{"_id":"5ae612e94f1c1b3a0b8b7381","slug":"15250275611-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फाइलों के गट्ठर से मुक्त होंगे कार्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फाइलों के गट्ठर से मुक्त होंगे कार्यालय
Updated Mon, 30 Apr 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर। सरकारी दफ्तरों में फाइलों पर धूल नहीं जमेगी। पटल सहायकों को भी फाइलों को संभालने से मुक्ति मिल जाएगी। अब ई-आफिस प्रणाली विकसित की जा रही है, जिसके तहत सब कुछ आनलाइन हो जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों और अधिकारियों का डिजिटल सिग्नेचर कराया जा रहा है। जिले के 65 विभागों में कागजों पर ही काम होता है। हर काम की अलग पत्रावली बनानी पड़ती है। उनका गट्ठर सहेज कर रखना भी पड़ता है। साल में कई टन कागज का ढेर दफ्तरों में लग जाता है। किसी फाइल की जरूरत हो तो उसे खोजना भी कम जहमत का काम नहीं होता है। उनमें से कुछ कागज गायब भी हो जाते हैं। अब सब कुछ डिजिलट हो जाएगा। महज एक क्लिक से किसी भी फाइल के बारे में पता लगाया जा सकेगा। सरकार ई-आफिस प्रणाली लागू करने जा रही है। इसमें पत्राचार, ट्रांजेक्शन, सूचनाएं, आदेश आदि सब कुछ आनलाइन किए जाएंगे। एक जगह से क्लिक करते ही फाइल दूसरे अधिकारी के यहां पहुंच जाएगी। इससे डिस्पैच में पत्रों के खोने का भय भी नहीं रहेगा। फाइल पर की गई टिप्पणियों और आदेशों की जवाबदेही तय करने के लिए हर स्तर पर डिजिटल हस्ताक्षर कराए जाएंगे। जिले में इस पर काम शुरू हो गया है। कार्यालय अध्यक्षों, सहायक पटल और अधिकारियों के डिजिटल सिग्नेचर तैयार किए जा रहे हैं। हस्ताक्षर के साथ कर्मचारी का नाम, पदनाम, विभाग का नाम, मोबाइल नंबर व आधार नंबर आदि फीड किए जा रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी आलोक सिंह का कहना है कि अब पत्रावलियों संबंधी सारे कार्य ई-आफिस प्रणाली के माध्यम से होंगे। इससे काम में तेजी आएगी।
विज्ञापन