{"_id":"5ac12bc54f1c1bd5618b4f80","slug":"15226090983-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सम्राट अशोक के विचारों को घर-घर पहुंचाने की जरुरत : बाबू सिंह कुशवाहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सम्राट अशोक के विचारों को घर-घर पहुंचाने की जरुरत : बाबू सिंह कुशवाहा
Updated Mon, 02 Apr 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जौनपुर। नगर पालिका के टाउन हाल में अशोक महान की जयंती रविवार को मनाई गई। बतौर मुख्य अतिथि जन अधिकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व कैबिनेट मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि आज पुन: अशोक महान के सिद्धांतों, विचारों की जरुरत है क्योंकि आज मानवता खत्म होती जा रही है। युद्ध जैसी विभीषिका पूरे विश्व में छायी हुई है। ऐसे में हमें बुद्ध और अशोक महान के विचारों की पुन: जरुरत आन पड़ी है। बुद्ध और अशोक महान के विचारों को घर-घर पहुंचाने की जरुरत है। मुख्य वक्ता संजय कुमार मौर्य ने कहा कि सम्राट अशोक का धम्म ही भारतीय संविधान की रुप रेखा है। उन्होंने लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना की थी जिसका अर्थ होता है कि धरती पर न कोई शासक होगा, न कोई शोषित होगा, सभी मनुष्य होंगे, मानवीय संवेदनशीलता होगी। रमाकांत यादव ने कहा कि अशोक के काल में जनता महापुरुषों जैसा आचरण करती थी, लोग सत्यवादी थे, न्यायी, नैतिक, उच्च संस्कारों से युक्त थे। विशिष्ट अतिथि जवाहर लाल मौर्य ने कहा कि हमें सम्राट अशोक महान पर गर्व है। समारोह को ओमप्रकाश मौर्य, आनंद भारतीय, नंदलाल मौर्य एडवोकेट, जिला पंचायत सदस्य पूनम मौर्या, देवेंद्र मौर्य, डा. रामजीत मौर्य, तेज बहादुर मौर्य पप्पू, कैलाशनाथ मौर्य, जगदीश मौर्य गप्पू, शूद्र रामबाबू मौर्य, सचिव विक्रमादित्य मौर्य, रामलखन मौर्य, प्रभाकर मौर्य, रमाकांत मौर्य, मंगला प्रसाद मौर्य ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष पारसनाथ मौर्य ने किया। संचालन दूधनाथ मौर्य ने किया। इस अवसर पर शीर्षासन में विश्व रिकार्डधारी डा. उदय नारायण सिंह शाक्य, राकेश मौर्य, स्वदेश मौर्य, अनीष मौर्य, रामजियावन मौर्य, शत्रुघ्न मौर्य, परमानंद मौर्य, डॉ. लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, संतोष मौर्य मुन्ना, बाबूराम मौर्य, केदारनाथ मौर्य, बाबानंद मौर्य, महेंद्र मौर्य, राधेश्याम मौर्य, डा. हीरालाल मौर्य, प्रदीप मौर्य, चंदन मौर्य, प्रभाकर मौर्य, कमलाकांत मौर्य, डी.सी. दादा, विद्यासागर मौर्य, नरसिंह मौर्य, रमेश मौर्य पंखू, अंकुल मौर्य, विवेक मौर्य आदि मौजूद रहे।