{"_id":"5ab004754f1c1bb3758b6524","slug":"15214851678-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षकों के हंगामा के कारण देर से शुरू हुआ मूल्यांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षकों के हंगामा के कारण देर से शुरू हुआ मूल्यांकन
Updated Tue, 20 Mar 2018 12:19 AM IST
विज्ञापन
आंदोलन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जौनपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कापियों का मूल्यांकन वित्तविहीन शिक्षकों के हंगामे के चलते देर तक बाधित रहा। हंगामा के कारण मूल्यांकन करने पहुंच अधिकांश शिक्षक वापस लौट गए। किसी मूल्यांकन केंद्र पर 50 तो किसी पर 25 फीसदी शिक्षकों ने ही मूल्यांकन किया। बाद में डीआईओएस ने केंद्रों पर जाकर एक बजे के बाद मूल्यांकन कराया।
बीएनबी इंटर कालेज मड़ियाहूं में एक बजे के बाद मूल्यांकन शुरू हुआ। सरस्वती इंटर कालेज केंद्र पर डीआईओएस ने दो बजे के मूल्यांकन शुरू कराया। प्रधानाचार्य अखिलेश पांडेय ने बताया कि सोमवार को 25 फीसदी शिक्षकों ने ही मूल्यांकन किया। शेष टेबल पर मूल्यांकन करने शिक्षक नहीं पहुंचे। शिया इंटर कालेज केंद्र पर भी शिक्षकों के हंगामा के कारण मूल्यांकन साढ़े 12 शुरू हुआ। मूल्यांकन शुरू नहीं होने की सूचना मिलने पर डीआईओएस उमेश शुक्ल मौके पर पहुंच और मूल्यांकन शुरू कराया। करीब 50 फीसदी टेबल पर ही मूल्यांकन हुआ। इसी प्रकार राजकीय बालिका इंटर कालेज केंद्र पर 11 बजे के बाद मूल्यांकन शुरू हुआ। कोठार प्रभारी आदर्श वर्मा ने बताया कि कुछ टेबल पर मूल्यांकन करने शिक्षक नहीं पहुंचे।
मूल्यांकन का बहिष्कार
जौनपुर। वित्तविहीन शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में सोमवार को भी बोर्ड परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन का बहिष्कार किया। मूल्यांकन केंद्रों के बाहर शिक्षक धरने पर बैठे रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक ने दबाव बनाया लेकिन शिक्षकों ने मूल्यांकन करने से साफ इनकार कर दिया। हंगामे के कारण सभी केंद्रों पर सोमवार को सभी केंद्रों पर देर से मूल्यांकन किया और केवल एडेड कालेजों के शिक्षकों ने ही कापियां जांचीं।
विज्ञापन
मूल्यांकन केंद्रों का मुख्य द्वार बंद कर वित्तविहीन शिक्षकों ने नारेबाजी की। जनक कुमारी इंटर कालेज में हुई बैठक में माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने कहा कि संघर्ष की इस घड़ी में हम आप के साथ है। उन्होंने कहा कि मानदेय हक है और उसे सरकार को देना पड़ेगा। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक प्रधानाचार्य महासभा के प्रांतीय प्रधान महासचिव अखिलेश सिंह ने कहा वित्तविहीन शिक्षक मांगे पूरी होने तक मूल्यांकन का बहिष्कार किया। कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष छोटेलाल यादव ने कहा कि अब समय आ गया है हम अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए आरपार की लड़ाई के लिए तैयार रहे। बैठक में जिलाध्यक्ष मंगरू राम मौर्या, राजेश मिश्रा, श्रद्धेय गुप्ता, अमित दूबे, लालचन्द विश्वकर्मा, विकास सिंह, श्यामधर मिश्र, अंकुर द्विवेदी, विवेकानंद मिश्र, नन्हकऊ गुप्ता, रोहित दुबे, कृष्ण कुमार सिंह, दिलीप सिंह, सुशील सिंह आदि मौजूद रहे।
बीएनबी इंटर कालेज मड़ियाहूं में एक बजे के बाद मूल्यांकन शुरू हुआ। सरस्वती इंटर कालेज केंद्र पर डीआईओएस ने दो बजे के मूल्यांकन शुरू कराया। प्रधानाचार्य अखिलेश पांडेय ने बताया कि सोमवार को 25 फीसदी शिक्षकों ने ही मूल्यांकन किया। शेष टेबल पर मूल्यांकन करने शिक्षक नहीं पहुंचे। शिया इंटर कालेज केंद्र पर भी शिक्षकों के हंगामा के कारण मूल्यांकन साढ़े 12 शुरू हुआ। मूल्यांकन शुरू नहीं होने की सूचना मिलने पर डीआईओएस उमेश शुक्ल मौके पर पहुंच और मूल्यांकन शुरू कराया। करीब 50 फीसदी टेबल पर ही मूल्यांकन हुआ। इसी प्रकार राजकीय बालिका इंटर कालेज केंद्र पर 11 बजे के बाद मूल्यांकन शुरू हुआ। कोठार प्रभारी आदर्श वर्मा ने बताया कि कुछ टेबल पर मूल्यांकन करने शिक्षक नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
मूल्यांकन का बहिष्कार
जौनपुर। वित्तविहीन शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में सोमवार को भी बोर्ड परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन का बहिष्कार किया। मूल्यांकन केंद्रों के बाहर शिक्षक धरने पर बैठे रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक ने दबाव बनाया लेकिन शिक्षकों ने मूल्यांकन करने से साफ इनकार कर दिया। हंगामे के कारण सभी केंद्रों पर सोमवार को सभी केंद्रों पर देर से मूल्यांकन किया और केवल एडेड कालेजों के शिक्षकों ने ही कापियां जांचीं।
विज्ञापन
मूल्यांकन केंद्रों का मुख्य द्वार बंद कर वित्तविहीन शिक्षकों ने नारेबाजी की। जनक कुमारी इंटर कालेज में हुई बैठक में माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने कहा कि संघर्ष की इस घड़ी में हम आप के साथ है। उन्होंने कहा कि मानदेय हक है और उसे सरकार को देना पड़ेगा। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक प्रधानाचार्य महासभा के प्रांतीय प्रधान महासचिव अखिलेश सिंह ने कहा वित्तविहीन शिक्षक मांगे पूरी होने तक मूल्यांकन का बहिष्कार किया। कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष छोटेलाल यादव ने कहा कि अब समय आ गया है हम अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए आरपार की लड़ाई के लिए तैयार रहे। बैठक में जिलाध्यक्ष मंगरू राम मौर्या, राजेश मिश्रा, श्रद्धेय गुप्ता, अमित दूबे, लालचन्द विश्वकर्मा, विकास सिंह, श्यामधर मिश्र, अंकुर द्विवेदी, विवेकानंद मिश्र, नन्हकऊ गुप्ता, रोहित दुबे, कृष्ण कुमार सिंह, दिलीप सिंह, सुशील सिंह आदि मौजूद रहे।