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वाहनों के लोड से जंघई मार्ग पर बढ़ी दुर्घटानाएं
Updated Thu, 03 May 2018 12:44 AM IST
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मछलीशहर (जौनपुर)। इलाहाबाद-जंघई मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही से हादसे बड़ गए हैं। अब तक इस मार्ग पर छह से ज्यादा लोग हादसों से जान गवां चुके हैं। इस सिंगल मार्ग पर इलाहाबाद जाने वाले भारी वाहनों को रोकने की लोग लगातार मांग करते रहे हैं।
फूलपुर में रेलवे ओवरब्रिज का काम शुरू होने के बाद से जिला प्रशासन ने भारी वाहनों को भूपियामऊ होते हुए रायबरेली हाईवे से होते हुए इलाहाबाद भेजने का निर्णय लिया था। मगर इस पर अमल नहीं किया जा सका। वाहन चालक उस रास्ते नहीं जाना चाहते हैं क्योंकि एक तो दूरी बढ़ जाएगी और दूसरे टोल टैक्स देना पड़ेगा। टोल बचाने के चक्कर में भारी वाहन चालक जंघई के रास्ते जा रहे हैं और उनको रोका नहीं जा रहा है। इस पटरी विहीन सिंगल सड़क से भारी वाहनों की आवाजाही होने से दुर्घटना भी बढ़ गई हैं। इस मार्ग पर हादसों में मेदपुर बनकट गांव के रामधारी पाल, नागेंद्र पाल, शशिधर पाल, भिदुना के दिनेश यादव बसढुआ के योगेंद्र यादव, बभनियांव के पुर्णमासी व सकीला बानो, चौकीकला के रामबली यादव, गोधना की कोमल (10), व राज सौनी (10), बरांवा के राकेश विश्वकर्मा जान गंवा चुके है। सड़क की चौडाई कम होने के कारण ओवरटेक करने के दौरान हादसे हेते हैं। भारी वाहनों से बचने के चक्कर में बाइक सवार पटरी पर उतरने लगते हैं और अनियंत्रित हो जाते हैं। हर हादसे के बाद ग्रामीणों ने इस मार्ग पर भारी वाहन रोकने की मांग की। कई बार चक्का जाम भी किया गया। हर बार अधिकारियों ने भारी वाहनों की आवाजाही रोकने का आश्वासन दिया लेकिन उसका पालन नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि टोल बचाने के चक्कर में वाहन चालक पुलिस वालों की जेबें गर्म करते हैं और इधर से आ जाते हैं।
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फूलपुर में रेलवे ओवरब्रिज का काम शुरू होने के बाद से जिला प्रशासन ने भारी वाहनों को भूपियामऊ होते हुए रायबरेली हाईवे से होते हुए इलाहाबाद भेजने का निर्णय लिया था। मगर इस पर अमल नहीं किया जा सका। वाहन चालक उस रास्ते नहीं जाना चाहते हैं क्योंकि एक तो दूरी बढ़ जाएगी और दूसरे टोल टैक्स देना पड़ेगा। टोल बचाने के चक्कर में भारी वाहन चालक जंघई के रास्ते जा रहे हैं और उनको रोका नहीं जा रहा है। इस पटरी विहीन सिंगल सड़क से भारी वाहनों की आवाजाही होने से दुर्घटना भी बढ़ गई हैं। इस मार्ग पर हादसों में मेदपुर बनकट गांव के रामधारी पाल, नागेंद्र पाल, शशिधर पाल, भिदुना के दिनेश यादव बसढुआ के योगेंद्र यादव, बभनियांव के पुर्णमासी व सकीला बानो, चौकीकला के रामबली यादव, गोधना की कोमल (10), व राज सौनी (10), बरांवा के राकेश विश्वकर्मा जान गंवा चुके है। सड़क की चौडाई कम होने के कारण ओवरटेक करने के दौरान हादसे हेते हैं। भारी वाहनों से बचने के चक्कर में बाइक सवार पटरी पर उतरने लगते हैं और अनियंत्रित हो जाते हैं। हर हादसे के बाद ग्रामीणों ने इस मार्ग पर भारी वाहन रोकने की मांग की। कई बार चक्का जाम भी किया गया। हर बार अधिकारियों ने भारी वाहनों की आवाजाही रोकने का आश्वासन दिया लेकिन उसका पालन नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि टोल बचाने के चक्कर में वाहन चालक पुलिस वालों की जेबें गर्म करते हैं और इधर से आ जाते हैं।
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