फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   गोमती नदी में प्रतिदिन घुलता है 50 एमएलडी कचरा

गोमती नदी में प्रतिदिन घुलता है 50 एमएलडी कचरा

Fri, 23 Feb 2018 12:36 AM IST
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:36 AM IST
विज्ञापन
गोमती नदी में प्रतिदिन घुलता है 50 एमएलडी कचरा
गोमती नदी का पानी हाथ धोने लायक भी नहीं रह गया है। शहर का सारा सीवेज सीधे गोमती में ही गिरता है। करीब 50 एमएलडी(मिलियन लीटर प्रतिदिन) से अधिक कचरा रोज नदी में घुल जा रहा है।
विज्ञापन

शहर में कलीचाबाद से लेकर रामघाट तक 21 नाले हैं। जिनके माध्यम से शहर की गंदगी सीधे गोमती नदी में गिरती है। इसमें छह बड़े नाले हैं । अकेले इन छह बड़े नालों से होकर 50 एमएलडी कचरा रोज नदी में गिरता है। जिससे गोमती नदी में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है। नदी में शाही पुल से लेकर रामघाट तक प्रदूषण का स्तर अधिक है। नदी के घाटों पर भी कचरा जमा है। शाही पुल से लेकर सद्भावना पुल और शास्त्री पुल के बीच नदी के दोनों छोर पर शैवाल जमा है। पानी का बहाव भी कम होता जा रहा है, जिससे पानी काला पड़ गया है। गोमती नदी में गिरने वाले शहर के प्रमुख नालों में कसिया नाला, पठान टोलिया नाला, दुमुहिया नाला, बलुआघाट नाला, मियांपुर नाला, जेल नाला आदि शामिल हैं। दुमुहिया नाला शहर में सबसे गंदे नालों में शुमार है। दुमुहिया नाला के आस पास गोमती नदी का टीडीएस 2340 है। जबकि मियांपुर नाला गोमती नदी में जिस स्थान पर गिरता है, वहां के आसपास का टीडीएस 1780 है। इसी प्रकार कसिया नाले के आस पास 2100, पठान टोलिया नाले के इर्द गिर्द 1920, बलुआ घाट नाले के पास 2300 और जेल नाला जहां गोमती में मिलता है, वहां के आसपास गोमती नदी का टीडीएस 2180 है।
विज्ञापन

इनसेट
स्वच्छ गोमती अभियान ने तैयार किया है प्रोजेक्ट
जौनपुर। गोमती को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए संघर्ष कर रही संस्था स्वच्छ गोमती अभियान की ओर से प्रोजेक्ट तैयार कर भारत सरकार को सौंपा गया है। आईआईटी रुड़की के पूर्व निदेशक प्रो. इंद्रमणि मिश्र व प्रो. वीएन मिश्र की देखरेख में तैयार किए गए प्रोजेक्ट में सभी नालों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का सुझाव दिया गया है। इससे गंदे नालों का पानी ट्रीटमेंट के बाद नदी में छोड़ा जाएगा। सरकार ने अगर इस प्रोजेक्ट पर अमल किया, तो नदी को प्रदूषण से मुक्त कराने के लिए शुरू किया गया अभियान काफी हद तक सफल हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
घाट समितियों को सौंपी गई है जिम्मेदारी
जौनपुर। गोमती को स्वच्छ बनाने के लिए संघर्ष कर रही संस्था स्वच्छ गोमती अभियान ने जौनपुर की सीमा में पड़ने वाले सभी घाटों पर घाट समितियां बनाई हैं। इन समितियों के माध्यम से समय समय पर घाटों पर नदी की सफाई की जाती है और नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाते हैं। इन समितियों के माध्यम से ही नदी के किनारे घाटों पर पौधरोपण भी हुए हैं।

कोट:
नालों को सीधे नदी में गिरने से रोकने के लिए जल निगम की ओर से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्ययोजना बनाकर शासन को सौंपी गई है। बजट आने पर काम शुरू किया जाएगा।
कृष्ण चंद्र
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद जौनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed