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जंघई से सुरियांवा के बीच दोहरीकरण का कार्य पूरा
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:52 AM IST
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मीरगंज। जंघई से सुरियावां के बीच अब एक ट्रेन को रोककर दूसरी को गुजराने की झंझट नहीं होगी क्योंकि ट्रैक दोहरीकरण का काम पूरा हो गया है। इससे इस रेलखंड पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी। सेफ्टी कमिश्नर की जांच के बाद इस पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
जघंई से सुरियावां के बीच पटरियों के दोहरीकरण का काम वर्ष 2011 से चल रहा था। काम पूरा हो गया है। ट्रैक के काम का निरीक्षण 31 मार्च तक रेलवे सेफ्टी कमिश्नर करेंगे। उससे पहले स्टेशनों के ट्रैक से जोड़ने का काम किया जाना है। अधिकारियों का कहना है रेलवे स्टेशनों से जोड़ने का काम होना है जो 21 मार्च से शुरू होगा और एक सप्ताह में काम पूरा कर दिया जाएगा। अब जंघई से सुरियांवा के बीच दोनों ट्रैक चालू होने से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी। इसके पहले सुरियावां से भदोही व सेवापुरी से वाराणसी तक दोहरीकरण का पूरा हो चुका है और उस पर ट्रेनों का संचालन भी हो रहा है। जंघई से सुरियांवा के बीच वरुणा नदी के पुल के निर्माण में देरी होने की वजह से दोहरीकरण के काम में देरी हुई। स्टेशन को जोड़ने के लिए मेगा ब्लाक लेना है, जिस के लिए कुछ ट्रेनों को निरस्त करे और कुछ का रूट बदलने की नौबत आ सकती है। ट्रैक दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद जंघई से वाराणसी की दूरी कम समय में तय की जा सकेगी। सीनियर सेक्शन इंजीनियर डीएन मिश्रा का कहना है की दोहरीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। ट्रैक को स्टेशनों से जोड़ने का काम भी समय से कर लिया जाएगा और सेफ्टी कमिश्नर के दौरे के बाद इस रूट पर ट्रेनेें दौड़ने लगेंगी।
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जघंई से सुरियावां के बीच पटरियों के दोहरीकरण का काम वर्ष 2011 से चल रहा था। काम पूरा हो गया है। ट्रैक के काम का निरीक्षण 31 मार्च तक रेलवे सेफ्टी कमिश्नर करेंगे। उससे पहले स्टेशनों के ट्रैक से जोड़ने का काम किया जाना है। अधिकारियों का कहना है रेलवे स्टेशनों से जोड़ने का काम होना है जो 21 मार्च से शुरू होगा और एक सप्ताह में काम पूरा कर दिया जाएगा। अब जंघई से सुरियांवा के बीच दोनों ट्रैक चालू होने से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी। इसके पहले सुरियावां से भदोही व सेवापुरी से वाराणसी तक दोहरीकरण का पूरा हो चुका है और उस पर ट्रेनों का संचालन भी हो रहा है। जंघई से सुरियांवा के बीच वरुणा नदी के पुल के निर्माण में देरी होने की वजह से दोहरीकरण के काम में देरी हुई। स्टेशन को जोड़ने के लिए मेगा ब्लाक लेना है, जिस के लिए कुछ ट्रेनों को निरस्त करे और कुछ का रूट बदलने की नौबत आ सकती है। ट्रैक दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद जंघई से वाराणसी की दूरी कम समय में तय की जा सकेगी। सीनियर सेक्शन इंजीनियर डीएन मिश्रा का कहना है की दोहरीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। ट्रैक को स्टेशनों से जोड़ने का काम भी समय से कर लिया जाएगा और सेफ्टी कमिश्नर के दौरे के बाद इस रूट पर ट्रेनेें दौड़ने लगेंगी।
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