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हर-हर बम-बम के जयकारों से गूंज उठे शिवालय

Tue, 31 Jul 2018 01:12 AM IST
Updated Tue, 31 Jul 2018 01:12 AM IST
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हर-हर बम-बम के जयकारों से गूंज उठे शिवालय
जौनपुर। सावन के पहले सोमवार को हर गली में हर-हर महादेव का घोष सुनाई देता रहा। सभी शिवालयों में भगवान आशुतोष का पूजन करने के लिए श्रद्धालु उमड़ पडे़। मदार की माला, बेलपत्र, धतूरे आदि से भोलेनाथ का पूजन और जलाभिषेक किया गया। कई मंदिरों के बार लंबी कतार देखी गई। खासकर त्रिलोचन महादेव, दियावां महादेव, गौरीशंकर धाम, सांई नाथ, करसूल नाथ, गोमेश्वतर महादेव में लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिरों के गिर्द सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे।
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मछलीशहर:
क्षेत्र के स्वयं भू दियावां नाथ मंदिर में सावन के प्रथम सोमवार को भाजपा एमएलसी व प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर सहित हजारों लोगों ने दर्शन पूजन किया। उनके साथ वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश सिंह, जिला उपाध्यक्ष जनार्दन सिंह, मंडल महामंत्री बेलवा इंद्रेश तिवारी, राकेश शुक्ला, महेंद्र सिंह, रामहिंच मिश्रा आदि ने भी जलाभिषेक किया। सावन का प्रथम सोमवार होने के कारण सुबह से ही मंदिर परिसर हर हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओ की लंबी कतार दर्शन पूजन के लिए लगी रही। इसके अलावा क्षेत्र के शोभनाथ मंदिर जमालपुर, मेहरवा महादेव मछलीशहर, पारसनाथ महादेव पौंहा, बउरहउ बाबा बेलासिन शिवालय पर श्रद्घालुओं ने दर्शन पूजन किया।
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सुजानगंज:
क्षेत्र के गौरीशंकर धाम में श्रावण मास के पहले सोमवार को हजारों शिव भक्तों ने दर्शन पूजन किया। भारी संख्या में श्रद्धालुओं सुबह 5 बजे से ही कतार में दर्शन के लिए लगे रहे। मंदिर का दरवाजा खुलते ही हर हर महादेव के जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने शिव जी को जल, बेल पत्र, धतूर, गाय का दूध, भांग, काला तिल, गंगा जल, नीलकंठ और पुष्प अर्पित कर पूजा अर्चना किया। इलाहाबाद से गंगा जल लेकर आए कावरियों ने हर हर महादेव व बोल बम का नारा लगाते हुए मंदिर की परिक्रमा किया और भगवान का जलाभिषेक किया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सुरक्षा के लिए एक प्लाटून सीआरपीएफ, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग की टीम, क्षेत्राधिकारी शाहगंज अजय श्रीवास्तव, सहायक खंड विकास अधिकारी सुजानगंज राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अलावा सफाई कर्मचारियों भी मौजूद रहे। सेक्टर पुलिस अधिकारी वाहन से पेट्रोलिंग कर रहे हैं और चार थाने के थानाध्यक्ष मीरगंज, बदलापुर, सुरेरी, महराजगंज सहित कई थानों के सिपाही एवं महिला सिपाही तैनात रहे।
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धर्मापुर:
स्थानीय बाजार में स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर पर श्रावण मास के प्रथम सोमवार को हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर मत्था टेका। सुबह से ही श्रद्धालु जल पात्र लेकर पंक्ति में खड़ा होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भोले नाथ को बेलपत्र, धतूरा, भांग, काला तिल, गंगाजल अर्पित कर पूजा अर्चना किया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात रही।
केराकत:
स्थानीय गोमती नदी के तट पर स्थित गोमतेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। महिलाओं पुरुषों व बच्चों ने हर हर महादेव का नारा लगाते हुए शिवलिंग पर बेल पत्र, धतूरा, भांग, दूध इत्यादि चढ़ाते हुए पूजन अर्चन किया और भगवान शिव का दुग्धाभिषेक किया। इस मौके पर कई लोगों ने रुद्राभिषेक भी किया। मंदिर को फूलों से सजाया गया था। मंदिर के कपाट भोर में आरती और प्रसाद वितरण के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। सुबह हल्की बूंदाबांदी के चलते मौसम के शीतलता के बीच श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। बड़ी संख्या में कावरियों के बोल बम व हर हर महादेव के जयकारे से माहौल भक्तिमय हो उठा। कावरियों ने जलाभिषेक करते हुए दर्शन पूजन किया। इस दौरान प्रशासन व पुलिस बल मौजूद रहे।
जलालपुर:
क्षेत्र के त्रिलोचन महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक करने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने महादेव को भांग, धतूर, बेलपत्र, माला-फूल, दूध आदि अर्पित किया। ओम नम: शिवाय, हर-हर महादेव व बोल बम के जयकारे से शिवालय गूंज उठे। सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक त्रिलोचन महादेव मंदिर पर मजिस्ट्रेट व पुलिस बल तैनात रहा। भारी संख्या में दूर दराज से आए कांवरियों व शिवभक्तों ने जलाभिषेक कर पूजन-अर्चन किया। इस मौके पर एसडीएस केराकत मंगलेश दुबे समेत सीओ सिटी नृपेंद्र तथा थानाध्यक्ष देवतानंद सिंह मौजूद रहे। हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहे। दूर दराज से जलाभिषेक करने के लिए आए कांवरियों तथा श्रद्धालुओं के लिए ब्लाक प्रमुख संदीप कुमार सिंह द्वारा मंदिर परिसर में रबड़ की मैटिंग बिछाई गई। जिससे दर्शनार्थियों तथा जलाभिषेक करने वाले लोगों के पैरों को आराम मिल सके।
बदलापुर:
क्षेत्र के प्राचीन गौरीशंकर धाम चंदापुर में श्रावण मास के प्रथम सोमवार को भक्तों की भारी भीड़ रही। बारिश के बाद भी सुबह चार बजे से ही भक्तों की भीड़ लग गई। भक्तोंने बाबा को मनाने के लिए जलाभिषेक किया। हर-हर महादेव के उदघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा। हजारों भक्तों ने जलाभिषेक कर मन्नते मांगी। इसी तरह भगवान दूधनाथ दुगौली खुर्द में रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। जिसमें भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।



सुजानगंज। क्षेत्र के फरीदाबाद स्थिति श्री गौरीशंकर धाम प्राचीन और विशाल मंदिर है। यह मंदिर सुजानगंज से मछलीशहर मार्ग पर स्थित है। यह मंदिर ऐतिहासिक शक्तिपीठ के साथ साथ श्रद्धा और विश्वास का केंद्र बन गया है। मंदिर में स्थापित शिवलिंग स्वयं भू एवं कालातीत होने के साथ साथ अर्धनारीश्वर के रूप में है, जो अद्वितीय हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जहां यह मंदिर स्थापित है वहां पहले घनी झाड़ियां थी। 14वीं सदी की बात है लोग अपनी गायों को चराने के लिए लाते थे। एक दिन एक गाय इसी घनी झाड़ी में घुस गई और काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिली। शाम को जब स्वामी अपनी गाय को ढूंढते ढूंढते झाड़ी के समीप पंहुचा तो वहां का दृश्य देख आश्चर्यचकित रह गया। गाय एक स्थान पर शांतचित्त खड़ी थी और उसके स्तन से दूध अपने आप एक काले पत्थर पर गिर रहा था। इस दृश्य को देखकर उसने कई लोगों को इसके विषय में बताया। तभी किसी को स्वप्न आया कि उस पत्थर को उखाड़ों मत बल्कि वहीं एक मंदिर का निर्माण करा दो। इसके बाद सामूहिक रूप से इस मंदिर का निर्माण कराया गया।



बरईपार। स्थानीय बाजार के पश्चिमी छोर पर स्थित घसीटा नाथ धाम आस्था का केंद्र बिंदु बना हुआ है। सावन महीने भर यहां पर कांवरियों की भीड़ लगी रहती है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने आते हैं। मंदिर परिसर में भगवान शिव के अलावा माता लक्ष्मी, विश्वकर्मा महाराज के अलावा अनेकों मंदिर हैं। इस मंदिर में प्रतिदिन सुबह और शाम की आरती होती है जिसमें भारी संख्या में लोग भाग लेते हैं। लोगों का ऐसा विश्वास है कि यहां पर दर्शन पूजन करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। घसीटा नाथ धाम का इतिहास बहुत अनोखा है। जनश्रुति के अनुसार कान्हापुर गांव निवासी माता बदल चरवाहा बहुत पहले यहां पर अपनी गायों को चराने के लिए आते थे। यह एक टीला नुमा स्थान था यहां जंगल झाड़ी हुआ करता था। माता बदल की गायों के झुंड से एक गाय प्रतिदिन एक झाड़ी के पास जाकर खड़ी हो जाती थी। एक दिन माता बदल ने देखा गाय के थन से दूध गिर रहा है। जहां गाय थी जाकर देखा तो वहां पर भगवान शिव की पिंडी थी। माता बदल रोजाना भगवान शिव को जल चढ़ाने लगे। धीरे-धीरे वहां मंदिर का विकास हुआ और लोग पूजन पाठ करने लगे। एक बार एक बाबा आकर रुक गए और उन्होंने मंदिर में स्थित शिवलिंग की खुदाई शुरू कर दिया। 70 फीट की खुदाई हो जाने के बाद भी शिवलिंग का कुछ अता पता नहीं चला। अचानक एक बर्रे का झुंड बाबा के ऊपर आक्रमण कर दिया किसी प्रकार वह जान बचाकर वहां से भागे। लोगों का मानना है कि शिवलिंग की मोटाई दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। यह भी एक आश्चर्य का विषय है। यह शिवलिंग उत्तर पश्चिम की दिशा में अयोध्या धाम की तरफ झुका हुआ है। लोगों की मान्यता है कि यह शिवलिंग बहुत ही शक्तिशाली है और लोगों की मनोकामना पूर्ण करते हैं। सावन के महीने में भीड़ तो होती ही है लेकिन हर सोमवार को यहां पर भक्तों की भीड़ रहती है। लोग अपनी मनोकामना पूर्ण के लिए भगवान को जलाभिषेक करने के साथ अन्य देवी देवताओं की भी पूजा करते हैं।



जलालपुर। खाद्य सुरक्षा अधिकारी तूलिका शर्मा ने त्रिलोचन महादेव मंदिर पर खाद्य सामग्री तथा फल की दुकानों की जांच किया। जांच के दौरान लाइसेंस धारक दुकानदारों को लाइसेंस को सामने टांगने के लिए निर्देशित किया। जिस दुकानदारों का लाइसेंस नहीं था उन्हें नोटिस जारी करते हुए तत्काल लाइसेंस बनवाने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान कई दुकानदारों के पास खुलेआम तरीके से बगैर लाइसेंस के बेच रहे खाद्य सामग्री की गुणवत्ता व पॉलीथिन पर रोक को लेकर के कार्रवाई करना चाहा तो दुकानदारों से नोकझोंक भी हुई।



जलालपुर। एसडीएम केराकत के आदेशों के बावजूद त्रिलोचन महादेव मंदिर के मेले में पॉलिथीन का उपयोग धड़ल्ले से जारी है। जिससे सफाई व्यवस्था चौपट दिख रहा है। पॉलिथीन पर रोक लगाए जाने के बावजूद दुकानदार बेखोफ है। जो सरकारी आदेशों को धता बताते हुए जमकर पॉलीथिन का उपयोग कर रहे हैं और बेझिझक उपभोक्ताओं को भी इनमें सामान रखकर देते हैं। आलम यह है कि मेले में ठेले खुमचे, फल, मिठाई आदि सहित सभी दुकानों पर आसानी से पॉलिथीन की थैलियां उपलब्ध हैं। हालांकि पूर्व में मंदिर सुरक्षा को लेकर हुई बैठक में एसडीएम ने चेताया भी था लेकिन इसके बाद इन पर निगरानी नहीं रखे जाने के कारण मेला में इनका चलन यथावत है। इस संबंध में पूछे जाने पर उप जिलाधिकारी केराकत मंगलेश दुबे ने बताया कि मेले में पॉलिथीन का प्रयोग पूर्णतया प्रतिबंधित है। अगर कोई दुकानदार पॉलिथीन का प्रयोग करते पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


जौनपुर। बेचन राम वनमाली लाल चैरिटेबल ट्रस्ट मेंजा एवं अकिंचन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में प्राचीन कांवरिया सेवा संघ के कांवरियों की लगातार 7वें वर्ष सेवा किया जा रहा है। इन स्वयंसेवी संगठनों द्वारा सचल वाहनों द्वारा नि:शुल्क चिकित्सा की व्यवस्था जौनपुर से लेकर चील्ह घाट मिर्जापुर तक किया गया। संस्था की अध्यक्ष ग्राम प्रधान राजपत्ति पटेल मेंजा एवं डा. अमरनाथ पांडेय ने बताया कि इस प्रकार की सेवा तीन दिवसीय है। टीम के साथ चल रहे कर्मचारी नेता शरद पटेल ने बताया कि हजारों शिवभक्तों का उपचार नि:शुल्क किया गया है तथा आगे भी जारी रहेगा।



सुईथाकला। क्षेत्र के सराय मोहद्दीनपुर से सैकड़ों की संख्या में कांवरियों का जत्था सोमवार को बाबा धाम के लिए रवाना हुआ। डीजे की धुन पर नाचते हुए कांवरियों का जत्था बड़ागांव शिव जी मंदिर से शाहगंज स्टेशन के लिए रवाना हुए। जहां ट्रेन से बाबा धाम के लिए रवाना हुए। जत्थे में अजीत अग्रहरी, अमन अग्रहरि, विशाल अग्रहरी, आकाश अगहरवि, वनीरज अग्रहरि, लालता अग्रहरि, जितेंद्र अग्रहरि, प्रदीप यादव रहे।
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