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सप्ताहभर बाद भी नहीं बदले जा रहे ट्रांसफार्मर
Updated Sun, 16 Dec 2018 12:20 AM IST
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जौनपुर। दो दिन के भीतर बिजली के खराब ट्रांसफार्मर बदले जाने की व्यवस्था पर अमल नहीं हो पा रहा है। हालात यह हैं कि सप्ताह भर बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं बदले जा रहे हैं। जिले में आए दिन ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। मौजूदा समय में अलग अलग इलाकों में 50 से अधिक ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं। ट्रांसफार्मर फुंकने की अधिकतर घटनाएं ओवरलोड के चलते हो रही हैं। इस समय गेहूं की पहली सिंचाई का काम शुरू हो गया है जिससे ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ गया है।
प्रदेश सरकार ने फरमान जारी किया था कि अब शहरी इलाके में ट्रांसफार्मर फुंकने के 24 घंटे में और ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफार्मर फुंकने पर 48 घंटे के भीतर बदल दिया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ताओं को सिर्फ बिजली विभाग के कार्यालय में या फिर टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करानी होगी। शिकायत मिलने पर बिजली विभाग के कर्मचरी खुद मोबाइल वैन से नया ट्रांसफार्मर लेकर संबंधित स्थान पर पहुंच जाएंगे और वहां नया ट्रांसफार्मर लगाकर पुराना लेकर चले जाएंगे। इसके लिए उपभोक्ताओं को किसी को एक पैसा भी नहीं देना होगा। सरकार के इस फरमान के बाद उपभोक्ताओं को काफी राहत की उम्मीद बंधी थी। लेकिन ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद उसे बदलने के लिए कोई खास परिवर्तन नहीं हो सका है। अज भी ट्रांसफार्मर बदलने के लिए लोगों को न सिर्फ विभाग का चक्कर लगाना पड़ रहा है बल्कि कई कई दिन तक इंतजार भी करना पड़ रहा है। जिले में कुल 5 लाख 2 हजार उपभोक्ता हैं। बिजली सप्लाई के लिए कुल 30 हजार ट्रांसफार्मर लगे हैं। ओवरलोड के चलते प्रतिदिन चार से पांच ट्रांसफार्मर फुंकते हैं। जिले के सैदनपुर गांव में लगा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर बीते सोमवार से फुंका पड़ा है। गांव के किसान रामधनी मौर्य कहते हैं कि गेहूं की पहली सिंचाई का सही समय 22 दिन होता है। लेकिन 16 नवंबर को गेंहूं की बुवाई की थी। एक महीना पूरा हो गया पर सिंचाई अभी नहीं हो सकी है। रामपुर विकास खंड के गंधौना, कुत्तूपुर, समौपुर आदि गांवों में भी 25 और 63 केवीए के ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं।
निर्धारित समय के भीतर ट्रांसफार्मर बदलने के लिए निर्देश दिए गए हैं। स्टोर में भी पर्याप्त ट्रांसफार्मर उपलब्ध हैं। ट्रांसफार्मर बदलने के लिए उपभोक्ताओं को किसी को कोई शुल्क नहीं देना है।
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केके मिश्र
अधीक्षण अभियंता विद्युत
प्रदेश सरकार ने फरमान जारी किया था कि अब शहरी इलाके में ट्रांसफार्मर फुंकने के 24 घंटे में और ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफार्मर फुंकने पर 48 घंटे के भीतर बदल दिया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ताओं को सिर्फ बिजली विभाग के कार्यालय में या फिर टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करानी होगी। शिकायत मिलने पर बिजली विभाग के कर्मचरी खुद मोबाइल वैन से नया ट्रांसफार्मर लेकर संबंधित स्थान पर पहुंच जाएंगे और वहां नया ट्रांसफार्मर लगाकर पुराना लेकर चले जाएंगे। इसके लिए उपभोक्ताओं को किसी को एक पैसा भी नहीं देना होगा। सरकार के इस फरमान के बाद उपभोक्ताओं को काफी राहत की उम्मीद बंधी थी। लेकिन ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद उसे बदलने के लिए कोई खास परिवर्तन नहीं हो सका है। अज भी ट्रांसफार्मर बदलने के लिए लोगों को न सिर्फ विभाग का चक्कर लगाना पड़ रहा है बल्कि कई कई दिन तक इंतजार भी करना पड़ रहा है। जिले में कुल 5 लाख 2 हजार उपभोक्ता हैं। बिजली सप्लाई के लिए कुल 30 हजार ट्रांसफार्मर लगे हैं। ओवरलोड के चलते प्रतिदिन चार से पांच ट्रांसफार्मर फुंकते हैं। जिले के सैदनपुर गांव में लगा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर बीते सोमवार से फुंका पड़ा है। गांव के किसान रामधनी मौर्य कहते हैं कि गेहूं की पहली सिंचाई का सही समय 22 दिन होता है। लेकिन 16 नवंबर को गेंहूं की बुवाई की थी। एक महीना पूरा हो गया पर सिंचाई अभी नहीं हो सकी है। रामपुर विकास खंड के गंधौना, कुत्तूपुर, समौपुर आदि गांवों में भी 25 और 63 केवीए के ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं।
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निर्धारित समय के भीतर ट्रांसफार्मर बदलने के लिए निर्देश दिए गए हैं। स्टोर में भी पर्याप्त ट्रांसफार्मर उपलब्ध हैं। ट्रांसफार्मर बदलने के लिए उपभोक्ताओं को किसी को कोई शुल्क नहीं देना है।
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अधीक्षण अभियंता विद्युत