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सुमूहिक दुष्कर्म में जांच का सीओ को आदेश
Updated Mon, 25 Jun 2018 11:52 PM IST
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जौनपुर। बदलापुर थाना क्षेत्र निवासी विवाहिता से गैंगरेप के मामले में दो आरोपियों एवं रिपोर्ट दर्ज न करने वाले थानाध्यक्ष बदलापुर पर सीजेएम ने वाद दर्ज करने के बाद मामले की जांच का आदेश क्षेत्राधिकारी को दिया है। जांच की बिंदुवार आख्या 10 जुलाई को कोर्ट ने तलब किया है।
महिला ने कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र दिया कि 8 जून 2018 को 9 बजे रात शौच के लिए घर से कुछ दूरी पर गई थी। इतने में राम अनुज व एक अन्य अज्ञात व्यक्ति उसे दबोच लिए। उसका मुंह बांधकर चाकू की नोंक पर उसके साथ दुष्कर्म किए। धमकी दिए कि कहीं शिकायत की तो जान से मार देंगे। पीड़िता थाने पर प्रार्थना पत्र देने गई तो थानाध्यक्ष ने सुलह का दबाव डाला। तैयार न होने पर गालियां देते हुए डांट कर भगा दिया। पुलिस अधीक्षक को घटना की सूचना दी तो थानाध्यक्ष और नाराज हो गए। न तो पीड़िता का मेडिकल कराए, न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही की। उन्होंने अपने पदीय कर्तव्यों का दुरुपयोग किया एवं विधि एवं आदेश की अवहेलना किया। पीड़िता ने मुख्यमंत्री, डीजीपी, एसपी को जरिए रजिस्टर्ड डाक घटना की सूचना दिया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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महिला ने कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र दिया कि 8 जून 2018 को 9 बजे रात शौच के लिए घर से कुछ दूरी पर गई थी। इतने में राम अनुज व एक अन्य अज्ञात व्यक्ति उसे दबोच लिए। उसका मुंह बांधकर चाकू की नोंक पर उसके साथ दुष्कर्म किए। धमकी दिए कि कहीं शिकायत की तो जान से मार देंगे। पीड़िता थाने पर प्रार्थना पत्र देने गई तो थानाध्यक्ष ने सुलह का दबाव डाला। तैयार न होने पर गालियां देते हुए डांट कर भगा दिया। पुलिस अधीक्षक को घटना की सूचना दी तो थानाध्यक्ष और नाराज हो गए। न तो पीड़िता का मेडिकल कराए, न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही की। उन्होंने अपने पदीय कर्तव्यों का दुरुपयोग किया एवं विधि एवं आदेश की अवहेलना किया। पीड़िता ने मुख्यमंत्री, डीजीपी, एसपी को जरिए रजिस्टर्ड डाक घटना की सूचना दिया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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