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गुलालपुर दलित बस्ती में सीएचसी टीम ने बांटी दवाएं
Updated Mon, 27 Aug 2018 12:12 AM IST
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नेवढ़िया। रामनगर विकास खंड के गुलालपुर गांव की दलित बस्ती में डायरिया पर काबू पा लिया गया है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांवों में ब्लीचिंग पाउडर आदि का छिड़काव किया। डायरिया से पीड़ित लोगों की जांच कर दवाएं दी गईं। चिकित्सकों ने घरों के आसपास साफ सफाई करने को कहा।
गांव के 19 लोग डायरिया की चपेट में आ गए थे। जानकारी होने पर सीएचसी रामनगर व जिला की टीम ने दो दिन तक गांव में डेरा डालकर पीड़ित लोगों का उपचार किया। उपचार कर रही टीम का कहना है कि गांव में अब हालत पर काबू पा लिया गया है। बीमार लोगों की हालत खतरे से बाहर से हैं। सीएचसी रामनगर की टीम डॉ. आलोक सिंह, एएनएम खुशबू यादव, आशा संगिनी, शिवकुमारी दुबे, फार्मासिस्ट आदि द्वारा रविवार को भी बस्ती में पहुचकर सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डायरिया से पीडित मरीजों को आवश्यकता अनुसार दवाइया दी गई। बस्ती के अगल बगल फिर से दवा का छिड़काव किया गया। बस्ती के सभी लोगों को गंदगी से बचने की सलाह दी। चिकित्सकों ने कहा कि गंदे पानी का जमाव न होने पाए। नहीं तो संक्रमण बीमारी फिर से फैल सकती है। सीएचसी प्रभारी डा. आलोक सिंह ने बताया कि डायरिया गंदगी से फैलने वाली बीमारी है। इसलिए बस्ती से गंदगी को दूर रखना पड़ेगा। जब तक मरीज बिल्कुल ठीक नहीं होते मरीजों को दवाइयां खानी पड़ेगी।
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गांव के 19 लोग डायरिया की चपेट में आ गए थे। जानकारी होने पर सीएचसी रामनगर व जिला की टीम ने दो दिन तक गांव में डेरा डालकर पीड़ित लोगों का उपचार किया। उपचार कर रही टीम का कहना है कि गांव में अब हालत पर काबू पा लिया गया है। बीमार लोगों की हालत खतरे से बाहर से हैं। सीएचसी रामनगर की टीम डॉ. आलोक सिंह, एएनएम खुशबू यादव, आशा संगिनी, शिवकुमारी दुबे, फार्मासिस्ट आदि द्वारा रविवार को भी बस्ती में पहुचकर सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डायरिया से पीडित मरीजों को आवश्यकता अनुसार दवाइया दी गई। बस्ती के अगल बगल फिर से दवा का छिड़काव किया गया। बस्ती के सभी लोगों को गंदगी से बचने की सलाह दी। चिकित्सकों ने कहा कि गंदे पानी का जमाव न होने पाए। नहीं तो संक्रमण बीमारी फिर से फैल सकती है। सीएचसी प्रभारी डा. आलोक सिंह ने बताया कि डायरिया गंदगी से फैलने वाली बीमारी है। इसलिए बस्ती से गंदगी को दूर रखना पड़ेगा। जब तक मरीज बिल्कुल ठीक नहीं होते मरीजों को दवाइयां खानी पड़ेगी।
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