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दलित और पिछड़ों का हितैषी बनेने का ढोंग करती है सपा बसपा
Updated Sun, 08 Apr 2018 12:12 AM IST
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जौनपुर। कांशीराम बहुजन दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपचंद्र राम ने कहा है कि सपा और बसपा दोनों पिछड़ों और दिलतों का हितैषी होने का ढोंग करते हैं। वह शनिवार को सिपाह स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति निवारण अधिनियम 1989 के प्रावधानों में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के विरोध में भारत बंद आंदोलन नेतृत्व विहीन रहा। बसपा सुप्रीमों मायावती दलितों की सबसे बड़ी नेता मानी जाती हैं लेकिन इस मसले पर वह तब बोलती हैं जब समाज के 50 हजार से अधिक लोग कानूनी कार्यवाही में फंस जाते हैं। उन्होंने कहा कि मायावती के पहले ही इस आंदोलन के नेतृत्व के लिए आगे आना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मायावती के शाशन काल में दलित उत्पीडन के मामले में यह आदेश दिया गया था कि ऐसे मामलों की विवेचना सीओ स्तर के अधिकारी करेंगे और आरोप झूठा साबित होने पर दलित के खिलाफ कार्रवाई होगी। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में प्रमोशन में आरक्षण को समाप्त कर 25 लाख लोगों को प्रभावित किया गया। ऐसे नाताओं की नीतियों और उनकी नीयत पर शक हो रहा है। उन्होंने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दौ अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के मामले में तमाम निर्दोषों को फंसाया गया है। जबकि कुछ दिन पहले पद्मावति फिल्म के विरोध के नाम पर कर्णीसेना ने देश भर में जो उपद्रव किए थे उसके लिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई तो दलित समाज पर उत्पीडन क्यों हो रहा है। उनके साथ संगठन के प्रवक्ता विजय दत्त मौर्य, आशीष, संजय विश्वकर्मा, हवलदार चौधरी आदि मौजूद थे।
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