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लुप्त हो रही होली के गीतों की परंपरा
Updated Tue, 13 Mar 2018 12:36 AM IST
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जौनपुर। जिले में सोमवार को होली मिलन समारोह की धूम रही। अलग- अलग संगठनों ने होली मिलन समारोह का आयोजन किया। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि पारंपरिक होली पर गीतों के लुप्त होने पर चिंता जताई। उन्हें गाने पर जोर दिया और कही जगह पारंपरिक गीत गाए गए। कवियों ने हास्य रस की बरसात की। एक-दूसरे को अबीर- गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दी।
संपादक मंडल की ओर से विवाह मैरेज हाल रासमंडल में आयोजित समारोह में कवियों ने हास्य-व्यंग्य की कविताएं सुनाईं। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी और पुलिस अधीक्षक केके चैधरी भी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक ने भी कविता सुनाई। अशोक मिश्र, गिरीश कुमार, बेहोश जौनपुरी, प्रमोद वाचस्पति, आकिल जौनपुरी, अनूप सेठ, अखिलेश तिवारी अकेला, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली केके मिश्र, भुंवर लाल यादव, रविन्द्र द्विवेदी, बुद्धिसेन शर्मा, शकुंतला शुक्ला तथा प्रेमचंद विश्वकर्मा ने मुक्तक, चैता, दोहा सुनाए। बुद्धिसेन शर्मा ने कहा ‘कथरी ओढ़ कर सो गया रात अशर्फी लाल, सपने में देखा एक कटोरी दाल’ सुनाकर मंहगाई पर तंज किया। अध्यक्ष जय प्रकाश मिश्र, संगठन मंत्री विरेंद्र गुप्ता, विनीत सेठ, संगठन मंत्री छोटे राजपूत, कैलाश नाथ विश्वकर्मा, कैलाश मिश्रा, साजिद हमीद, अनिल पांडेय, अरविन्द उपाध्याय, रामजी जायसवाल, अनिल दुबे आजाद मौजूद रहे। संचालन हास्य कवि सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने किया।
श्री कान्य कुब्ज वैश्य हलवाई (मोदनवाल) समाज समिति की ओर से रविवार की रात शाश्वत वाटिका रूहट्टा में आयोजित कार्यक्रम में राधाकृष्ण की आकर्षक झांकी व शंकर-पावर्ती की होली देख सब भाव विभोर हो गए। मुख्य अतिथि एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश टंडन थे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जगन्नाथ मोदनवाल एवं संचालन सुरेश शाही ने किया। रविशंकर मोदनवाल, अभिषेक मोदनवाल, अमित दया मोदनवाल, संतोष मोदनवाल, अनूप मोदनवाल, विवेक, राम आसरे, हीरा लाल, ओम प्रकाश, ज्ञानचन्द्र मोदनवाल सहित सैकड़ों महिला, पुरूष, युवा, बच्चे आदि उपस्थित रहे। महासचिव अमरनाथ मोदनवाल ने आभार व्यक्त किया।
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ब्राह्मण चेतना समिति के तत्वाधान में रासमंडल में होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। जिसमें होली गीतों, चहका फुलारा, चैता, बेलवईया, फाग गायन हुआ। बजरंगी महराज ने बेमेल विवाह पर एक उलारा गाया। अध्यक्ष डा. रामेश्वर प्रसादर्म्रपाठी ने अबीर गुलाल लगाकर स्वागत करते हुए कहा कि लुप्त हो रही होली गीतों को परंपरा को फिर से जिवित करना और अपनी लोक संस्कृति को बचाये रखना हमारी समिति का लक्ष्य है। संचालन श्रीपति उपाध्याय ने किया। चंद्रेश मिश्र, रामकृष्ण त्रिपाठी, अशोक कुमार सिंह, अशोक मिश्र, प्रो आरएन त्रिपाठी, अरूण त्रिपाठी, अभिमन्यू राय, शिवशंकर तिवारी, गुरु गोविंद उपाध्याय, रजनीकांत द्विवेदी, राजू पंडिय आदि मौजूद रहे।
संपादक मंडल की ओर से विवाह मैरेज हाल रासमंडल में आयोजित समारोह में कवियों ने हास्य-व्यंग्य की कविताएं सुनाईं। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी और पुलिस अधीक्षक केके चैधरी भी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक ने भी कविता सुनाई। अशोक मिश्र, गिरीश कुमार, बेहोश जौनपुरी, प्रमोद वाचस्पति, आकिल जौनपुरी, अनूप सेठ, अखिलेश तिवारी अकेला, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली केके मिश्र, भुंवर लाल यादव, रविन्द्र द्विवेदी, बुद्धिसेन शर्मा, शकुंतला शुक्ला तथा प्रेमचंद विश्वकर्मा ने मुक्तक, चैता, दोहा सुनाए। बुद्धिसेन शर्मा ने कहा ‘कथरी ओढ़ कर सो गया रात अशर्फी लाल, सपने में देखा एक कटोरी दाल’ सुनाकर मंहगाई पर तंज किया। अध्यक्ष जय प्रकाश मिश्र, संगठन मंत्री विरेंद्र गुप्ता, विनीत सेठ, संगठन मंत्री छोटे राजपूत, कैलाश नाथ विश्वकर्मा, कैलाश मिश्रा, साजिद हमीद, अनिल पांडेय, अरविन्द उपाध्याय, रामजी जायसवाल, अनिल दुबे आजाद मौजूद रहे। संचालन हास्य कवि सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने किया।
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श्री कान्य कुब्ज वैश्य हलवाई (मोदनवाल) समाज समिति की ओर से रविवार की रात शाश्वत वाटिका रूहट्टा में आयोजित कार्यक्रम में राधाकृष्ण की आकर्षक झांकी व शंकर-पावर्ती की होली देख सब भाव विभोर हो गए। मुख्य अतिथि एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश टंडन थे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जगन्नाथ मोदनवाल एवं संचालन सुरेश शाही ने किया। रविशंकर मोदनवाल, अभिषेक मोदनवाल, अमित दया मोदनवाल, संतोष मोदनवाल, अनूप मोदनवाल, विवेक, राम आसरे, हीरा लाल, ओम प्रकाश, ज्ञानचन्द्र मोदनवाल सहित सैकड़ों महिला, पुरूष, युवा, बच्चे आदि उपस्थित रहे। महासचिव अमरनाथ मोदनवाल ने आभार व्यक्त किया।
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ब्राह्मण चेतना समिति के तत्वाधान में रासमंडल में होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। जिसमें होली गीतों, चहका फुलारा, चैता, बेलवईया, फाग गायन हुआ। बजरंगी महराज ने बेमेल विवाह पर एक उलारा गाया। अध्यक्ष डा. रामेश्वर प्रसादर्म्रपाठी ने अबीर गुलाल लगाकर स्वागत करते हुए कहा कि लुप्त हो रही होली गीतों को परंपरा को फिर से जिवित करना और अपनी लोक संस्कृति को बचाये रखना हमारी समिति का लक्ष्य है। संचालन श्रीपति उपाध्याय ने किया। चंद्रेश मिश्र, रामकृष्ण त्रिपाठी, अशोक कुमार सिंह, अशोक मिश्र, प्रो आरएन त्रिपाठी, अरूण त्रिपाठी, अभिमन्यू राय, शिवशंकर तिवारी, गुरु गोविंद उपाध्याय, रजनीकांत द्विवेदी, राजू पंडिय आदि मौजूद रहे।