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जिला औद्योगिक मिशन समिति कार्यकारिणी की हुई बैठक
Updated Mon, 09 Jul 2018 12:20 AM IST
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जौनपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अरविन्द मलप्पा बंगारी की अध्यक्षता में जिला औद्योगिक मिशन समिति कार्यकारिणी की बैठक हुई। जिलाधिकारी ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के प्रगति की समीक्षा की।
जिला उद्यान अधिकारी हरिशंकर राम ने खरीफ सत्र कार्यक्रम में आम, अमरूद, केला और रबी सत्र कार्यक्रम में प्याज, लहसुन, गेंदा की खेती, मधुमक्खी पालन, ग्रीन हाउस निर्माण, पाली हाउस के प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए बागवानी पर दो दिवसीय संगोष्ठी भी आयोजित की जाएगी। इन सब विषयों पर जिलाधिकारी ने अनुमोदन दिया। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि कृषकों द्वारा स्वयं से राजकीय पौधशालाओं से गुणवत्तायुक्त रोपण सामग्री क्रय कर रसीद प्रस्तुत करेंगे। सत्यापन के बाद सहायता राशि का भुुगतान लाभार्थी के खाते में किया जाएगा। मसाला की खेती-लहसुन, प्याज में आनलाइन पंजीकृत कृषकों में राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान से प्राप्त बीज का वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसान पारदर्शी सेवा के माध्यम से कृषि विभाग की बेवसाइट पर उद्यान की योजनाओं में आंनलाइन पंजीकृत कृषकों को प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर स्वीकृति पत्र निर्गत होगा। डीबीटी के माध्यम से अनुमन्य सहायता अनुदान संबंधित लाभार्थी के खाते में हस्तांतरण किया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी हरिशंकर राम ने खरीफ सत्र कार्यक्रम में आम, अमरूद, केला और रबी सत्र कार्यक्रम में प्याज, लहसुन, गेंदा की खेती, मधुमक्खी पालन, ग्रीन हाउस निर्माण, पाली हाउस के प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए बागवानी पर दो दिवसीय संगोष्ठी भी आयोजित की जाएगी। इन सब विषयों पर जिलाधिकारी ने अनुमोदन दिया। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि कृषकों द्वारा स्वयं से राजकीय पौधशालाओं से गुणवत्तायुक्त रोपण सामग्री क्रय कर रसीद प्रस्तुत करेंगे। सत्यापन के बाद सहायता राशि का भुुगतान लाभार्थी के खाते में किया जाएगा। मसाला की खेती-लहसुन, प्याज में आनलाइन पंजीकृत कृषकों में राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान से प्राप्त बीज का वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसान पारदर्शी सेवा के माध्यम से कृषि विभाग की बेवसाइट पर उद्यान की योजनाओं में आंनलाइन पंजीकृत कृषकों को प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर स्वीकृति पत्र निर्गत होगा। डीबीटी के माध्यम से अनुमन्य सहायता अनुदान संबंधित लाभार्थी के खाते में हस्तांतरण किया जाएगा।
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