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प्रदेश के शक्तिपीठ सर्किट में शामिल हुआ शीतला धाम चौकियां
Updated Fri, 12 Oct 2018 12:05 AM IST
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शीतला धाम चौकियां
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जौनपुर। प्रदेश में बनने वाले शक्तिपीठ सर्किट में जिले का प्रसिद्व मंदिर शीतला धाम चौकियां शक्तिपीठ को भी शामिल किया गया है। यहां निवेश करने वालों को पर्यटन की नई नीति के तहत लाभ दिया जाएगा। हाल ही में शीतला चौकियां धाम के विकास के लिए तीन करोड़ रुपये नगर विकास विभाग से मंजूरी मिली है। जिसमें एक करोड़ 40 लाख रुपये का बजट मिल चुका है। पर्यटन विभाग मंदिर को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए प्रोजेक्ट तैयार करने में जुटा है।
शहर से पांच किमी की दूरी पर उत्तर और पूरब कोने में देवचंदपुर और चौकियां के सीमा पर शीलता धाम स्थापित है। लोगों का कहना है कि पराशक्ति मां शीतला की प्रतिमा प्राकृतिक रूप से यहां प्रकट हुई हैं जो महिमामयी आदिशक्ति का एक स्वरूप हैं। यह दीर्घकाल से जन-जन के मन में अखंड आस्था की दीपशिक्षा प्रज्ज्वलित करती चली आ रही हैं। पूर्वांचल के कई जिलों के लोगों का यहां जाना लगा रहता है। नवरात्र में काफी भीड़ रही है। मां शीतला मंदिर से सटे उत्तर दिशा में भगवान सत्य नारायण और कालभैरव का मंदिर स्थापित है। इस मंदिर से सटा पक्का तालाब है। जिसका पानी कभी सूखता नहीं है। लोगों का कहना है कि यह तालाब पहले कच्चा था जिसे 1874 में किसी व्यक्ति ने पुत्र रत्न की मनोकामना पूर्ण होने पर तालाब को पक्का बनवाया था। मां शीतला के मंदिर में प्रत्येक सोमवार, शुक्रवार और पूर्णिमा के दिन अधिक भीड़ रहती है। विगत दो साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने इस मंदिर का कायाकल्प करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इधर पर्यटन नीति 2018 में संशोधन के बाद शीतला धाम चौकियां को भी यूपी में बनने वाले सर्किटों में शामिल किया गया है।
नगर विकास विभाग से तीन करोड़ रुपये की स्वीकृति चौकियां धाम को विकसित करने के लिए मिला है। एक करोड़ 40 लाख का बजट मिल चुका है। पर्यटन विभाग से भी इसे और विकसित करने के लिए प्रोजेक्ट तैयार कराया जा रहा है।
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अरविंद मलप्पा बंगारी
डीएम
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शहर से पांच किमी की दूरी पर उत्तर और पूरब कोने में देवचंदपुर और चौकियां के सीमा पर शीलता धाम स्थापित है। लोगों का कहना है कि पराशक्ति मां शीतला की प्रतिमा प्राकृतिक रूप से यहां प्रकट हुई हैं जो महिमामयी आदिशक्ति का एक स्वरूप हैं। यह दीर्घकाल से जन-जन के मन में अखंड आस्था की दीपशिक्षा प्रज्ज्वलित करती चली आ रही हैं। पूर्वांचल के कई जिलों के लोगों का यहां जाना लगा रहता है। नवरात्र में काफी भीड़ रही है। मां शीतला मंदिर से सटे उत्तर दिशा में भगवान सत्य नारायण और कालभैरव का मंदिर स्थापित है। इस मंदिर से सटा पक्का तालाब है। जिसका पानी कभी सूखता नहीं है। लोगों का कहना है कि यह तालाब पहले कच्चा था जिसे 1874 में किसी व्यक्ति ने पुत्र रत्न की मनोकामना पूर्ण होने पर तालाब को पक्का बनवाया था। मां शीतला के मंदिर में प्रत्येक सोमवार, शुक्रवार और पूर्णिमा के दिन अधिक भीड़ रहती है। विगत दो साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने इस मंदिर का कायाकल्प करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इधर पर्यटन नीति 2018 में संशोधन के बाद शीतला धाम चौकियां को भी यूपी में बनने वाले सर्किटों में शामिल किया गया है।
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नगर विकास विभाग से तीन करोड़ रुपये की स्वीकृति चौकियां धाम को विकसित करने के लिए मिला है। एक करोड़ 40 लाख का बजट मिल चुका है। पर्यटन विभाग से भी इसे और विकसित करने के लिए प्रोजेक्ट तैयार कराया जा रहा है।
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अरविंद मलप्पा बंगारी
डीएम