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भारत बंद का नहीं रहा मिलाजुला असर

Tue, 03 Apr 2018 12:32 AM IST
Updated Tue, 03 Apr 2018 12:32 AM IST
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भारत बंद का नहीं रहा मिलाजुला असर

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जौनपुर। दलित उत्पीड़न में तत्काल गिरफ्तारी रोकने के विरोध में भारत बंद के आह्वान का ज्यादातर असर देखने को नहीं मिला। डा. बीआर अंबेडकर पुस्तकालय एवं सामाजिक समिति, लोकतंत्र अभियान, दलित और वंचित अधिकार मंच, नेशनल कंफेडरेशन ऑफ दलित आर्गनाइजेशन, भीम सेना आदि संगठनों ने जगह-जगह धरना-प्रदर्शन किया। शाहगंज और खेतासराय में भीम सेना ने जहां चक्काजाम कर आवागमन बाधित कर दिया। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में भी कर्मचारियों ने भी विरोध प्रदर्शन किया।
दलित और वंचित अधिकार (दावा) मंच के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। 1989 में अनुसूचित जाति एवं जनजाति पर उत्पीड़न रोकने के लिए कानून बनाया था। इसके बावजूद उत्पीड़न रुका नहीं। तमाम मामलों में पुलिस अफसर फाइनल रिपोर्ट लगा देते थे। ऐसे में तत्काल रिपोर्ट दर्ज न करने और अपराधी को अग्रिम जमानत देने से अत्याचार और बढ़ेगा। श्याम बहादुर गौतम, वीरेंद्र ज्योति, डा. हरिश्चंद्र, रमेश गौतम, अनिल गौतम, जयमाला, प्रीति आदि लोग मौजूद रहे। डा. बीआर अंबेडकर पुस्तकालय एवं सामाजिक समिति ने लालमणि भारती के नेतृत्व में अंबेडकर तिराहे से ओलंदगंज, कोतवाली चौराहा, सुतहट्टी, अटाला मस्जिद, सद्भावना पुल, जेसीज चौराहा, रोडवेज होते कलेक्ट्रेट तक शांति मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट में धरना दिया। मार्च में बामसेफ, मूल निवासी संघ, डा. अंबेडकर न्यायिक मंच, भारतीय बौद्घ महासभा, दी बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया, जनसेवा समिति, एससी एसटी अधिवक्ता संघ, जन विचार मंच, एससी एसटी मजदूर संघ, ऑल इंडिया एससी एसटी स्टूडेंट फेडरेशन, एससी एसटी माध्यमिक शिक्षक संघ, एससी एसटी प्राथमिक शिक्षक संघ ने भाग लिया। दीपचंद राम, डा. लाल बहादुर सिद्घार्थ, अमरजीत गौतम, लाल साहब, अशोक कुमार, मनराज, शिवमूर्ति राम, रमेेश चंद्र, डा. रमाशंकर भारती, शरतेंदु विकास पाल, सुधीर कुमार, अवधेश कुमार सरोज, हीरालाल, डा. एमएल भारती, मौजूद रहे। लोकतंत्र बचाओ अभियान और दलित एकता मंच मछलीशहर के कार्यकर्ताओं ने मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा और कहा कि वर्ष 2014 की एक रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न के 8066 मामले दर्ज हुए थे। प्रत्येक वर्ष लगभग 15 से 17 प्रतिशत दलित उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे हैं। निसार अहमद खां ने कहा कि भारतीय संसद अगर पहल नहीं करेगी तो देश का हर अनुसूचित जाति व जनजाति का नागरिक सम्मान पूर्वक व सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार खो देगा। इस मौके पर हरिश्चंद्र राव, संजय गौतम, शिव प्रकाश, पंकज गौतम, इंद्रजीत, रमेश आदि मौजूद रहे। नेशनल कंफेडरेशन ऑफ दलित आर्गनाइजेशन ने भारत बंद के समर्थन में अम्बेडकर तिराहे से जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट में सभा की। जिसे संबोधित करते हुए डा. लाल बहादुर सिद्घार्थ ने कहा कि एक्ट परिर्वतन होने से दलितों पर अत्याचार बढ़ जाएगा। इस मौके पर विनोद गौतम, डा. धर्मराज, ओम प्रकाश, इंद्रेश, राजेश, मुनिराज, हीरा लाल सोनिया, रमेश गौतम आदि ने संबोधित किया।
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मछलीशहर में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया और न्यायिक कार्य से विरत रहे। बाबूराम, रघुनाथ, सुभाष चन्द्र, शिव प्रसाद, कमलेश कुमार, संजीव कुमार चौधरी, राकेश सरोज, हरीलाल सरोज, लक्ष्मी शंकर, रामअभिलाख सरोज, राम सूरत, दयाराम, सियाराम, श्याम सुंदर आदि मौजूद रहे।
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शाहगंज में भीम सेना व बसपा कार्यकर्ताओं ने बसपा विधानसभा अध्यक्ष उमेश चंद गौतम के नेतृत्व में अंबेडकर नगर से जुलूस निकाला और जेसीज चौराहे पर पहुंचकर जाम लगा दिया। इस मौके पर बसपा नेता मनीष कुमार सिंह, विक्की यादव, अनिल गौतम, देवी प्रसाद आदि ने सभा को संबोधित कभरते हुए कहा कि सरकार दलित, पिछर्डं व अल्पसंख्यकों का शोषण हो रही है। इस मौके पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. संतोष कुमार, सुरेश गौतम, गुडलक सिंह, हरिशचंद्र गौतम, भोलू गौतम, कतवारु, श्रीपत हरिजन, राम बहादुर, जीतपाल आदि मौजूद रहे। भीम सेना व बसपा कार्यकर्ताओं ने खेतासराय चौराहे पर चक्का जाम किया। पुलिस ने आधे घंटे बाद जाम समाप्त कराया।
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