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वितीय वर्ष समाप्त, नहीं पूरा हुए 950 पीएम आवास
Updated Sun, 01 Apr 2018 12:07 AM IST
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जौनपुर। साल बीत गया लेकिन जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की लापरवाही के चलते तय समय में 950 प्रधानमंत्री आवास पूरे नहीं हो पाए। वहीं अभी तक इन आवासों की तीसरी किस्त भी लाभार्थियों के खाते में नहीं भेजी गई है जबकि जिले में इस वित्तीय वर्ष में कुल 20 हजार 88 आवास बनाने का लक्ष्य था।
सरकार द्वारा गरीबों को आवास उपलब्ध कराने में जुटी है। उनको आवास बनाने के लिए एक लाख 20 हजार रुपये की धनराशि तीन किस्तों में लाभार्थियों के खाते में भेजी जाती है। इसमें पहली किस्त 40 हजार, दूसरी किस्त 70 हजार और तीसरी किस्त 10 हजार रुपये की दिए जाते हैं। इस वित्तीय वर्ष में जिले में 20 हजार 88 आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया था। मगर साल में मात्र 19 हजार 138 आवास ही बन पाए हैं। लाभार्थियों को चेतावनी देने के बावजूद 950 आवास पूरे नहीं हो पाए। यह विभाग की लापरवाही के चलते ही हुआ है क्योंकि तीसरी किस्त भेजी ही नहीं गई।
अपात्रों से नहीं हो सकी रिकवरी
जौनपुर। जिले में 163 अपात्र चयनित किए थे। इसमें से 150 से रिकवरी हो गई लेकिन 13 अपात्र लभार्थियों से आवास की भेजी गई धनराशि की रिकवरी नहीं की जा सकी है। विभाग अपात्र पाए गए 150 अपात्र लाभार्थियों से भेजी गई आवास की रिकवरी की जा चुकी है।
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950 अभी पूरे नहीं हो पाए हैं। जिससे उनको तीसरी किस्त नहीं दी गई है। आवासों की सफाई व पेंटिंग आदि के लिए तीसरी किस्त दी जाती है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर भी आवास की धनराशि शासन को वापस नहीं की जाती है। जिससे आवास की पूरे होने पर उसे पेंटिंग व सफाई के लिए तीसरी किस्त दी जाएगी।13 अपात्र लाभार्थियों से आवास की भेजी गई धनरशि की रिकवरी नहीं की जा सकी है।-प्रवीण कुमार राय, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
सरकार द्वारा गरीबों को आवास उपलब्ध कराने में जुटी है। उनको आवास बनाने के लिए एक लाख 20 हजार रुपये की धनराशि तीन किस्तों में लाभार्थियों के खाते में भेजी जाती है। इसमें पहली किस्त 40 हजार, दूसरी किस्त 70 हजार और तीसरी किस्त 10 हजार रुपये की दिए जाते हैं। इस वित्तीय वर्ष में जिले में 20 हजार 88 आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया था। मगर साल में मात्र 19 हजार 138 आवास ही बन पाए हैं। लाभार्थियों को चेतावनी देने के बावजूद 950 आवास पूरे नहीं हो पाए। यह विभाग की लापरवाही के चलते ही हुआ है क्योंकि तीसरी किस्त भेजी ही नहीं गई।
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अपात्रों से नहीं हो सकी रिकवरी
जौनपुर। जिले में 163 अपात्र चयनित किए थे। इसमें से 150 से रिकवरी हो गई लेकिन 13 अपात्र लभार्थियों से आवास की भेजी गई धनराशि की रिकवरी नहीं की जा सकी है। विभाग अपात्र पाए गए 150 अपात्र लाभार्थियों से भेजी गई आवास की रिकवरी की जा चुकी है।
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950 अभी पूरे नहीं हो पाए हैं। जिससे उनको तीसरी किस्त नहीं दी गई है। आवासों की सफाई व पेंटिंग आदि के लिए तीसरी किस्त दी जाती है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर भी आवास की धनराशि शासन को वापस नहीं की जाती है। जिससे आवास की पूरे होने पर उसे पेंटिंग व सफाई के लिए तीसरी किस्त दी जाएगी।13 अपात्र लाभार्थियों से आवास की भेजी गई धनरशि की रिकवरी नहीं की जा सकी है।-प्रवीण कुमार राय, परियोजना निदेशक, डीआरडीए