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सहकारी समितियों के गोदाम खाली, नहीं मिल रही यूरिया
Updated Mon, 29 Jan 2018 12:40 AM IST
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जौनपुर। पिछले कई वर्षों से मौसम की मार झेल रहे किसान अब यूरिया न मिलने से सांसत में हैं। जिले के अधिकतर सहकारी समितियों के गोदाम खाली पड़े हैं। जबकि इस वक्त गेहूं की फसल में यूरिया का छिड़काव का समय चल रहा है। परेशान किसान बाजार से महंगे दर पर अविश्वसनीय उर्वरक खरीदने को विवश हैं। साधन सहकारी समितियों से क िसान मायूस लौट रहे हैं।
इस वर्ष जिले में 200560 हेक्टेयर एरिया में रबी की फसलों की बुवाई की गई है। जिसमें से करीब सवा लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई की गई है। इस वक्त गेहूं की फसल की दूसरी सिंचाई का समय चल रहा है। सिंचाई से पहले गेहूं में यूरिया का छिड़काव करते हैं। लेकिन इस ऐन मौके पुर समितियों से यूरिया गायब है। जिले में 216 साधन सहकारी समितियां हैं। जहां से किसानों को सस्ते दर पर विश्वसनीय उर्वरक उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन मजबूरी में किसान बाजार से महंगे दाम पर यूरिया बाजार से खरीदने को विवश हो रहे हैं। बक्शा के किसान हरिसेवक यादव कहते हैं कि साधन सहकारी समिति से जो यूरिया 3340 रू पये में मिलती है उसी कंपनी की यूरिया बाजार में 370 से 380 रूपये में बिक रही है। मजबूरी में बाजार से यूरिया खरीदना पड़ा है। बक्शा के करतिहा गांव के किसान राजकुमार का कहना है कि बाजार से यूरिया खरीदने के लिए एक तो अधिक पैसा चुकाना पड़ रहा दूसरे उर्वरक भी विश्वसनीय नहीं है। किसान रामजाराज का कहना है कि तीन दिनों तक समिति का चक्कर लगाने के बाद भी यूरिया नहीं मिली तो बाजार से खरीदना पड़ा है। किसानों की यह परेशानी महज बानगी भर है। तमाम गांवों के किसान समिति पर यूरिया न मिलने से परेशान हैं।
कोट:
तीन हजार मीट्रिक टन यूरिया की रैक जिले के मुख्य गोदाम पर आ चुकी है। यूरिया की आपूर्ति भी समितियों पर शुरू करा दी गई। शीध्र ही सभी समितियों पर यूरिया उपलब्ध हो जाएगी।
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गणेश गुप्ता
एआर कोआपरेटिव जौनपुर।
इस वर्ष जिले में 200560 हेक्टेयर एरिया में रबी की फसलों की बुवाई की गई है। जिसमें से करीब सवा लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई की गई है। इस वक्त गेहूं की फसल की दूसरी सिंचाई का समय चल रहा है। सिंचाई से पहले गेहूं में यूरिया का छिड़काव करते हैं। लेकिन इस ऐन मौके पुर समितियों से यूरिया गायब है। जिले में 216 साधन सहकारी समितियां हैं। जहां से किसानों को सस्ते दर पर विश्वसनीय उर्वरक उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन मजबूरी में किसान बाजार से महंगे दाम पर यूरिया बाजार से खरीदने को विवश हो रहे हैं। बक्शा के किसान हरिसेवक यादव कहते हैं कि साधन सहकारी समिति से जो यूरिया 3340 रू पये में मिलती है उसी कंपनी की यूरिया बाजार में 370 से 380 रूपये में बिक रही है। मजबूरी में बाजार से यूरिया खरीदना पड़ा है। बक्शा के करतिहा गांव के किसान राजकुमार का कहना है कि बाजार से यूरिया खरीदने के लिए एक तो अधिक पैसा चुकाना पड़ रहा दूसरे उर्वरक भी विश्वसनीय नहीं है। किसान रामजाराज का कहना है कि तीन दिनों तक समिति का चक्कर लगाने के बाद भी यूरिया नहीं मिली तो बाजार से खरीदना पड़ा है। किसानों की यह परेशानी महज बानगी भर है। तमाम गांवों के किसान समिति पर यूरिया न मिलने से परेशान हैं।
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कोट:
तीन हजार मीट्रिक टन यूरिया की रैक जिले के मुख्य गोदाम पर आ चुकी है। यूरिया की आपूर्ति भी समितियों पर शुरू करा दी गई। शीध्र ही सभी समितियों पर यूरिया उपलब्ध हो जाएगी।
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गणेश गुप्ता
एआर कोआपरेटिव जौनपुर।