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पूविवि की मुख्य परीक्षा के लिए कवायद शुरू
Updated Wed, 03 Oct 2018 12:48 AM IST
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सत्र 2018-19 की मुख्य परीक्षा की तैयारी को लेकर कवायद शुरू हो गई है। केंद्र निर्धारण के साथ परीक्षा केंद्रों पर सीसी टीवी कैमरा लगवाने के साथ परीक्षा के मानक पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
विश्वविद्यालय के सूत्रों की माने तो परीक्षा के लिए उत्तर पुस्तिकाओं के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिकता होगी कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर नकल की शिकायत न मिले। शासन का भी सख्त निर्देश है कि परीक्षा के दौरान किसी तरह की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
विश्वविद्यालय में 22 सितंबर को आयोजित पंडित दीनदयाल शोधपीठ की स्थापना और मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में पहुंचे डिप्टी सीएम प्रो. दिनेश शर्मा ने परीक्षा की पारदर्शिता को सुधारने का निर्देश दिया था। समय से परीक्षा कराने और रिजल्ट घोषित करने के लिए कुलपति प्रो. राजाराम को बधाई दिया था। समय से रिजल्ट घोषित करने के कारण पूर्वांचल विश्वविद्यालय को प्रदेश में पहला स्थान मिला था। इस नाते परीक्षा को लेकर विवि प्रशासन काफी गंभीर है। इसके साथ ही दागी कॉलेजों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू हो गई। कॉलेज संचालक भी विश्वविद्यालय के मानक को पूरा करने के लिए अभी से तैयारी में जुट गए हैं। शासन के सख्त रवैये से कॉलेजों को अभी भी भय सता रहा है कि मानक पूरा नहीं हुआ तो परीक्षा केंद्र बनने से वंचित हो जाएंगे। सत्र 2017-18 की परीक्षा में 5.36 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे।
विश्वविद्यालय के सूत्रों की माने तो परीक्षा के लिए उत्तर पुस्तिकाओं के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिकता होगी कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर नकल की शिकायत न मिले। शासन का भी सख्त निर्देश है कि परीक्षा के दौरान किसी तरह की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
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विश्वविद्यालय में 22 सितंबर को आयोजित पंडित दीनदयाल शोधपीठ की स्थापना और मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में पहुंचे डिप्टी सीएम प्रो. दिनेश शर्मा ने परीक्षा की पारदर्शिता को सुधारने का निर्देश दिया था। समय से परीक्षा कराने और रिजल्ट घोषित करने के लिए कुलपति प्रो. राजाराम को बधाई दिया था। समय से रिजल्ट घोषित करने के कारण पूर्वांचल विश्वविद्यालय को प्रदेश में पहला स्थान मिला था। इस नाते परीक्षा को लेकर विवि प्रशासन काफी गंभीर है। इसके साथ ही दागी कॉलेजों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू हो गई। कॉलेज संचालक भी विश्वविद्यालय के मानक को पूरा करने के लिए अभी से तैयारी में जुट गए हैं। शासन के सख्त रवैये से कॉलेजों को अभी भी भय सता रहा है कि मानक पूरा नहीं हुआ तो परीक्षा केंद्र बनने से वंचित हो जाएंगे। सत्र 2017-18 की परीक्षा में 5.36 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे।
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