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10 वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका स्टेडियम का निर्माण
Updated Sun, 11 Feb 2018 12:52 AM IST
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महराजगंज । दस वर्ष बाद भी चरियाही गांव में स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। आधा-अधूरा स्टेडियम युवा कल्याण विभाग को हैंडओवर कर दिया गया। वहीं इस अधबना स्टेडियम चारागाह बना हुआ है। इससे खिलाड़ियों में नाराजगी है।
वित्तीय वर्ष 2005-2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव चरियाही गांव में आए थे। पूर्व विधायक उमाशंकर यादव की मांग पर उन्होंने गांव में स्टेडियम का निर्माण कराने की घोषणा की और वर्ष 2006 में स्टेडियम का निर्माण भी शुरू हो गया। मगर 10 वर्ष बाद भी स्टेडियम का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। अभी न तो बिजली लगी है और न ही चहारदीवारी बन पाई है। स्टेडियम में पानी के छिड़काव एवं खिलाड़ियों के स्नान तथा पेयजल सुविधा हेतु सबमर्सिबल पंप तक नहीं लगा है। स्टेडियम के स्टोर रूम में हाकी, वालीबाल, फुटबाल, बैडमिंटन के पोल रखे गए हैं, जिसे लगाया नहीं गया है। समतलीकरण तक नहीं किया गया और बड़े-बड़े गड्ढे हैं। स्टेडियम में एक पीआरडी के जवान की तैनाती हुई है। मगर स्टोर कीपर व खेल प्रशिक्षक की नियुक्ति अभी तक नहीं हो पाई है। निर्माण इकाई ने आधे अधूरे इस स्टेडियम को जुलाई 2016 में युवा कल्याण विभाग को हैंडओवर भी कर दिया है।
कोट:
स्टेडियम के निर्माण का कार्य पूरा कराने के लिए इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण पूरा किया जाएगा। निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।-विजय कुमार तिवारी, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी
वित्तीय वर्ष 2005-2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव चरियाही गांव में आए थे। पूर्व विधायक उमाशंकर यादव की मांग पर उन्होंने गांव में स्टेडियम का निर्माण कराने की घोषणा की और वर्ष 2006 में स्टेडियम का निर्माण भी शुरू हो गया। मगर 10 वर्ष बाद भी स्टेडियम का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। अभी न तो बिजली लगी है और न ही चहारदीवारी बन पाई है। स्टेडियम में पानी के छिड़काव एवं खिलाड़ियों के स्नान तथा पेयजल सुविधा हेतु सबमर्सिबल पंप तक नहीं लगा है। स्टेडियम के स्टोर रूम में हाकी, वालीबाल, फुटबाल, बैडमिंटन के पोल रखे गए हैं, जिसे लगाया नहीं गया है। समतलीकरण तक नहीं किया गया और बड़े-बड़े गड्ढे हैं। स्टेडियम में एक पीआरडी के जवान की तैनाती हुई है। मगर स्टोर कीपर व खेल प्रशिक्षक की नियुक्ति अभी तक नहीं हो पाई है। निर्माण इकाई ने आधे अधूरे इस स्टेडियम को जुलाई 2016 में युवा कल्याण विभाग को हैंडओवर भी कर दिया है।
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कोट:
स्टेडियम के निर्माण का कार्य पूरा कराने के लिए इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण पूरा किया जाएगा। निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।-विजय कुमार तिवारी, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी
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