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कुरआन में नहीं है तीन तलाक और हलाला का उल्लेख
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:24 AM IST
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जौनपुर। शीराजे हिंद एजुकेशनल एंड सोसल सोसाइटी जौनपुर के अध्यक्ष डा. मो. सलाउद्दीन ने कहा है कि तीन तलाक और हलाला का उल्लेख कुरान पाक में नहीं है। धर्म के ठेकेदारों तीन तलाक एवं हलाल की कुव्यवस्था को मुस्लिम समाज से जोड़कर मुस्लिम महिलाओं को समाज में रुसवा कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस आशय का पत्र भेजकर मांग की है कि तीन तलाक और हलाल को संज्ञेय अपराध मानते हुए शीघ्र कानून लागू किया जाए।
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्रक में डा. सलाउद्दीन ने कहा है कि मुस्लिम समाज में प्रचलित तीन तलाक और हलाला जैसी कुप्रथा का जिक्र कुरआन पाक में नहीं है। महिलाओं के साथ इस स्तर का घृणित कार्य करने की किसी को इजाजत नहीं है। उन्होंने कहा हा कि महिलाओं के अधिकार और कर्तव्य के विषय में कुरआन पाक में सूरतुन्निशा में विस्तार से प्राविधान किया गया है। जिसमें कहीं पर तीन तलाक और हलाला का जिक्र नहीं है। उन्होंने पीएम को भेजे गए पत्रक में कहा है कि तीन तलाक और हलाल से पीड़ित मां बहन और बेटियों के दर्द को देखते हुए इस व्यवस्था को समाप्त किया जाना जरूरी है। कानून के जरिए ही मुस्लिम समाज की बहू बेटियों की इज्जत पर गिद्ध दृष्टि लगाए इस्लाम विरोधी तत्वों पर शिकंजा कसा जा सकता है। उन्होंने इस पत्र की कापी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को भी भेजी है और कहा है कि मुस्लिम महिलाओं के साथ किए जा रहे घृणित व्यवहार से सुरक्षित करने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित विधेयक को बिना किसी संशोधन के संसद से पास कराने में सहयोग प्रदान करें।
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्रक में डा. सलाउद्दीन ने कहा है कि मुस्लिम समाज में प्रचलित तीन तलाक और हलाला जैसी कुप्रथा का जिक्र कुरआन पाक में नहीं है। महिलाओं के साथ इस स्तर का घृणित कार्य करने की किसी को इजाजत नहीं है। उन्होंने कहा हा कि महिलाओं के अधिकार और कर्तव्य के विषय में कुरआन पाक में सूरतुन्निशा में विस्तार से प्राविधान किया गया है। जिसमें कहीं पर तीन तलाक और हलाला का जिक्र नहीं है। उन्होंने पीएम को भेजे गए पत्रक में कहा है कि तीन तलाक और हलाल से पीड़ित मां बहन और बेटियों के दर्द को देखते हुए इस व्यवस्था को समाप्त किया जाना जरूरी है। कानून के जरिए ही मुस्लिम समाज की बहू बेटियों की इज्जत पर गिद्ध दृष्टि लगाए इस्लाम विरोधी तत्वों पर शिकंजा कसा जा सकता है। उन्होंने इस पत्र की कापी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को भी भेजी है और कहा है कि मुस्लिम महिलाओं के साथ किए जा रहे घृणित व्यवहार से सुरक्षित करने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित विधेयक को बिना किसी संशोधन के संसद से पास कराने में सहयोग प्रदान करें।
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