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जांच रिपोर्ट न देने पर एसडीएम सदर से जवाब तलब
Updated Thu, 01 Feb 2018 12:40 AM IST
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जौनपुर। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के धोखाधड़ी व जालसाजी के मामले में कोर्ट के आदेश के बावजूद जांच रिपोर्ट न देने पर एसीजेएम द्वितीय ने एसडीएम सदर से जवाब तलब किया है। उनसे जांच रिपोर्ट 9 मार्च को प्रस्तुत करने को कहा गया है। खुटहन निवासी मोहम्मद अजीज का आरोप है कि आरोपी अब्दुल्लाह आदि ने कलेक्ट्री कचहरी में जालसाजी व कूट रचना करके उसकी आराजी का बैनामा कराया है जबकि मालिक व काबिज वादी ही है। कोर्ट ने वादी के बयान के बाद एसडीएम सदर को मामले की जांच का आदेश दिया था लेकिन उन्होंने आदेश का पालन नहीं किया।
दुष्कर्मी को सात साल रहना होगा जेल में
जौनपुर। बदलापुर थाना क्षेत्र निवासी युवती का अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोपी को मंगलवार को खुले न्यायालय में दोषी करार देते हुए अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम बलराज सिंह ने सात वर्ष कारावास व 15 हजार 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार सुनील कुमार व उसका परिवार वादी से ईर्ष्या करता था। 22 मार्च 2010 को 7:30 बजे शाम शौच के लिए गई वादी की पुत्री को नशीला पदार्थ सुंघाकर सुनील अपने सहयोगियों के साथ अपहरण कर ले गया। सुल्तानपुर में लड़की को होश आया। उसने शोर मचाना चाहा तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। उसे विभिन्न जिलों में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद इलाहाबाद ले जाकर उसे छोड़ दिया। पीड़िता ने अपने भाई को फोन कर इसकी सूचना दी। भाई आकर उसे घर ले गया। पुलिस ने विवेचना कर आरोपी सुनील के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। एडीजीसी एसएमयू के हसन सिद्दीकी एवं विजय नारायण सिंह ने गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सुनील को अपहरण व दुष्कर्म का दोषी पाते हुए सजा सुनाया।
दुष्कर्मी को सात साल रहना होगा जेल में
जौनपुर। बदलापुर थाना क्षेत्र निवासी युवती का अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोपी को मंगलवार को खुले न्यायालय में दोषी करार देते हुए अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम बलराज सिंह ने सात वर्ष कारावास व 15 हजार 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अभियोजन के अनुसार सुनील कुमार व उसका परिवार वादी से ईर्ष्या करता था। 22 मार्च 2010 को 7:30 बजे शाम शौच के लिए गई वादी की पुत्री को नशीला पदार्थ सुंघाकर सुनील अपने सहयोगियों के साथ अपहरण कर ले गया। सुल्तानपुर में लड़की को होश आया। उसने शोर मचाना चाहा तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। उसे विभिन्न जिलों में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद इलाहाबाद ले जाकर उसे छोड़ दिया। पीड़िता ने अपने भाई को फोन कर इसकी सूचना दी। भाई आकर उसे घर ले गया। पुलिस ने विवेचना कर आरोपी सुनील के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। एडीजीसी एसएमयू के हसन सिद्दीकी एवं विजय नारायण सिंह ने गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सुनील को अपहरण व दुष्कर्म का दोषी पाते हुए सजा सुनाया।
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