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ग्रामीणों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
Updated Tue, 13 Feb 2018 12:52 AM IST
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जौनपुर। कोटेकी दुकान के चयन में धांधली होने को लेकर करंजाकला ब्लॉक के आरा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुंख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। जिसमे कोटे की दुकान का चयन फिर से कराने और चयन मे हुयी धांधली के दोषी लोगों के विरूद्घ कार्रवाई करने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा की गांव में चार हजार से भी कम कार्डधारक हैं। शासनादेश के तहत मात्र एक कोटे की दुकान होनी चाहिए, लेकिन गांव में एक कोटे की दुकान पहले से ही संचालित होने के बावजूद दूसरे कोटे की दुकान का भी चयन किया गया। साथ ही उपजिलाधिकारी द्वारा क्षेत्र व कार्ड धारकों का भी विभाजन कर दिया गया। जिसके अनुसार खाद्यान का वितरण होता रहा। कोटेदार लक्ष्मी नारायण राय द्वारा वितरण में अनियमितता किये जाने के कारण उनकी कोटे की दुकान निरस्त हो गयी। फिर से इस कोटे की दुकान का चयन होना था। इस संबंध में इसके पूर्व ही ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी से कोटे की दुकान की चयन प्रक्रिया को पारदर्शी रूप से कराने की मांग की गई थी। लेकिन कोटे की दुकान के चयन में किसी प्रकार की पारदर्शिता नहीं बरती गई और धांधली भी की गई। ज्ञापन देने वालों में ओपी राय, भानु प्रताप राय आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने कहा की गांव में चार हजार से भी कम कार्डधारक हैं। शासनादेश के तहत मात्र एक कोटे की दुकान होनी चाहिए, लेकिन गांव में एक कोटे की दुकान पहले से ही संचालित होने के बावजूद दूसरे कोटे की दुकान का भी चयन किया गया। साथ ही उपजिलाधिकारी द्वारा क्षेत्र व कार्ड धारकों का भी विभाजन कर दिया गया। जिसके अनुसार खाद्यान का वितरण होता रहा। कोटेदार लक्ष्मी नारायण राय द्वारा वितरण में अनियमितता किये जाने के कारण उनकी कोटे की दुकान निरस्त हो गयी। फिर से इस कोटे की दुकान का चयन होना था। इस संबंध में इसके पूर्व ही ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी से कोटे की दुकान की चयन प्रक्रिया को पारदर्शी रूप से कराने की मांग की गई थी। लेकिन कोटे की दुकान के चयन में किसी प्रकार की पारदर्शिता नहीं बरती गई और धांधली भी की गई। ज्ञापन देने वालों में ओपी राय, भानु प्रताप राय आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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