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विसर्जन कुंड में नगर पालिका ने छोड़ दिया मलबा
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:36 AM IST
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जौनपुर। प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद प्रशासन ने विसर्जन कुंड की सफाई नहीं कराई है। कुंड में सड़न और गंदगी से आसपास के इलाकों में दुर्गंध फैल रही है। इसके असर से नदी प्रदूषित हो रही है क्योंकि नगर पालिका ने कुंड में सिंथेटिक लेयर नहीं लगाई गई है। स्वच्छ गोमती अभियान ने इस पर नाराजगी जताई है।
नियम है कि विसर्जन कुंड में दुर्गा प्रतिमाएं विसर्जित होने के 48 घंटे बाद मलबा हटाकर फेंक दिया जाए। जिससे नदी का पानी प्रदूषित न हो सके। ऐसा निर्देश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हाईकोर्ट का है। न्यायालय के आदेश के बावजूद भी नगर पालिका ने विसर्जन कुंड में सिंथेटिक लेयर नहीं लगाया। जिसकी वजह से मूर्तियों का केमिकल नदी में अवशोषित हो गया। 19 अक्टूबर को मूर्तियां विसर्जित हुई जिसका मलबा 21 तक हट जाना चाहिए। लेकिन नगर पालिका ने 23 अक्टूबर तक पूरा मलबा नहीं हटाया। जिसकी वजह से सड़न और बदबू से लोग परेशान हैं। स्वच्छ गोमती अभियान के कार्यकर्ताओं ने इस बात पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों का माखौल जिले भर में उड़ाया गया। सात स्थानों पर मूर्तियों का विसर्जन हुआ लेकिन कहीं भी सिंथेटिक लेयर पानी भरने से पूर्व नहीं लगाया गया। जिसकी वजह से नदियां और नहरें प्रदूषित हो रही हैं। नगर पालिका परिषद जौनपुर के अधिशासी अधिकारी कृष्ण चंद्र का कहना है कि कई दिनों तक मूर्तियां विसर्जित हुई। मलबा हटाया जा रहा है।
नियम है कि विसर्जन कुंड में दुर्गा प्रतिमाएं विसर्जित होने के 48 घंटे बाद मलबा हटाकर फेंक दिया जाए। जिससे नदी का पानी प्रदूषित न हो सके। ऐसा निर्देश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हाईकोर्ट का है। न्यायालय के आदेश के बावजूद भी नगर पालिका ने विसर्जन कुंड में सिंथेटिक लेयर नहीं लगाया। जिसकी वजह से मूर्तियों का केमिकल नदी में अवशोषित हो गया। 19 अक्टूबर को मूर्तियां विसर्जित हुई जिसका मलबा 21 तक हट जाना चाहिए। लेकिन नगर पालिका ने 23 अक्टूबर तक पूरा मलबा नहीं हटाया। जिसकी वजह से सड़न और बदबू से लोग परेशान हैं। स्वच्छ गोमती अभियान के कार्यकर्ताओं ने इस बात पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों का माखौल जिले भर में उड़ाया गया। सात स्थानों पर मूर्तियों का विसर्जन हुआ लेकिन कहीं भी सिंथेटिक लेयर पानी भरने से पूर्व नहीं लगाया गया। जिसकी वजह से नदियां और नहरें प्रदूषित हो रही हैं। नगर पालिका परिषद जौनपुर के अधिशासी अधिकारी कृष्ण चंद्र का कहना है कि कई दिनों तक मूर्तियां विसर्जित हुई। मलबा हटाया जा रहा है।
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