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प्रशासन बेखबर, नियमों की अनदेखी कर संचालित हैं शॉपिंग मॉल ..........
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:04 AM IST
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जौनपुर। शहर में खुले शॉपिंग मॉल नियम-कानूनों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे हैं। ज्यादातर संचालकों ने न तो इनका नक्शा पास कराया है और न ही इनमें पार्किंग के लिए जगह छोड़ी है। वैसे जिन्होंने नक्शा पास कराया है, उन्होंने मानकों का उल्लंघन करने में कसर नहीं छोड़ी है। पार्किंग न होने से लोग सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी कर रहे हैं और राहगीरों को रोजाना जाम का शिकार होना पड़ता है।
शहर में 20 से अधिक शॉपिंग मॉल हैं। व्यावसायिक कॉम्लेक्स, शॉपिंग मॉल की पहली शर्त है कि पॉर्किंग होनी चाहिए। प्रशासन की मेहरबानी का खामियाजा यह है कि कोई भी शॉपिंग मॉल नियमों पर खरा नहीं उतर रहा है। कुछ शॉपिंग मॉल का नियमों को दरकिनार कर नक्शा भी पास कर दिया गया है। यहां सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी कर दी जाती है। नियम है कि होटल, शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट, मैरेज हॉल, शोरूम बनाने के लिए सबसे पहले उसका नक्शा पास होना चाहिए। पार्किंग की सुविधा होनी चाहिए। जितने क्षेत्रफल में भवन हो, उससे अधिक क्षेत्र में पार्किंग की सुविधा होनी चाहिए। बावजूद इसके औपचारिकता के तौर पर बेसमेंट में ही पार्किंग की व्यवस्था कर दी जाती है।
मास्टर प्लान के जेई नहीं रखते मोबाइल, डीएम दे चुके हैं चेतावनी
सामान्य मकान बिना नक्शा के बनाने पर रोक लगाने वाले मास्टर प्लान का किसी को ध्यान नहीं है। पूरे शहर में अवैध निर्माण का खेल चल रहा है, जबकि अधिकारी से लेकर लिपिक तक इसमें शामिल हैं। दूसरी तरफ, लोग अवैध निर्माण की सूचना न दें पाएं, इसलिए मास्टर प्लान के जेई मोबाइल नहीं रखते है। डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने संबंधित जेई को चेतावनी देते हुए मोबाइल आवश्यक बताया था। फिर भी जेई ने मोबाइल नहीं लिया।
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अगर शहर में मानकों के विपरीत और नक्शा पास कराए बगैर शॉपिंग मॉल चल रहे हैं, तो इनके संचालकों को नोटिस दी जाएगी।
- सुरेंद्र नाथ मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट
शहर में 20 से अधिक शॉपिंग मॉल हैं। व्यावसायिक कॉम्लेक्स, शॉपिंग मॉल की पहली शर्त है कि पॉर्किंग होनी चाहिए। प्रशासन की मेहरबानी का खामियाजा यह है कि कोई भी शॉपिंग मॉल नियमों पर खरा नहीं उतर रहा है। कुछ शॉपिंग मॉल का नियमों को दरकिनार कर नक्शा भी पास कर दिया गया है। यहां सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी कर दी जाती है। नियम है कि होटल, शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट, मैरेज हॉल, शोरूम बनाने के लिए सबसे पहले उसका नक्शा पास होना चाहिए। पार्किंग की सुविधा होनी चाहिए। जितने क्षेत्रफल में भवन हो, उससे अधिक क्षेत्र में पार्किंग की सुविधा होनी चाहिए। बावजूद इसके औपचारिकता के तौर पर बेसमेंट में ही पार्किंग की व्यवस्था कर दी जाती है।
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मास्टर प्लान के जेई नहीं रखते मोबाइल, डीएम दे चुके हैं चेतावनी
सामान्य मकान बिना नक्शा के बनाने पर रोक लगाने वाले मास्टर प्लान का किसी को ध्यान नहीं है। पूरे शहर में अवैध निर्माण का खेल चल रहा है, जबकि अधिकारी से लेकर लिपिक तक इसमें शामिल हैं। दूसरी तरफ, लोग अवैध निर्माण की सूचना न दें पाएं, इसलिए मास्टर प्लान के जेई मोबाइल नहीं रखते है। डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने संबंधित जेई को चेतावनी देते हुए मोबाइल आवश्यक बताया था। फिर भी जेई ने मोबाइल नहीं लिया।
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अगर शहर में मानकों के विपरीत और नक्शा पास कराए बगैर शॉपिंग मॉल चल रहे हैं, तो इनके संचालकों को नोटिस दी जाएगी।
- सुरेंद्र नाथ मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट