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इमाम इमाम खुमैनी थे युग पुरूष
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:20 AM IST
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जौनपुर। हजरत इमाम खुमैनी की 28वीं बरसी पर शेख नुरूल हसन मेमोरियल सोसायटी द्वारा सोमवार को मस्जिद ए चहारसू मखदूम शाह अढ़न में मजलिस का आयोजन किया गया। जिसमें हजरत इमाम खुमैनी की 28वीं बरसी मनाई गई। साथ ही उनके कृतित्व व व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया।
जामिया नासिरिया इमामिया के अध्यापक मौलाना फजल अब्बास जैदी ने कहा कि इमाम खुमैनी युग पुरुष थे। उनके जैसे महापुरुष सदियों में पैदा होते हैं। इमाम खुमैनी ईरान के शिया धर्मगुरु थे। उन्होंने ईरान में क्रांति लाकर इस्लामिक लोकतंत्र की स्थापना की थी। कहा कि ईरान जो कि उस समय पश्चिमी संस्कृति का केंद्र बन गया था, अपन विचारों से परिवर्तित कर युग पुरुष कहे गए। उन्होंने कहा कि इमाम खुमैनी का देहावसान चार जून 1989 को हुआ था लेकिन आज भी उनके विचार समय की आवश्यकता है। आज उनके विचारों को आगे बढ़ाने में रहबर ए इंकलाब आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनाई की महत्वपूर्ण भूमिका है। मजलिस के अंत में शेख नुरूल हसन मेमोरियल सोसायटी के प्रबंधक व समाज सेवी शेख अली मंजर डेजी ने हजरत इमाम खुमैनी के इसाले शबाब के लिए सूरह फातेहा पढ़ाया व उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जौनपुर अजादारी काउंसिल के उपाध्यक्ष सैय्यद इसरार हुसैन एडवोकेट, मेमोरियल सोसायटी के संरक्षक शेख हसीन अहमद, वसीम हैदर, जौनपुर अजादारी काउंसिल के सचिव तहसीन अब्बास सोनी, प्रवक्ता असलम नकवी, डा. राहिल, आदिल, सैफ, अब्बास, नईम हैदर, फहीम हैदर, कलीम हैदर, बहादुर, शहरयार हुसैन आदि उपस्थित रहे।
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जामिया नासिरिया इमामिया के अध्यापक मौलाना फजल अब्बास जैदी ने कहा कि इमाम खुमैनी युग पुरुष थे। उनके जैसे महापुरुष सदियों में पैदा होते हैं। इमाम खुमैनी ईरान के शिया धर्मगुरु थे। उन्होंने ईरान में क्रांति लाकर इस्लामिक लोकतंत्र की स्थापना की थी। कहा कि ईरान जो कि उस समय पश्चिमी संस्कृति का केंद्र बन गया था, अपन विचारों से परिवर्तित कर युग पुरुष कहे गए। उन्होंने कहा कि इमाम खुमैनी का देहावसान चार जून 1989 को हुआ था लेकिन आज भी उनके विचार समय की आवश्यकता है। आज उनके विचारों को आगे बढ़ाने में रहबर ए इंकलाब आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनाई की महत्वपूर्ण भूमिका है। मजलिस के अंत में शेख नुरूल हसन मेमोरियल सोसायटी के प्रबंधक व समाज सेवी शेख अली मंजर डेजी ने हजरत इमाम खुमैनी के इसाले शबाब के लिए सूरह फातेहा पढ़ाया व उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जौनपुर अजादारी काउंसिल के उपाध्यक्ष सैय्यद इसरार हुसैन एडवोकेट, मेमोरियल सोसायटी के संरक्षक शेख हसीन अहमद, वसीम हैदर, जौनपुर अजादारी काउंसिल के सचिव तहसीन अब्बास सोनी, प्रवक्ता असलम नकवी, डा. राहिल, आदिल, सैफ, अब्बास, नईम हैदर, फहीम हैदर, कलीम हैदर, बहादुर, शहरयार हुसैन आदि उपस्थित रहे।
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