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पूविवि गेट पर छात्रों ने जलाई यूजीसी की रोस्टर प्रतियां
Updated Tue, 08 May 2018 12:32 AM IST
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर सोमवार को छात्रों ने यूजीसी द्वारा जारी रोस्टर प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने यूजीसी के नए नियम को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि यूजीसी अगर अपने इस फैसले को वापस नहीं लेता तो इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन होगा।
इंडिया फॉर सोशल जस्टिस के आह्वान पर सोमवार को देश के सभी विश्वविद्यालयों में यूजीसी के आरक्षण विरोधी रोस्टर की प्रतियां जलाने के फैसले के तहत सोमवार को छात्र नेता राकेश यादव के नेतृत्व में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर छात्रों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की फिर प्रतियां जलाई। यहां छात्रों को संबोधित करते हुए राकेश ने कहा कि आज उच्च शिक्षा पर चौतरफा हमले करके इसे बर्बाद करने की लगातार कोशिश जारी की जा रही है। पांच मार्च को यूजीसी द्वारा जारी फरमान से देश के बहुसंख्यक वंचित समाज के लिए उच्च शिक्षा के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे क्योंकि विभागवार रोस्टर से आरक्षण पूरी तरह खत्म हो जाएगा। दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, पसमांदा व महिलाओं की पहली पीढ़ी ही अभी उच्च शिक्षा तक पहुंच पाई है। ऐसे में आरक्षण विरोधी रोस्टर के साथ साथ ऑटोनामी, निजीकरण जैसे प्रावधानों के बहाने उच्च शिक्षा का बर्बाद किया जाना मूलत: सामाजिक न्याय विरोधी व राष्ट्र विरोधी है। सर्कुलर तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो अखिल भारतीय छात्र आन्दोलन के लिए देश भर के छात्र मजबूर होंगे। रमन कुमार ने कहा कि यूजीसी ने उच्च शिक्षा में विभागवार रोस्टर प्रणाली लागू कर उच्च शिक्षा में आरक्षण खत्म करने की साजिश की है। विभागों में सीटों की संख्या कम होने से आरक्षित वर्ग के लिए अवसर ही समाप्त हो जाएंगे। जबकि पूर्व की प्रणाली में विश्वविद्यालय अथवा कॉलेज को एक इकाई मानकर रोस्टर निर्धारित होता था, जिससे सीटों की पर्याप्त संख्या होने के कारण संवैधानिक आरक्षण प्रक्रिया के तहत सभी के लिए अवसर उपलब्ध होते रहे। इस मौके पर आशीष यादव, सोनू , मोनू यादव, सनी, रुपेश, आशुतोष, संदीप, जेडी खान, वैभव वाहिद, अब्दुल तलहा, डिम्पल सिंह, विजय आदि छात्र नेता मौजूद रहे।
इंडिया फॉर सोशल जस्टिस के आह्वान पर सोमवार को देश के सभी विश्वविद्यालयों में यूजीसी के आरक्षण विरोधी रोस्टर की प्रतियां जलाने के फैसले के तहत सोमवार को छात्र नेता राकेश यादव के नेतृत्व में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर छात्रों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की फिर प्रतियां जलाई। यहां छात्रों को संबोधित करते हुए राकेश ने कहा कि आज उच्च शिक्षा पर चौतरफा हमले करके इसे बर्बाद करने की लगातार कोशिश जारी की जा रही है। पांच मार्च को यूजीसी द्वारा जारी फरमान से देश के बहुसंख्यक वंचित समाज के लिए उच्च शिक्षा के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे क्योंकि विभागवार रोस्टर से आरक्षण पूरी तरह खत्म हो जाएगा। दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, पसमांदा व महिलाओं की पहली पीढ़ी ही अभी उच्च शिक्षा तक पहुंच पाई है। ऐसे में आरक्षण विरोधी रोस्टर के साथ साथ ऑटोनामी, निजीकरण जैसे प्रावधानों के बहाने उच्च शिक्षा का बर्बाद किया जाना मूलत: सामाजिक न्याय विरोधी व राष्ट्र विरोधी है। सर्कुलर तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो अखिल भारतीय छात्र आन्दोलन के लिए देश भर के छात्र मजबूर होंगे। रमन कुमार ने कहा कि यूजीसी ने उच्च शिक्षा में विभागवार रोस्टर प्रणाली लागू कर उच्च शिक्षा में आरक्षण खत्म करने की साजिश की है। विभागों में सीटों की संख्या कम होने से आरक्षित वर्ग के लिए अवसर ही समाप्त हो जाएंगे। जबकि पूर्व की प्रणाली में विश्वविद्यालय अथवा कॉलेज को एक इकाई मानकर रोस्टर निर्धारित होता था, जिससे सीटों की पर्याप्त संख्या होने के कारण संवैधानिक आरक्षण प्रक्रिया के तहत सभी के लिए अवसर उपलब्ध होते रहे। इस मौके पर आशीष यादव, सोनू , मोनू यादव, सनी, रुपेश, आशुतोष, संदीप, जेडी खान, वैभव वाहिद, अब्दुल तलहा, डिम्पल सिंह, विजय आदि छात्र नेता मौजूद रहे।
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