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अविश्वास प्रस्ताव गिरा, दीपचंद बने रहेंगे प्रमुख
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:48 AM IST
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जौनपुर। करंजाकला ब्लाक सभागार में प्रमुख दीपचंद सोनकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बैठक नहीं हो सकी। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव गिरने की वजह से दीपचंद सोनकर ब्लाक प्रमुख बने रहेंगे।
करंजाकला ब्लाक में 123 बीडीसी सदस्य हैं। सभी को बैठक में आने के लिए आमंत्रित किया गया था। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम सदर प्रियंका प्रियदर्शिनी को करना था। बैठक 11 बजे से थी। लेकिन निर्धारित समय पर कोई भी सदस्य सदन में नहीं आया। पौने 12 बजे देवकली निवासी रमाशंकर यादव की पत्नी बीडीसी सदस्य नीता देवी पहुंची। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। एसडीएम सदर ने ब्लाक प्रमुख दीपचंद सोनकर के नाम की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोरम पूरा न होने की वजह से दीपचंद ब्लाक प्रमुख बने रहेंगे। मजे की बात है कि अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले भाजपा सहित अन्य दलों के बीडीसी सदस्यों की निष्ठा तार-तार हो गई। वैसे भी बीडीसी सदस्यों को लेकर पूरे जिले में अलग तरह की चर्चाएं हैं। एसडीएम की घोषणा के बाद पूर्व मंत्री और विधायक मछलीशहर जगदीश सोनकर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र कुमार यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव, कैलाश यादव, गजराज यादव, रविंद्र सिंह पप्पू के साथ पहुंचे जहां उनके समर्थकों ने फूल मालाओं से दोनों भाईयों को लाद दिया। ब्लाक मुख्यालय से काफिला कुत्तूपुर आवास पहुंचा जहां खुशी में पटाखे छोड़े गए और जश्न मनाया गया। पहला ऐसा अविश्वास प्रस्ताव रहा जिसमें कोई सदस्य बैठक में समय से आया ही नहीं। इस दौरान तहसीलदार सदर आशाराम वर्मा, सीओ विनय कुमार द्विवेदी, सीओ अजय कुमार श्रीवास्तव, खंड विकास अधिकारी शकुंतला सिंह आदि मौजूद रहे।
चाणक्य निकले जगदीश सोनकर
करंजाकला/जौनपुर। करंजाकला ब्लाक प्रमुख के अविश्वास प्रस्ताव के लिए विपक्षियों ने 13 मार्च को एक होटल पर बैठक की थी। जिसमें वह 35 बीडीसी सदस्यों को इकट्ठा कर पाए थे। इसकी वजह से उनका मनोबल गिर गया। कारण पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर ने पूरी रणनीति तैयार कर विरोधियों को ऐसे मात दिया कि वह कहीं के नहीं हुए। पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर राजनीति के चाणक्य माने जाते हैं। उन्होंने सपा शासनकाल में अपने भाई को निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बनवाया था। जीवन में कभी भी जगदीश ने हार का सामना नहीं किया। ग्राम प्रधान से राजनीति शुरू कर शाहगंज सुरक्षित सीट से 2 बार विधायक बने। इसके बाद शाहगंज सीट विधानसभा की सामान्य हो गई तो मछलीशहर विधानसभा सुरक्षित सीट से चुनाव लड़कर विधायक चुने गए। सपा शासनकाल में वह राज्यमंत्री थे। वर्ष 2017 में दूसरी बार भी मछलीशहर से चुनाव लड़कर विधायक चुने गए। परिवार में 6 बीडीसी सदस्य हैं। जिसमें माता से लेकर बहू तक हैं। अविश्वास प्रस्ताव गिराने में अहम भूमिका पप्पू रघुवंशी, जितेंद्र यादव, कैलाश यादव, गजराज यादव की रही।
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करंजाकला ब्लाक में 123 बीडीसी सदस्य हैं। सभी को बैठक में आने के लिए आमंत्रित किया गया था। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम सदर प्रियंका प्रियदर्शिनी को करना था। बैठक 11 बजे से थी। लेकिन निर्धारित समय पर कोई भी सदस्य सदन में नहीं आया। पौने 12 बजे देवकली निवासी रमाशंकर यादव की पत्नी बीडीसी सदस्य नीता देवी पहुंची। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। एसडीएम सदर ने ब्लाक प्रमुख दीपचंद सोनकर के नाम की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोरम पूरा न होने की वजह से दीपचंद ब्लाक प्रमुख बने रहेंगे। मजे की बात है कि अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले भाजपा सहित अन्य दलों के बीडीसी सदस्यों की निष्ठा तार-तार हो गई। वैसे भी बीडीसी सदस्यों को लेकर पूरे जिले में अलग तरह की चर्चाएं हैं। एसडीएम की घोषणा के बाद पूर्व मंत्री और विधायक मछलीशहर जगदीश सोनकर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र कुमार यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव, कैलाश यादव, गजराज यादव, रविंद्र सिंह पप्पू के साथ पहुंचे जहां उनके समर्थकों ने फूल मालाओं से दोनों भाईयों को लाद दिया। ब्लाक मुख्यालय से काफिला कुत्तूपुर आवास पहुंचा जहां खुशी में पटाखे छोड़े गए और जश्न मनाया गया। पहला ऐसा अविश्वास प्रस्ताव रहा जिसमें कोई सदस्य बैठक में समय से आया ही नहीं। इस दौरान तहसीलदार सदर आशाराम वर्मा, सीओ विनय कुमार द्विवेदी, सीओ अजय कुमार श्रीवास्तव, खंड विकास अधिकारी शकुंतला सिंह आदि मौजूद रहे।
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चाणक्य निकले जगदीश सोनकर
करंजाकला/जौनपुर। करंजाकला ब्लाक प्रमुख के अविश्वास प्रस्ताव के लिए विपक्षियों ने 13 मार्च को एक होटल पर बैठक की थी। जिसमें वह 35 बीडीसी सदस्यों को इकट्ठा कर पाए थे। इसकी वजह से उनका मनोबल गिर गया। कारण पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर ने पूरी रणनीति तैयार कर विरोधियों को ऐसे मात दिया कि वह कहीं के नहीं हुए। पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर राजनीति के चाणक्य माने जाते हैं। उन्होंने सपा शासनकाल में अपने भाई को निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बनवाया था। जीवन में कभी भी जगदीश ने हार का सामना नहीं किया। ग्राम प्रधान से राजनीति शुरू कर शाहगंज सुरक्षित सीट से 2 बार विधायक बने। इसके बाद शाहगंज सीट विधानसभा की सामान्य हो गई तो मछलीशहर विधानसभा सुरक्षित सीट से चुनाव लड़कर विधायक चुने गए। सपा शासनकाल में वह राज्यमंत्री थे। वर्ष 2017 में दूसरी बार भी मछलीशहर से चुनाव लड़कर विधायक चुने गए। परिवार में 6 बीडीसी सदस्य हैं। जिसमें माता से लेकर बहू तक हैं। अविश्वास प्रस्ताव गिराने में अहम भूमिका पप्पू रघुवंशी, जितेंद्र यादव, कैलाश यादव, गजराज यादव की रही।
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