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मनुष्य परमार्थ के कार्यों से विमुख होता जा रहा
Updated Fri, 09 Mar 2018 12:48 AM IST
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कथा वाचक डा. दिनेश त्रिपाठी ने कहा है कि आज मनुष्य भगवत चिंता छोड़कर विषय वासनाओं के चिंतन में लगा हुआ है। इसीलिए परमार्थ के कार्यों से विमुख होता जा रहा है। मनुष्य को बाह्य व आंतरिक सुन्दरता परमात्मा की कृपा से प्राप्त होती है।
शंकरगढ़ से आये कथा वाचक त्रिपाठी नगर पालिका के टाउन हाल के मैदान पर चल रहे छ: दिवसीय रामचरितमानस पाठ के दूसरे दिन कहा कि भगवान राम के जीवन आदर्श आज आत्मसात करने की आवश्यकता है। जौनपुर मानस प्रचारिणी सभा के बैनर तले आयोजित कथा में कानपुर के शिवशंकर मिश्र ने हरि अनन्त हरिकथा अनन्ता की व्याख्या करते हुये कहा कि भगवान पूरे जगत में अनन्त रूपों में विद्यमान हैं। इसी क्रम में दिनेश मिश्र दिनकर ने कहा कि रामचरितमानस ऐसा सागर है। जिसमें अनंत मोती बिखरे पड़े हैं। इस दौरान काफी भीड़ रही। कथा के अंत में आरती के साथ प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर टीडी कालेज के प्रबंधक अशोक सिंह, जगदीश चन्द्र गुप्त, जागेश्वर जी, राम आसरे साहू, राम आसरे मामाजी, सत्य प्रकाश गुप्त, अमरनाथ मोदनवाल, विनय जायसवाल, प्रेम नारायण सिंह, अमरपाल सिंह सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। मानस प्रचारिणी सभा के उपाध्यक्ष ओम प्रकाश गुप्त पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने समस्त आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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शंकरगढ़ से आये कथा वाचक त्रिपाठी नगर पालिका के टाउन हाल के मैदान पर चल रहे छ: दिवसीय रामचरितमानस पाठ के दूसरे दिन कहा कि भगवान राम के जीवन आदर्श आज आत्मसात करने की आवश्यकता है। जौनपुर मानस प्रचारिणी सभा के बैनर तले आयोजित कथा में कानपुर के शिवशंकर मिश्र ने हरि अनन्त हरिकथा अनन्ता की व्याख्या करते हुये कहा कि भगवान पूरे जगत में अनन्त रूपों में विद्यमान हैं। इसी क्रम में दिनेश मिश्र दिनकर ने कहा कि रामचरितमानस ऐसा सागर है। जिसमें अनंत मोती बिखरे पड़े हैं। इस दौरान काफी भीड़ रही। कथा के अंत में आरती के साथ प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर टीडी कालेज के प्रबंधक अशोक सिंह, जगदीश चन्द्र गुप्त, जागेश्वर जी, राम आसरे साहू, राम आसरे मामाजी, सत्य प्रकाश गुप्त, अमरनाथ मोदनवाल, विनय जायसवाल, प्रेम नारायण सिंह, अमरपाल सिंह सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। मानस प्रचारिणी सभा के उपाध्यक्ष ओम प्रकाश गुप्त पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने समस्त आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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