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डॉक्टर की हत्या के तीन आरोपियों को उम्रकैद
Updated Wed, 06 Jun 2018 12:08 AM IST
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जौनपुर। बदलापुर थाना क्षेत्र के देनुआ गांव में मरीज देख कर लौट रहे डॉक्टर अरिमर्दन यादव की चाक घोंपकर हत्या करने के तीन आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट मनोज कुमार सिंह गौतम ने आजीवन कारावास व एक-एक लाख रूपये जुर्माने की सजा सुनाया। जुर्माने की आधी धनराशि मृतक के परिजनों को देने का आदेश हुआ है। मृतक के भाई त्रिवेणी यादव निवासी बलीपुर घनश्यामपुर ने थाना बदलापुर में प्राथमिकी दर्ज कराया था।
अभियोजन के अनुसार 3 अक्टूबर 2000 की शाम आठ बजे डॉक्टर अरिमर्दन जो ग्राम प्रधान भी थे, एक मरीज को देख कर घर वापस आ रहे थे। वह देनुआ गांव में कन्हई के खेत के पास पहुंचे थे तभी पहले से घात लगाकर बैठे आरोपी मंगला उपाध्याय, शिवनाथ उपाध्याय, पिंकू व सुनील मिश्र ने उन पर चाकू से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाई। शोर पर वादी व अन्य लोग घटनास्थल पर पहुंचे। वादी व अन्य लोगों को देख आरोपी मौके से फरार हो गए। वादी के भाई के शरीर पर चाकू की कई चोटें थीं। हॉस्पिटल ले जाते समय रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना अभियुक्तों ने जमीनी रंजिश एवं प्रधानी के चुनाव की रंजिश को लेकर अंजाम दिया। पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। एडीजीसी संजय श्रीवास्तव,विजय नारायण सिंह ने गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी मंगला, शिवनाथ व सुनील को हत्या के जुर्म में दोषी पाते हुए सजा सुनाया। दौरान मुकदमा आरोपी पिंकू की मृत्यु हो गई।हत्या के षड्यंत्र के आरोपी श्रीराम को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
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अभियोजन के अनुसार 3 अक्टूबर 2000 की शाम आठ बजे डॉक्टर अरिमर्दन जो ग्राम प्रधान भी थे, एक मरीज को देख कर घर वापस आ रहे थे। वह देनुआ गांव में कन्हई के खेत के पास पहुंचे थे तभी पहले से घात लगाकर बैठे आरोपी मंगला उपाध्याय, शिवनाथ उपाध्याय, पिंकू व सुनील मिश्र ने उन पर चाकू से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाई। शोर पर वादी व अन्य लोग घटनास्थल पर पहुंचे। वादी व अन्य लोगों को देख आरोपी मौके से फरार हो गए। वादी के भाई के शरीर पर चाकू की कई चोटें थीं। हॉस्पिटल ले जाते समय रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना अभियुक्तों ने जमीनी रंजिश एवं प्रधानी के चुनाव की रंजिश को लेकर अंजाम दिया। पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। एडीजीसी संजय श्रीवास्तव,विजय नारायण सिंह ने गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी मंगला, शिवनाथ व सुनील को हत्या के जुर्म में दोषी पाते हुए सजा सुनाया। दौरान मुकदमा आरोपी पिंकू की मृत्यु हो गई।हत्या के षड्यंत्र के आरोपी श्रीराम को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
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