{"_id":"5be2f454bdec2269a7716d7d","slug":"15416002956-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब बड़े साहब आयें तो पटाखों पर चद्दर डाल देना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जब बड़े साहब आयें तो पटाखों पर चद्दर डाल देना
Updated Wed, 07 Nov 2018 08:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बरईपार। घनी आबादी के बीच पटाखों की दुकान लगाने पर सख्त मनाही के बाद भी बाजारों में भीड़भाड़ वाले इलाकों में धड़ल्ले से पटाखों की दुकानें खुली रही। बिना लाइसेेंस की ये दुकानें पुलिस के संरक्षण में संचालित की गी।
बरईपार, मछलीशहर, सुजानगज, महराजगंज, बदलापुर, नौपेड़वा, खुटहन, शाहगंज, मडिय़ाहूं. केराकत आदि प्रमुख बाजारों में पटाखों की दूकाने सुबह से ही सज गई थी। रोक के बाद भी घनी आबादी के बीच पटाखों की दूकाने खोलने पर पटाखा कारोबारियों से जमकर वसूली की गई। नाम न छापने की शर्त पर दूकानदार ने बताया कि कुछ सिपाहियों ने कहा है कि बड़े साहब जब आएंगे तो पटाखों पर चादर फैला देना। पूछेंगे तो बोल देने कि सर्फ मोमबत्ती बेच रहे हैं। बाकी हम देखे लेंगे।
बरईपार, मछलीशहर, सुजानगज, महराजगंज, बदलापुर, नौपेड़वा, खुटहन, शाहगंज, मडिय़ाहूं. केराकत आदि प्रमुख बाजारों में पटाखों की दूकाने सुबह से ही सज गई थी। रोक के बाद भी घनी आबादी के बीच पटाखों की दूकाने खोलने पर पटाखा कारोबारियों से जमकर वसूली की गई। नाम न छापने की शर्त पर दूकानदार ने बताया कि कुछ सिपाहियों ने कहा है कि बड़े साहब जब आएंगे तो पटाखों पर चादर फैला देना। पूछेंगे तो बोल देने कि सर्फ मोमबत्ती बेच रहे हैं। बाकी हम देखे लेंगे।
विज्ञापन