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मरीज की जांच से पहले हो पैथोलाजी की जांच

Thu, 01 Nov 2018 01:08 AM IST
Updated Thu, 01 Nov 2018 01:08 AM IST
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मरीज की जांच से पहले हो पैथोलाजी की जांच
जौनपुर। जिला चिकित्सालय की पैथोलॉजी में एक घंटे के भीतर एक ही व्यक्ति की खून की जांच में दो अलग-अलग रिपोर्ट मिली। मरीज की रिपोर्ट देखकर डॉक्टर भी हैरत में पड़ गए। मामले की सूचना के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पैथोलॉजी की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया है।
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सुजानगंज विकास खंड के सोनहिता गांव निवासी 27 वर्षीय अरुण कुमार वायरल फीवर से पीड़ित थे। इलाज के लिए उन्होंने 11 अक्तूबर को जिला अस्पताल की ओपीडी में दिखाया। डॉक्टर के निर्देश पर अरुण खून की जांच कराकर वापस पहुंचे तो वह चैंबर से जा चुके थे। उन्होंने दूसरे डॉक्टर को दिखाने के लिए दूसरा पर्चा बनवा लिया। दूसरे डॉक्टर ने भी खून की जांच लिख दी। मरीज दोबारा पैथोलॉजी पहुंच गया और फिर से खून का सैंपल दे दिया। एक घंटे के बाद दूसरी रिपोर्ट भी आ गई। पहले पर्चे पर क्रम संख्या 239251 पर रजिस्ट्रेशन हुआ था जबकि दूसरे पर्चे पर क्रम संख्या 239458 पर रजिस्ट्रेशन हुआ। पहले पर्चे पर की गई खून की जांच में उनका प्लेटलेट्स 2.40 लाख है जबकि एक घंटे बाद हुई जांच में प्लेटलेट्स 2.75 लाख हो गया। पहली जांच में हीमोग्लोबीन 11.7 और दूसरी जांच में 14.7 है। इसी प्रकार पहली जांच में स्नोफीलिया 10.1 है जबकि दूसरी जांच में स्नोफीलिया घटकर 7.4 हो गई। इसी तरह विडाल, यूरिया, यूरिक एसिड समेत कई अन्य की रिपोर्ट में अंतर है।
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मरीज अरुण कुमार ने बताया कि डाक्टर के पास गए तो एक घंटे के अंतराल में दो रिपोर्ट में इतना अंतर देख डॉक्टर भी हैरान हो गए। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके पांडेय का कहना है उनसे लिखित रूप से किसी ने शिकायत अभी तक नहीं की है।
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इनसेट
प्राइवेट संस्था के कर्मचारी करते हैं जांच
जौनपुर। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी संचालन की जिम्मेदारी प्राइवेट संस्था सीओसीटी को दी गई है। पैथोलॉजी में काम करने वाली कर्मचारियों की तैनाती सीओसीटी संस्था ने ही की है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों की शैक्षिक योग्यता और उनका अनुभव क्या है इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन को नहीं है।

कोट:
एक ही मरीज की खून की अलग अलग रिपोर्ट की मौखिक शिकायत मिली है। सीएमएस को निर्देश दिए हैं कि वह पैथोलॉजी में काम करने वालों की शैक्षिक योग्यता जांच लें और बीच-बीच में खुद पैथोलॉजी से तैयार हो रही रिपोर्ट की जांच करते रहें।
डा. रामजी पांडेय, सीएमओ
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