हर घंटे डेढ़ सेंटीमीटर से बढ़ रहीं गोमती: केराकत में धान की फसल को नुकसान, प्रशासन हर घंटे रख रहा नजर; परेशानी
केराकत में गोमती नदी का जलस्तर हर घंटे करीब डेढ़ सेंटीमीटर बढ़ रहा है। खतरे के निशान से पानी महज 20 सेंटीमीटर नीचे है। तटवर्ती क्षेत्रों में खेत डूबने से धान की फसल को नुकसान का अनुमान है। केराकत, चंदवक और सिंगरामऊ क्षेत्रों में प्रशासन हर घंटे जलस्तर की निगरानी कर रहा है।
विस्तार
जौनपुर जनपद में बीते चार दिनों तक हुई लगातार बारिश के कारण गोमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। आपाद विभाग के प्रदीप कुमार ने बताया कि केराकत क्षेत्र में समस्या गंभीर है। यहां हर घंटे लगभग डेढ़ सेंटीमीटर पानी बढ़ रहा है। गोमती अब खतरे का निशान छूने से सिर्फ 20 सेंटीमीटर नीचे हैं। बढ़ते जलस्तर का असर क्षेत्र के तटवर्ती क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है।
ये गांव हैं सबसे ज्यादा प्रभावित
शहर से सटे कलिचाबाद, राजेपुर त्रिमुहानी, कोहरे सुल्तानपुर, केराकत क्षेत्र के सिहौली, गोबरा, सरोज बड़ेवर और चंदवक क्षेत्र के बलुआ, बरमलपुर और सिंगरामऊ क्षेत्र में जगदीशपुर, अंसार और बघाड़ी कला में कई स्थानों पर पानी संपर्क मार्गों तक पहुंच गया है। जगदीशपुर, अंसार, बघाड़ी, मेढ़ा, गजेंद्रपुर, रामनगर, कृष्णापुर और पिलकिच्छा सहित अन्य तटवर्ती क्षेत्र में समस्या गंभीर हो गई है।
इन रास्तों तक पहुंच गया है पानी
- मेढ़ा बाजार से रामनगर जाने वाली सड़क पर बनी पुलिया तक नदी का पानी नाले के रास्ते पहुंच गया है।
- इमलिया घाट और गोला दईत बाबा अंत्येष्टि स्थल तक पानी पहुंच गया है।
- चंदवक क्षेत्र की बरमलपुर ग्राम पंचायत को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ गया है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
गोमती का जलस्तर बढ़ता देख जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। नदी और आसपास के निचले क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव पर हर घंटे लगातार नजर रखी जा रही है। एसडीएम अखिलेश कुमार सिंह ने नदी के किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोग नदी के आसपास जाने या किसी तरह का जोखिम लेने से बचें।