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जगदीशपुर और नईगंज क्रासिंग पर बनेगा ओवरब्रिज!
Updated Mon, 28 May 2018 12:12 AM IST
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जगदीशपुर और नईगंज रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की कवायद एक बार फिर शुरू हो गई है। इस बार डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। जिसे प्रदेश शासन को भेजा जाएगा। फिर प्रदेश शासन इसे केंद्र सरकार को भेजेगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ओवरब्रिज का निर्माण हो सकेगा। जिससे घंटों रेलवे क्रासिंग पर लगने वाले जाम से लोगों को न केवल राहत मिलेगी। बल्कि इसका असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ेेगा।
जौनपुर शहर में यातायात का दबाव बढ़ने के पीछे चारों तरफ क्रासिंग से शहर का घिरा होना भी एक कारण है। जौनपुर-आजमगढ़ रोड पर दो क्रासिंग, जौनपुर-इलाहाबाद रोड पर नईगंज क्रासिंग, जौनपुर-वाराणसी रोड पर जगदीशपुर क्रासिंग और जफराबाद क्रासिंग, जौनपुर-मड़ियाहूं-मिर्जापुर रोड पर क्रासिंग, जौनपुर-शाहगंज रोड पर दो क्रासिंग हैं। इसमें मड़ियाहूं मिर्जापुर रोड पर सिटी स्टेशन के निकट पिछले पांच सालों से ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है। जो अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जबकि यह रूट दुद्धी-लुंबिनी मार्ग है। सबसे खराब स्थिति इलाहाबाद रोड पर नईगंज क्रासिंग की है। जहां 24 घंटे में कई बार जाम लग जाता है। लोग घंटों परेशान रहते हैं। जौनपुर-लखनऊ मार्ग भी इसकी वजह से प्रभावित हो जाता है। इसी तरह वाराणसी रोड पर जगदीशपुर क्रासिंग की भी स्थिति ऐसी है कि जहां क्रासिंग बंद होने से बार-बार जाम लगता है। जौनपुर में हादसे की घटनाएं अधिक होती हैं। और हादसे में घायल लोगों को जब वाराणसी के लिए रेफर किया जाता है, तो क्रासिंग बंद होने की वजह से लोगों के एंबुलेंस जाम में फंस जाते हैं और समय इलाज नहीं मिल पाता है। यही कारण है कि हादसों में मरने वालों की सबसे अधिक संख्या वाराणसी जोन में जौनपुर की है।
इनसेट--
ओवरब्रिज बनता है चुनावी मुद्दा
जौनपुर। जगदीशपुर और नईगंज क्रासिंग का ओवरब्रिज चुनाव में भी मुद्दा बनता है। चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी यहां क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनवाने का दावा करते हैं। कई बार प्रयास भी किया गया। लेकिन कोई मंजूरी नहीं मिल सकी। जबकि कई सांसद और विधायकों ने ओवरब्रिज बनवाने का दावा किया था। एक सांसद ने तो मंजूरी मिलने की घोषणा भी कर दी। लेकिन हुआ कुछ नहीं। अब डीएम ने पहल शुरू की है। देखना है कि यह पहल भी कागजों तक ही सीमित रह जाता है या कुछ सार्थक परिणाम भी सामने आता है।
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इनसेट--
ट्रैफिक नियम का पालन नहीं होता
जौनपुर। जगदीशपुर और नईगंज क्रासिंग पर जाम से लोगों को निजात दिलाने के लिए यातायात महकमे ने होमगार्ड लगा रखे हैं। लेकिन कोई भी ट्रैफिक रूल का पालन नहीं करता। जिससे ओवरटेक करने में लंबा जाम लग जाता है। एक बार क्रासिंग बंद होने पर आधे घंटे से अधिक का जाम लगता तय है। परिवहन विभाग के अनुमान के मुताबिक नईगंज क्रासिंग पर हर रोज 80 हजार और जगदीशपुर क्रासिंग पर तकरीबन एक लाख वाहनों का आना जाना है।
कोट--
जगदीशपुर और नईगंज क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए प्रस्ताव का स्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। यह शासन को भेजा जाएगा। इसकी मंजूरी के लिए जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाएगा। ओवरब्रिज निर्माण न होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
अरविंद मलप्पा बंगारी
डीएम
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जौनपुर शहर में यातायात का दबाव बढ़ने के पीछे चारों तरफ क्रासिंग से शहर का घिरा होना भी एक कारण है। जौनपुर-आजमगढ़ रोड पर दो क्रासिंग, जौनपुर-इलाहाबाद रोड पर नईगंज क्रासिंग, जौनपुर-वाराणसी रोड पर जगदीशपुर क्रासिंग और जफराबाद क्रासिंग, जौनपुर-मड़ियाहूं-मिर्जापुर रोड पर क्रासिंग, जौनपुर-शाहगंज रोड पर दो क्रासिंग हैं। इसमें मड़ियाहूं मिर्जापुर रोड पर सिटी स्टेशन के निकट पिछले पांच सालों से ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है। जो अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जबकि यह रूट दुद्धी-लुंबिनी मार्ग है। सबसे खराब स्थिति इलाहाबाद रोड पर नईगंज क्रासिंग की है। जहां 24 घंटे में कई बार जाम लग जाता है। लोग घंटों परेशान रहते हैं। जौनपुर-लखनऊ मार्ग भी इसकी वजह से प्रभावित हो जाता है। इसी तरह वाराणसी रोड पर जगदीशपुर क्रासिंग की भी स्थिति ऐसी है कि जहां क्रासिंग बंद होने से बार-बार जाम लगता है। जौनपुर में हादसे की घटनाएं अधिक होती हैं। और हादसे में घायल लोगों को जब वाराणसी के लिए रेफर किया जाता है, तो क्रासिंग बंद होने की वजह से लोगों के एंबुलेंस जाम में फंस जाते हैं और समय इलाज नहीं मिल पाता है। यही कारण है कि हादसों में मरने वालों की सबसे अधिक संख्या वाराणसी जोन में जौनपुर की है।
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ओवरब्रिज बनता है चुनावी मुद्दा
जौनपुर। जगदीशपुर और नईगंज क्रासिंग का ओवरब्रिज चुनाव में भी मुद्दा बनता है। चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी यहां क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनवाने का दावा करते हैं। कई बार प्रयास भी किया गया। लेकिन कोई मंजूरी नहीं मिल सकी। जबकि कई सांसद और विधायकों ने ओवरब्रिज बनवाने का दावा किया था। एक सांसद ने तो मंजूरी मिलने की घोषणा भी कर दी। लेकिन हुआ कुछ नहीं। अब डीएम ने पहल शुरू की है। देखना है कि यह पहल भी कागजों तक ही सीमित रह जाता है या कुछ सार्थक परिणाम भी सामने आता है।
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ट्रैफिक नियम का पालन नहीं होता
जौनपुर। जगदीशपुर और नईगंज क्रासिंग पर जाम से लोगों को निजात दिलाने के लिए यातायात महकमे ने होमगार्ड लगा रखे हैं। लेकिन कोई भी ट्रैफिक रूल का पालन नहीं करता। जिससे ओवरटेक करने में लंबा जाम लग जाता है। एक बार क्रासिंग बंद होने पर आधे घंटे से अधिक का जाम लगता तय है। परिवहन विभाग के अनुमान के मुताबिक नईगंज क्रासिंग पर हर रोज 80 हजार और जगदीशपुर क्रासिंग पर तकरीबन एक लाख वाहनों का आना जाना है।
कोट--
जगदीशपुर और नईगंज क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए प्रस्ताव का स्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। यह शासन को भेजा जाएगा। इसकी मंजूरी के लिए जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाएगा। ओवरब्रिज निर्माण न होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
अरविंद मलप्पा बंगारी
डीएम