराययुसुफ़ की गोशाला का जीर्णोद्धार करके नगर व आसपास के घूम रहे छुट्टा पशुओं को उसमें रखा गया है।
विज्ञापन

उपजिलाधिकारी जेएन सचान ने गांव में ग्रामीणों के साथ मीटिंग करके शुरुआत में चारे की व्यवस्था करवाई थी। जानवरों की देखरेख करने वाले पारसनाथ यादव और बृजश्याम का कहना है कि 35 छुट्टा पशु गोशाला में रखे गए हैं। जिनके लिए जनसहयोग से मिला पुआल दो तीन दिन में ही खत्म हो गया। इधर दो दिन से जानवर भूखे ही पड़े हैं। सभासद, खण्ड विकास अधिकारी और अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत को जनसहयोग से चारा की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी जिलाधिकारी द्वारा बैठक में सौपी गयी थी। मगर किसी के भी द्वारा चारा का इंतजाम नहीं किया गया है। सेवकों का कहना है कि यदि जिम्मेदार लोगों द्वारा चारे की व्यवस्था नहीं की गई तो जानवरों को अस्थाई गोशाला से बाहर निकाल दिया जाएगा।
विज्ञापन



बरसठी। किसानों की फसल बर्बाद होनेे से उनमें आक्रोश बढ़ रहा है। सोमवार को खरगापुर (खोइरी) गांव के किसानों ने 12-14 पशुओं को पकड़कर प्राथमिक विद्यालय में कैद कर दिया। ग्राम प्रधान व सूचना पर पहुंची पुलिस के समझाने पर पशुओं को छोड़ा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सोमवार की सुबह जब प्रधानाध्यापक सुभाष चंद्र यादव विद्यालय पहुंच तो देखा कि विद्यालय परिसर में पशु कैद किए गए हैं। तो उन्होंने इसकी सूचना बीआरसी आनंद वर्मा और पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों से पशुओं को छोड़ने के लिए लेकिन वह नहीं माने। उनका कहना था कि जब तक प्रशासन द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की जाती तब पशुओं को नहीं छोड़ा जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि मवेशी झुंड में आकर मेहनत से फसल उगाते हैं लेकिन छुट्टा पशु आकर फसल को नष्ट कर दे रहे हैं। इन पशुओं से निजात के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। करीब दो घंटे तक पठन-पाठन बाधित रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed