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पिछले दो वितीय वर्ष के नहीं बन पाएं हैं 507 आवास
Updated Thu, 18 Oct 2018 01:11 AM IST
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जौनपुर। पिछले दो वित्तीय वर्ष के प्रधानमंत्री आवास के अपात्र पाए गए सभी लाभार्थियों से अभी तक आवास के धनराशि की रिकवरी नहीं की जा सकी है। जबकि चालू वित्तीय वर्ष के साढ़े छह माह बीत चुके हैं। विभाग द्वारा अभी तक मात्र 150 अपात्रों से ही आवास के धनराशि की रिकवरी की गई है। अभी भी 156 अपात्रों से आवास की धनराशि की रिकवारी किया जाना बाकी है। वहीं अभी 507 आवास भी नहीं बन पाए है।
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 में कुल 20 हजार 88 आवास बनाए जाने थे। इसके लिए लाभार्थियों का चयन किया गया था। जिसमें 19275 आवास बना दिए गए हैं। लेकिन अभी 813 आवास नहीं बन पाए है। इनको आवास बनाने के लिए तीन किश्तों में धनराशि भी दे दी गई थी। लेकिन जब इसकी जांच हुई तो 306 अपात्रों को आवास दिया हुआ पाया गया। वहीं 507 आवास नहीं बने पाए गए। जिसको गंभीरता से लेते हुए विभाग आवास नहीं बनाने वाले लाभार्थियों को शीघ्र आवास बनाने का निर्देश दिया। जबकि 306 अपात्र पाए गए लाभार्थियों से आवास की धनराशि वसूलने के लिए कार्रवाई शुरु की गई। लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण अभी तक 156 आपात्रों से आवास के धनराशि की रिकवरी नहीं की जा सकी है।
अपात्रों से आवास की धनराशि की रिकवरी करने के लिए नोटिस दी गई है। तीन नोटिस देने के बाद जिन अपात्रों द्वारा धनराशि नहीं दी जाएगी। उनके विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही धनराशि की वसूली की जाएगी।
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अरविंद कुमार सिंह
परियोजना निदेशक, डीआरडीए
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जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 में कुल 20 हजार 88 आवास बनाए जाने थे। इसके लिए लाभार्थियों का चयन किया गया था। जिसमें 19275 आवास बना दिए गए हैं। लेकिन अभी 813 आवास नहीं बन पाए है। इनको आवास बनाने के लिए तीन किश्तों में धनराशि भी दे दी गई थी। लेकिन जब इसकी जांच हुई तो 306 अपात्रों को आवास दिया हुआ पाया गया। वहीं 507 आवास नहीं बने पाए गए। जिसको गंभीरता से लेते हुए विभाग आवास नहीं बनाने वाले लाभार्थियों को शीघ्र आवास बनाने का निर्देश दिया। जबकि 306 अपात्र पाए गए लाभार्थियों से आवास की धनराशि वसूलने के लिए कार्रवाई शुरु की गई। लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण अभी तक 156 आपात्रों से आवास के धनराशि की रिकवरी नहीं की जा सकी है।
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अपात्रों से आवास की धनराशि की रिकवरी करने के लिए नोटिस दी गई है। तीन नोटिस देने के बाद जिन अपात्रों द्वारा धनराशि नहीं दी जाएगी। उनके विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही धनराशि की वसूली की जाएगी।
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अरविंद कुमार सिंह
परियोजना निदेशक, डीआरडीए