{"_id":"5ac12bd34f1c1bc8618b4e2d","slug":"15226091122-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधायक के प्रस्ताव के बाद भी रोशन नहीं हो सके कस्बे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधायक के प्रस्ताव के बाद भी रोशन नहीं हो सके कस्बे
Updated Mon, 02 Apr 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जौनपुर। बदलापुर विधायक ने अपने क्षेत्र के 54 स्थानों पर हाईमास्ट लाइट लगाकर गलियों और सड़कों को रौशन करने का प्रस्ताव तैयार कर चार माह पहले जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को सौंपा था। मगर विभाग ने फाइल दबाए रखी और 31 मार्च तक धन रिलीज नहीं हो सका। पत्रावली नेडा और डीआरडीए का के बीच भेजी जताी रही।
विधायक बदलापुर रमेश चंद्र मिश्र ने अपनी विधायक निधि से डेढ़ करोड़ रुपये का प्रस्ताव जारी किया। इसमें इंटरलॉकिंग सड़कों का निर्माण, सोलिंग, चार विद्यालयों में कक्ष का निर्माण, रोगियों के लिए दो लाख, 11 यात्री प्रतिक्षालय के अलावा 54 स्थानों पर हाई मास्टलाइट का प्रस्ताव शामिल हैं। बाकी पैसे तो रिलीज हो गए लेकिन 54 स्थानों पर लाइट का तकरीबन 64 लाख रुपए की पत्रावली रोक दी गई। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) ने नेडा को दर की जानकारी के लिए पत्र लिखा। पत्रों के आदान प्रदान के चक्कर में चार माह बीत गए और वित्तीय वर्ष 2017-18 में पैसा जारी नहीं हो सका जिससे हाई मास्क लाइट नहीं लग सका। एक लाइट तकरीबन एक लाख 18 हजार रुपए से लगना था। सीडीओ आलोक कुमार का कहना है कि डीआरडीए धन जारी करता है। धन जारी क्यों नहीं हुआ यह वही बताएंगे।
डीआरडीए की लापरवाही से हाईमास्ट लाइट क्षेत्र में नहीं लग सकी है। हमने चार महीना पहले ही प्रस्ताव लिखकर दे दिया था। अगर कहीं कोई तकनीकी दिक्कत है तो उसे दूर करना और कराना डीआरडीए का काम है। नेडा और डीआरडीए एक-दूसरे की लापरवाही बता रहे हैं।-रमेश चंद्र मिश्र, विधायक बदलापुर
विज्ञापन
हाईमास्ट लाइट नेडा विभाग द्वारा लगाया जाता है। उन्होंने रेट नहीं दिया जिसकी वजह से धन जारी नहीं हो सका। उन्हें कई बार पत्र लिखा जा चुका है। डीआरडीए की कोई लापरवाही नहीं है।-पीके राय, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
विधायक बदलापुर रमेश चंद्र मिश्र ने अपनी विधायक निधि से डेढ़ करोड़ रुपये का प्रस्ताव जारी किया। इसमें इंटरलॉकिंग सड़कों का निर्माण, सोलिंग, चार विद्यालयों में कक्ष का निर्माण, रोगियों के लिए दो लाख, 11 यात्री प्रतिक्षालय के अलावा 54 स्थानों पर हाई मास्टलाइट का प्रस्ताव शामिल हैं। बाकी पैसे तो रिलीज हो गए लेकिन 54 स्थानों पर लाइट का तकरीबन 64 लाख रुपए की पत्रावली रोक दी गई। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) ने नेडा को दर की जानकारी के लिए पत्र लिखा। पत्रों के आदान प्रदान के चक्कर में चार माह बीत गए और वित्तीय वर्ष 2017-18 में पैसा जारी नहीं हो सका जिससे हाई मास्क लाइट नहीं लग सका। एक लाइट तकरीबन एक लाख 18 हजार रुपए से लगना था। सीडीओ आलोक कुमार का कहना है कि डीआरडीए धन जारी करता है। धन जारी क्यों नहीं हुआ यह वही बताएंगे।
विज्ञापन
डीआरडीए की लापरवाही से हाईमास्ट लाइट क्षेत्र में नहीं लग सकी है। हमने चार महीना पहले ही प्रस्ताव लिखकर दे दिया था। अगर कहीं कोई तकनीकी दिक्कत है तो उसे दूर करना और कराना डीआरडीए का काम है। नेडा और डीआरडीए एक-दूसरे की लापरवाही बता रहे हैं।-रमेश चंद्र मिश्र, विधायक बदलापुर
विज्ञापन
हाईमास्ट लाइट नेडा विभाग द्वारा लगाया जाता है। उन्होंने रेट नहीं दिया जिसकी वजह से धन जारी नहीं हो सका। उन्हें कई बार पत्र लिखा जा चुका है। डीआरडीए की कोई लापरवाही नहीं है।-पीके राय, परियोजना निदेशक, डीआरडीए