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वीर शहीद स्मारक का हो पुनर्निर्माण: कैप्टन अजीत
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:00 AM IST
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जौनपुर। अवकाश प्राप्त कैप्टन अजीत सिंह ने कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर वीर शहीद सैनिकों की स्मृति में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय सिविल लाइंस के प्रवेश द्वार पर स्थापित वीर शहीद स्मारक का पुनर्निर्माण कराए जाने की मांग की है। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर इस शहीद स्मारक को तोड़ दिया गया था जिसका अभी तक फिर से निर्माण नहीं किया गया। इससे शहीदों के सम्मान को ठेस पहुंच रहा है।
उन्होंने बताया कि वीर शहीद सैनिकों की स्मृति में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय सिविल लाइंस के प्रवेश द्वार पर तत्कालीन जिलाधिकारी राजन शुक्ल ने शहीद स्मारक का निर्माण करवाया था जहां गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, विजय दिवस, कारगिल दिवस सहित अन्य अवसरों पर सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों सहित जिले के अधिकारियों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित किया जाता था। लेकिन पिछले साल जिला प्रशासन और नगरपालिका प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण के नाम पर उक्त स्मारक को तोड़वा दिया। ऐसे में अब केवल दीवार पर उकेरा हुआ शिलापट्ट ही शेष बचा है। श्री पाण्डेय ने बताया कि अक्टूबर 2016 व फरवरी 2017 में उन्होंने समस्त भूतपूर्व सैनिकों की तरफ से नगर पालिका व जिला प्रशासन से मांग किया था कि उक्त शहीद स्मारक का निर्माण करवाया जाय। सैनिक कल्याण बोर्ड के तत्कालीन अधिकारी कर्नल ओपी चौबे ने बताया था कि स्मारक को तोडने के लिये जिला प्रशासन ने उनसे कोई अनुमति भी नहीं ली थी। उन्होंने कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर नगर पालिका व जिला प्रशासन से मांग किया कि इस विजय दिवस के उपलक्ष्य में बदहाली की आंसू बहा रहे उक्त शहीद स्मारक को शीघ्र ही बनवाया जाय, ताकि जिला मुख्यालय सहित समस्त जनपदवासियों की तरफ से वीर शहीदों के लिये सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने बताया कि वीर शहीद सैनिकों की स्मृति में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय सिविल लाइंस के प्रवेश द्वार पर तत्कालीन जिलाधिकारी राजन शुक्ल ने शहीद स्मारक का निर्माण करवाया था जहां गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, विजय दिवस, कारगिल दिवस सहित अन्य अवसरों पर सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों सहित जिले के अधिकारियों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित किया जाता था। लेकिन पिछले साल जिला प्रशासन और नगरपालिका प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण के नाम पर उक्त स्मारक को तोड़वा दिया। ऐसे में अब केवल दीवार पर उकेरा हुआ शिलापट्ट ही शेष बचा है। श्री पाण्डेय ने बताया कि अक्टूबर 2016 व फरवरी 2017 में उन्होंने समस्त भूतपूर्व सैनिकों की तरफ से नगर पालिका व जिला प्रशासन से मांग किया था कि उक्त शहीद स्मारक का निर्माण करवाया जाय। सैनिक कल्याण बोर्ड के तत्कालीन अधिकारी कर्नल ओपी चौबे ने बताया था कि स्मारक को तोडने के लिये जिला प्रशासन ने उनसे कोई अनुमति भी नहीं ली थी। उन्होंने कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर नगर पालिका व जिला प्रशासन से मांग किया कि इस विजय दिवस के उपलक्ष्य में बदहाली की आंसू बहा रहे उक्त शहीद स्मारक को शीघ्र ही बनवाया जाय, ताकि जिला मुख्यालय सहित समस्त जनपदवासियों की तरफ से वीर शहीदों के लिये सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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