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जेब्रा के शाम-ए-गजल में डा. हरिओम ने लूटी खूब वाहवाही
Updated Wed, 15 Aug 2018 02:12 AM IST
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जौनपुर। सामाजिक संस्था जेब्रा फाउण्डेशन की ओर से शहर के एक होटल में रविवार की शाम आयोजित गजल संध्या का आयोजन किया गया। इसमें शायरों ने रुमानी बातें की तो व्यवस्था पर तंज भी कसा। आईएएस डा. हरिओम ने अपनी गजलों से लोगों को झूमने के लिये मजबूर कर दिया।
डा. हरिओम के मंच पर आने से पहले ही हाल संगीत प्रेमियों से भर चुका था। दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय सेठ सहित उनकी पत्नी डा. अंजू सेठ ने डा. हरिओम को इलायची की माला पहनाई। उसके बाद डा. हरिओम ने अपनी एक से बढ़कर एक उम्दा गजलें पेश कीं। ‘महफिल महफिल मैखाने की बात चली और जिन्दगी क्या से क्या हो गई.....’ सुनाई तो तालियों की गड़गड़ाहट से हाल गूंज उठा। दर्शकों की मांग पर उन्होंने इश्क की इन्तेहा हो गई , तू मेरी दिलरुबा हो गई गजल को भी गाया। अन्त में अपनी चर्चित नज्म मैं तेरे प्यार का मारा हुआ हूँ, सिकन्दर हूँ, मगर हारा हुआ हूँ, गाकर महफिल से रुख्सत हुए । जाते-जाते उन्होंने संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुये फिर आने का वादा भी किया। इस सुरमयी शाम के गवाह डा. केपी यादव, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह, आरएन सिंह कोशिश, विजयंत सोंथालिया, जय प्रकाश जायसवाल, सभाजीत द्विवेदी प्रखर, कर्मचारी नेता राकेश श्रीवास्तव, विमल सेठ, डा. मधुकर तिवारी, डा. मनोज वत्स, मिर्जा दावर बेग, अजय सिंह, आरएन त्रिपाठी, अमरनाथ सेठ, अरूण त्रिपाठी, अशोक मिश्र, जितेन्द्र यादव, राजेशराज गुप्त, रविकांत जायसवाल नीरज शाह मौजूद रहे। गजल संध्या का संचालन लखनऊ के पत्रकार दीपक केएस ने किया। संस्थाध्यक्ष संजय सेठ ने आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
डा. हरिओम के मंच पर आने से पहले ही हाल संगीत प्रेमियों से भर चुका था। दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय सेठ सहित उनकी पत्नी डा. अंजू सेठ ने डा. हरिओम को इलायची की माला पहनाई। उसके बाद डा. हरिओम ने अपनी एक से बढ़कर एक उम्दा गजलें पेश कीं। ‘महफिल महफिल मैखाने की बात चली और जिन्दगी क्या से क्या हो गई.....’ सुनाई तो तालियों की गड़गड़ाहट से हाल गूंज उठा। दर्शकों की मांग पर उन्होंने इश्क की इन्तेहा हो गई , तू मेरी दिलरुबा हो गई गजल को भी गाया। अन्त में अपनी चर्चित नज्म मैं तेरे प्यार का मारा हुआ हूँ, सिकन्दर हूँ, मगर हारा हुआ हूँ, गाकर महफिल से रुख्सत हुए । जाते-जाते उन्होंने संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुये फिर आने का वादा भी किया। इस सुरमयी शाम के गवाह डा. केपी यादव, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह, आरएन सिंह कोशिश, विजयंत सोंथालिया, जय प्रकाश जायसवाल, सभाजीत द्विवेदी प्रखर, कर्मचारी नेता राकेश श्रीवास्तव, विमल सेठ, डा. मधुकर तिवारी, डा. मनोज वत्स, मिर्जा दावर बेग, अजय सिंह, आरएन त्रिपाठी, अमरनाथ सेठ, अरूण त्रिपाठी, अशोक मिश्र, जितेन्द्र यादव, राजेशराज गुप्त, रविकांत जायसवाल नीरज शाह मौजूद रहे। गजल संध्या का संचालन लखनऊ के पत्रकार दीपक केएस ने किया। संस्थाध्यक्ष संजय सेठ ने आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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