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जर्जर आवास में रहने को मजबूर हैं बिजली कर्मचारी
Updated Mon, 19 Feb 2018 12:32 AM IST
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सिकरारा। सिकरारा बिजली उपकेंद्र का आवास पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। कर्मचारी इसी आवास में रहने को मजबूर हैं। अवर अभियंता आवास तो खंडहर जैसा हो गया है।
लगभग 45 साल पहले यह उपकेंद्र स्थापित हुआ था। उस समय यहां पर जेई, लाइनमैंन यहीं पर बने सरकारी आवास में ही रहते थे। धीरे-धीरे आवास जर्जर हो गया। इसके कारण यहां के कर्मचारी नगर मुख्यालय में रहकर नौकरी करने लगे। अब तो स्थिति यह है कि यहां दो लाइन मैंन महेश चौधरी व नगेन्द्र कुमार ही किसी तरह परिवार सहित रहते हैं। शेष तीन एसएसओ सुनील कुमार, सुभाष यादव, सत्येंद्र मौर्य व कैशियर रजनीश तथा लाइन मैंन हनीफ व संजय जौनपुर रहकर ही नौकरी करते हैं। लाइनमैंन महेश ने बताया कि हमारा परिवार इन जर्जर आवासों में हमेशा भय बना रहता है। बारिश के दिनों में पूरी छत टपकती है। पूरा घर तालाब में तब्दील हो जाता है। अवर अभियंता रामाशंकर बदलापुर का भी कार्य देखते हैं।
लगभग 45 साल पहले यह उपकेंद्र स्थापित हुआ था। उस समय यहां पर जेई, लाइनमैंन यहीं पर बने सरकारी आवास में ही रहते थे। धीरे-धीरे आवास जर्जर हो गया। इसके कारण यहां के कर्मचारी नगर मुख्यालय में रहकर नौकरी करने लगे। अब तो स्थिति यह है कि यहां दो लाइन मैंन महेश चौधरी व नगेन्द्र कुमार ही किसी तरह परिवार सहित रहते हैं। शेष तीन एसएसओ सुनील कुमार, सुभाष यादव, सत्येंद्र मौर्य व कैशियर रजनीश तथा लाइन मैंन हनीफ व संजय जौनपुर रहकर ही नौकरी करते हैं। लाइनमैंन महेश ने बताया कि हमारा परिवार इन जर्जर आवासों में हमेशा भय बना रहता है। बारिश के दिनों में पूरी छत टपकती है। पूरा घर तालाब में तब्दील हो जाता है। अवर अभियंता रामाशंकर बदलापुर का भी कार्य देखते हैं।
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