{"_id":"5b3d132c4f1c1b77468b49b5","slug":"15307292592-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश शुरू होते ही फुंकने लगे ट्रांसफार्मर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश शुरू होते ही फुंकने लगे ट्रांसफार्मर
Updated Thu, 05 Jul 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर। मौसम का मिजाज बदलते ही गर्मी से लोगों को राहत जरूर मिली है। लेकिन बारिश की वजह से ट्रांसफार्मर फूंकने की संख्या भी बढ़ गई है। पिछले मई महीने में जहां जिले भर में 416 ट्रांसफार्मर फुंके थे। वहीं जून में ट्रांसफार्मर फुंकने की संख्या बढ़कर 464 हो गई। खराब ट्रांसफॉर्मरों को 24 घंटे के भीतर बदलने का दावा किया गया था। लेकिन यहां महीने भर में भी ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा पा रहा है। ट्रांसफार्मर समय से नहीं बदले गए तो किसानों की धान की रोपाई भी बाधित होगी।
जिले में 10 केवीए के 80, 25 केवीए के 248, 63 केवीए के 89, 100 केवीए 31, 250 केवीए के 16 ट्रांसफार्मर सहित 464 ट्रांसफार्मर एक जून से 30 जून के बीच फुंक गए। इसमें तकरीबन 448 की मरम्मत करा दी गई है। इसी तरह मई माह में 10 केवीए के 70, 25 केवीए के 220, 63 केवीए के 85, 100 केवीए के 28, 250 केवीए के 8, 400 केवीए के 5 ट्रांसफार्मर सहित 416 ट्रांसफार्मर फुंके थे। सबसे अधिक ट्रांसफार्मर विद्युत वितरण खंड द्वितीय में फुंके हैं। जिनकी संख्या 174 बताई जाती है। बारिश के मौसम में ट्रांसफार्मर फुंकने से लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। 426 में 403 ट्रांसफार्मर की मई में मरम्मत कराई गई। विभाग दावा तो 24 घंटे में मरम्मत कराने की करता है। लेकिन स्थिति यह है कि सप्ताहभर बाद भी ग्रामीणांचल के कई इलाकों में ट्रांसफार्मर नहीं लगाए जा रहे हैं। बारिश में अधिक ट्रांसफार्मर फुंकने की वजह खुले में रखे ट्रांसफार्मर बताए जाते हैं। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता एके मिश्र का कहना है कि बारिश की वजह से जून माह में अधिक संख्या में ट्रांसफार्मर जले हैं। उन्होंने कहा कि जले ट्रांसफार्मरों को दो दिन के अंदर बदलने का प्रयास किया जाता है।
विज्ञापन
जिले में 10 केवीए के 80, 25 केवीए के 248, 63 केवीए के 89, 100 केवीए 31, 250 केवीए के 16 ट्रांसफार्मर सहित 464 ट्रांसफार्मर एक जून से 30 जून के बीच फुंक गए। इसमें तकरीबन 448 की मरम्मत करा दी गई है। इसी तरह मई माह में 10 केवीए के 70, 25 केवीए के 220, 63 केवीए के 85, 100 केवीए के 28, 250 केवीए के 8, 400 केवीए के 5 ट्रांसफार्मर सहित 416 ट्रांसफार्मर फुंके थे। सबसे अधिक ट्रांसफार्मर विद्युत वितरण खंड द्वितीय में फुंके हैं। जिनकी संख्या 174 बताई जाती है। बारिश के मौसम में ट्रांसफार्मर फुंकने से लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। 426 में 403 ट्रांसफार्मर की मई में मरम्मत कराई गई। विभाग दावा तो 24 घंटे में मरम्मत कराने की करता है। लेकिन स्थिति यह है कि सप्ताहभर बाद भी ग्रामीणांचल के कई इलाकों में ट्रांसफार्मर नहीं लगाए जा रहे हैं। बारिश में अधिक ट्रांसफार्मर फुंकने की वजह खुले में रखे ट्रांसफार्मर बताए जाते हैं। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता एके मिश्र का कहना है कि बारिश की वजह से जून माह में अधिक संख्या में ट्रांसफार्मर जले हैं। उन्होंने कहा कि जले ट्रांसफार्मरों को दो दिन के अंदर बदलने का प्रयास किया जाता है।
विज्ञापन