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Jaunpur News: ओटोमाइकोसिस से कान के पर्दे को पहुंच सकता है नुकसान
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मल्हनी। बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम में कान में होने वाली ओटोमाइकोसिस बीमारी का समय पर इलाज नहीं होने पर समस्या गंभीर रूप ले सकती है। कान का पर्दा भी प्रभावित हो सकता है। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सिद्दीकपुर के कान, नाक एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि कान में होने वाली बीमारी ओटोमाइकोसिस बरसात के मौसम में पैर पसारना शुरू कर दिया है। सामान्य दिनों में अस्पताल में हर दिन दस मरीज इससे संबंधित आते थे। बरसात शुरू होने के इनकी संख्या बढ़कर 20 तक पहुंच गई है। ओटोमाइकोसिस कान के अंदर होने वाला एक प्रकार का फंगल संक्रमण है। बरसात के मौसम में उमस और नमी के कारण कान में फंगस पनपने की संभावना बढ़ जाती है। कान में लगातार नमी रहने और उचित सफाई नहीं होने से भी यह समस्या हो सकती है। इस बीमारी में कान के अंदर तेज दर्द और खुजली होने लगती है।
ओटोमाइकोसिस के लक्षण
कान में अचानक दर्द शुरू होना
कान से पस या पानी निकलना
कान में तेज खुजली होना
कान में भारीपन महसूस होना
सुनने में परेशानी होना
इस तरह करें बचाव
बरसात में भीगने से बचें, कान को सूखा रखें
स्नान के बाद कान के बाहरी हिस्से को कपड़े से सुखाएं
उमस और नमी वाले स्थानों पर अधिक समय तक रहने से बचें
बिना डॉक्टर की सलाह के कान में कोई दवा न डालें।
कान, नाक एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि
बरसात के दिनों में ओटोमाइकोसिस होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में कान में दर्द, खुजली, भारीपन या किसी तरह का स्राव होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। कई बार मरीज विशेषज्ञ से सलाह लेने के बजाय आसपास के छोटे-मोटे क्लीनिकों में इलाज कराने लगते हैं, जो समस्या को बढ़ा सकता है। समय पर इलाज शुरू होने पर ओटोमाइकोसिस का उपचार दवाओं के माध्यम से संभव है। - डॉ. बृजेश कुमार, ईएनटी विशेषज्ञ
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ओटोमाइकोसिस के लक्षण
कान में अचानक दर्द शुरू होना
कान से पस या पानी निकलना
कान में तेज खुजली होना
कान में भारीपन महसूस होना
सुनने में परेशानी होना
इस तरह करें बचाव
बरसात में भीगने से बचें, कान को सूखा रखें
स्नान के बाद कान के बाहरी हिस्से को कपड़े से सुखाएं
उमस और नमी वाले स्थानों पर अधिक समय तक रहने से बचें
बिना डॉक्टर की सलाह के कान में कोई दवा न डालें।
कान, नाक एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि
बरसात के दिनों में ओटोमाइकोसिस होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में कान में दर्द, खुजली, भारीपन या किसी तरह का स्राव होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। कई बार मरीज विशेषज्ञ से सलाह लेने के बजाय आसपास के छोटे-मोटे क्लीनिकों में इलाज कराने लगते हैं, जो समस्या को बढ़ा सकता है। समय पर इलाज शुरू होने पर ओटोमाइकोसिस का उपचार दवाओं के माध्यम से संभव है। - डॉ. बृजेश कुमार, ईएनटी विशेषज्ञ
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