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आयुष्मान योजना के लिए मानक पूरा नहीं कर रहे अस्पताल
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:52 AM IST
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जौनपुर। आयुष्मान भारत योजना के मानकों को जिले के तमाम निजी चिकित्सालय पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में तमाम अस्पताल अनुबंध से कतरा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को मानक पूरा करके आवेदन करने को कहा है।
आयुष्मान भारत के तहत अर्ह रोगी निजी चिकित्सालयों में भी मुफ्त इलाज करा सकते हैं। अस्पताल जिन बीमारियों का इलाज करते हैं, उनके लिए उस हिसाब से मानक तय किए गए हैं। ज्यादातर अस्पतालों की दिक्कत यह है कि वे सुविधाओं को बढ़ा चढ़ाकर बताते हैं लेकिन उनके पास उतने इंतजाम नहीं होेते है। यही पैनल में शामिल होने में बाधा बन रहा है। जिन अस्पतालों को आनलाइन आवेदन किया था, उनमें से चार निजी अस्पतालों की जांच कराई गई लेकिन कोई मानक पर खरा नहीं पाया गया। शासन ने अस्पताल संचालकों के लिए आपरेशन थिएटर, गुणवत्तायुक्त उपकरण, स्वच्छ वार्ड, विशेषज्ञ चिकित्सक, दवाओं की उपलब्धता, कंप्यूटर, जांच की सुविधा के आधार पर मूल्यांकन करने को कहा है।
आवेदन करने वाले अस्पतालों की जांच व अनुबंध कमेटी का गठन किया गया। आनलाइन किए गए आवेदन की प्रिंट आउट निकाल कर उसी आधार पर अस्पतालों की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी जा रही है। शासन से अनुमति मिलने के बाद ही अस्पतालों का अनुबंध किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रामजी पांडेय ने बताया कि फिलहाल चार सरकारी अस्पतालों का चयन किया गया है। निजी अस्पतालों को इस योजना से जोड़ने के प्रयास किए जा रह हैं। उनको पत्र लिखा गया है। अब तक जिनके आवेदन आए थे, उनकी जांच कराई गई लेकिन वे मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे। लिहाजा उनको पैनल में शामिल नहीं किया जा सका।
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आयुष्मान भारत के तहत अर्ह रोगी निजी चिकित्सालयों में भी मुफ्त इलाज करा सकते हैं। अस्पताल जिन बीमारियों का इलाज करते हैं, उनके लिए उस हिसाब से मानक तय किए गए हैं। ज्यादातर अस्पतालों की दिक्कत यह है कि वे सुविधाओं को बढ़ा चढ़ाकर बताते हैं लेकिन उनके पास उतने इंतजाम नहीं होेते है। यही पैनल में शामिल होने में बाधा बन रहा है। जिन अस्पतालों को आनलाइन आवेदन किया था, उनमें से चार निजी अस्पतालों की जांच कराई गई लेकिन कोई मानक पर खरा नहीं पाया गया। शासन ने अस्पताल संचालकों के लिए आपरेशन थिएटर, गुणवत्तायुक्त उपकरण, स्वच्छ वार्ड, विशेषज्ञ चिकित्सक, दवाओं की उपलब्धता, कंप्यूटर, जांच की सुविधा के आधार पर मूल्यांकन करने को कहा है।
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आवेदन करने वाले अस्पतालों की जांच व अनुबंध कमेटी का गठन किया गया। आनलाइन किए गए आवेदन की प्रिंट आउट निकाल कर उसी आधार पर अस्पतालों की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी जा रही है। शासन से अनुमति मिलने के बाद ही अस्पतालों का अनुबंध किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रामजी पांडेय ने बताया कि फिलहाल चार सरकारी अस्पतालों का चयन किया गया है। निजी अस्पतालों को इस योजना से जोड़ने के प्रयास किए जा रह हैं। उनको पत्र लिखा गया है। अब तक जिनके आवेदन आए थे, उनकी जांच कराई गई लेकिन वे मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे। लिहाजा उनको पैनल में शामिल नहीं किया जा सका।
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