{"_id":"5b2e93a54f1c1b264d8b81cf","slug":"152977911051000-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"1000 जर्जर सड़कों पर दुश्वारियों भरा सफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
1000 जर्जर सड़कों पर दुश्वारियों भरा सफर
Updated Sun, 24 Jun 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर। जिले में 6000 सड़कें सभी गांवों और मुहल्लों को जोड़ती हैं। इसमें से लगभग 1000 ऐसी सड़कें बदहाल हैं। उन पर चलना दुश्वार है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जो राहगीरों का इम्तिहान लेते हैं। लोक निर्माण विभाग की 302 सड़कें बदहाल हैं। शेष खराब सड़कें नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत, मंडी समिति की हैं। गर्मी में तो जैसे-जैसे लोग बदहाल सड़कों पर सफर कर भी लेते थे लेकिन बरसात में समस्या और बढ़ने वाली है।
ग्रामीण इलाकों में सड़कों की देखभाल और मरम्मत की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत, मंडी समिति, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा और विकास खंड की है। शहर क्षेत्र में नगर पंचायत, नगर पालिका सड़कों की मरम्मत करती है। जिले में दस हजार किलोमीटर लंबी छह हजार सड़के हैं। इसमें लोक निर्माण विभाग की 3800 सड़कें शामिल हैं, जिनकी लंबाई 6000 किमी से अधिक है। विभाग की तमाम सड़कें ऐसी है, जिन पर दस साल से कोई मरम्मत ही नहीं हुई। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने 302 ऐसी सड़कों की सूची तैयार की है, जिन पर चलना दुष्कर है। इन सड़कों पर 300 किलोमीटर का खराब हिस्सा है। विभाग इनकी मरम्मत कराने की तैयारी में हैं। नगर पालिका, नगर पंचायतों, जिला पंचायत, ग्रामीण विकास अभियंत्रण सेवा, मंडी समिति, विकासखंड 700 सड़कें जीर्ण- शीर्ण हो चुकी हैं। सबसे खराब स्थिति मंडी समिति की सड़कों की है।
जौनपुर। ऐसी तमाम सड़कें हैं, जिनके रखरखाव पर जिम्मेदार विभागों को ध्यान ही नहीं है। कुछ की पांच साल से विभाग ने सुध नहीं ली तो कुछ को दस साल से पूछा ही नहीं गया है।
विज्ञापन
सुजानगंज रोड की मरम्मत पांच सालों से नहीं हुई। बाजार वालों ने कई बार धरना-प्रदर्शन किया तो मरम्मत शुरू हुई मगर ठेकेदार ने गिट्टी डाल कर छोड़ दिया है। जलालपुर से सुगुरदीपुर संपर्क मार्ग की गिट्टियां उखड़ गई हैं। लोक निर्माण विभाग ने चार महीने पहले मरम्मत कराई थी लेकिन नेवादा ग्राम में सड़क धंस गई है। मछलीशहर में छाछो-दशरथपुर मार्ग, कुरनी-दशरथपुर मार्ग, दाउदपुर मार्ग, छाछो-कोठारी मार्ग, खजुरहट-जुड़उपुर मार्ग की गिट्टियां उखड़ गई हैं। लोक सड़क बनवाने के लिए अफसरों को पत्रक दे चुके हैं। मीरगंज के गोधना-निगोह मार्ग, चौकीखुर्द-अगहुआ संपर्क मार्ग, भटहर- कमासिन संपर्क मार्ग, अगहुआ देवापुर संपर्क मार्ग, बंधवा बाजार पुरानी सड़क, जरौना-जंघई मार्ग, कसेरवा-अभिया पुल तक मार्ग, मीरगंज से थाना होते हुए सरोज बस्ती मार्ग बदहाल है।
सिंगरामऊ से सेतापुर जाने वाले मार्ग पर गड्ढे दुर्घटना के कारण बन रहे हैं। बाइक सवार आए दिन गिरकर चुटहिल होते रहते हैं। शाहगंज में दुद्धी-लुंबिनी मार्ग पर बिलवाई से जौनपुर की 40 किमी सड़क बनवाई गई लेकिन उसरहटा (आजाद) से ढंढवारा, सहावैं, बद्दोपुर, निजामुद्दीन गांव से संपर्क मार्गों की हालत खस्ता है। आजाद क्रासिंग से अरंद, हाजीपुर, रफीपुर, अरनौला गांव व सबरहद गांव जाने वाली सड़कों की भी हालत खस्ता है। शाहगंज शहर में सुल्तानपुर-आजमगढ़ बाईपास (दादर पुल) बना। पता नहीं क्यों पांच मीटर सड़क नहीं बनी जो हादसे का सबब बनी हुई है। खेतासराय के सोंगर से भदैठी मार्ग तीन किलोमीटर की दूरी तक जौनपुर-आजमगढ़ सीमा पर है। इस मार्ग की हालत जर्जर हो चुकी है। बक्शा क्षेत्र के बक्शा भिवरहा रेलवे क्रासिंग से सद्दुपुर सरहद तक पिछले वर्ष डेढ़ किलोमीटर तक सड़क निर्माण कराया गया था।
विज्ञापन
ग्रामीण इलाकों में सड़कों की देखभाल और मरम्मत की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत, मंडी समिति, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा और विकास खंड की है। शहर क्षेत्र में नगर पंचायत, नगर पालिका सड़कों की मरम्मत करती है। जिले में दस हजार किलोमीटर लंबी छह हजार सड़के हैं। इसमें लोक निर्माण विभाग की 3800 सड़कें शामिल हैं, जिनकी लंबाई 6000 किमी से अधिक है। विभाग की तमाम सड़कें ऐसी है, जिन पर दस साल से कोई मरम्मत ही नहीं हुई। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने 302 ऐसी सड़कों की सूची तैयार की है, जिन पर चलना दुष्कर है। इन सड़कों पर 300 किलोमीटर का खराब हिस्सा है। विभाग इनकी मरम्मत कराने की तैयारी में हैं। नगर पालिका, नगर पंचायतों, जिला पंचायत, ग्रामीण विकास अभियंत्रण सेवा, मंडी समिति, विकासखंड 700 सड़कें जीर्ण- शीर्ण हो चुकी हैं। सबसे खराब स्थिति मंडी समिति की सड़कों की है।
विज्ञापन
जौनपुर। ऐसी तमाम सड़कें हैं, जिनके रखरखाव पर जिम्मेदार विभागों को ध्यान ही नहीं है। कुछ की पांच साल से विभाग ने सुध नहीं ली तो कुछ को दस साल से पूछा ही नहीं गया है।
विज्ञापन
सुजानगंज रोड की मरम्मत पांच सालों से नहीं हुई। बाजार वालों ने कई बार धरना-प्रदर्शन किया तो मरम्मत शुरू हुई मगर ठेकेदार ने गिट्टी डाल कर छोड़ दिया है। जलालपुर से सुगुरदीपुर संपर्क मार्ग की गिट्टियां उखड़ गई हैं। लोक निर्माण विभाग ने चार महीने पहले मरम्मत कराई थी लेकिन नेवादा ग्राम में सड़क धंस गई है। मछलीशहर में छाछो-दशरथपुर मार्ग, कुरनी-दशरथपुर मार्ग, दाउदपुर मार्ग, छाछो-कोठारी मार्ग, खजुरहट-जुड़उपुर मार्ग की गिट्टियां उखड़ गई हैं। लोक सड़क बनवाने के लिए अफसरों को पत्रक दे चुके हैं। मीरगंज के गोधना-निगोह मार्ग, चौकीखुर्द-अगहुआ संपर्क मार्ग, भटहर- कमासिन संपर्क मार्ग, अगहुआ देवापुर संपर्क मार्ग, बंधवा बाजार पुरानी सड़क, जरौना-जंघई मार्ग, कसेरवा-अभिया पुल तक मार्ग, मीरगंज से थाना होते हुए सरोज बस्ती मार्ग बदहाल है।
सिंगरामऊ से सेतापुर जाने वाले मार्ग पर गड्ढे दुर्घटना के कारण बन रहे हैं। बाइक सवार आए दिन गिरकर चुटहिल होते रहते हैं। शाहगंज में दुद्धी-लुंबिनी मार्ग पर बिलवाई से जौनपुर की 40 किमी सड़क बनवाई गई लेकिन उसरहटा (आजाद) से ढंढवारा, सहावैं, बद्दोपुर, निजामुद्दीन गांव से संपर्क मार्गों की हालत खस्ता है। आजाद क्रासिंग से अरंद, हाजीपुर, रफीपुर, अरनौला गांव व सबरहद गांव जाने वाली सड़कों की भी हालत खस्ता है। शाहगंज शहर में सुल्तानपुर-आजमगढ़ बाईपास (दादर पुल) बना। पता नहीं क्यों पांच मीटर सड़क नहीं बनी जो हादसे का सबब बनी हुई है। खेतासराय के सोंगर से भदैठी मार्ग तीन किलोमीटर की दूरी तक जौनपुर-आजमगढ़ सीमा पर है। इस मार्ग की हालत जर्जर हो चुकी है। बक्शा क्षेत्र के बक्शा भिवरहा रेलवे क्रासिंग से सद्दुपुर सरहद तक पिछले वर्ष डेढ़ किलोमीटर तक सड़क निर्माण कराया गया था।